देहरादून में (Dehradun) एलपीजी गैस की कालाबाजारी, अवैध संग्रहण और घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग पर अब कड़ी कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी सविन बंसल ने चेतावनी दी है कि अगर किसी ने एलपीजी की कालाबाजारी की कोशिश की तो उसे सीधा जेल भेजा जाएगा।
अधिकारियों के साथ बैठक के बाद दिए निर्देश
गुरुवार को देहरादून कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ने तेल कंपनियों और गैस एजेंसी संचालकों को सख्त निर्देश दिए कि गैस वितरण में किसी भी तरह की अनियमितता, अवैध स्टॉक, बिचौलियों की संलिप्तता या अवैध रिफिलिंग मिलने पर संबंधित गैस एजेंसी को सील किया जाएगा। डीएम सविन बंसल ने साफ किया है कि ऐसे मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मुकदमा दर्ज कर दोषियों को सीधे जेल भेजा जाएगा।
प्रशासन ने जारी किया Helpline no.
डीएम के निर्देश पर एलपीजी गैस से जुड़ी शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। नागरिक 1077, 0135-2626066, 0135-2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। एडीएम के निर्देशन में जिला पूर्ति अधिकारी और तेल कंपनियों के प्रतिनिधि प्रतिदिन एक घंटे कंट्रोल रूम में बैठकर शिकायतों और सोशल मीडिया इनपुट का निस्तारण करेंगे।बैठक में बताया गया कि एक बार गैस बुकिंग के बाद 25 दिन का लॉक-इन समय रहेगा और इसके बाद ही दूसरी बुकिंग संभव होगी। डीएम ने एजेंसियों को उपभोक्ताओं को बल्क एसएमएस और फ्लेक्सी के माध्यम से इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए।
डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को पुलिस अधिकारियों और पूर्ति निरीक्षकों के साथ गैस एजेंसियों पर छापेमारी करने के निर्देश भी दिए हैं। जिले की सभी 72 गैस एजेंसियों के गोदाम प्रशासन की निगरानी में रखे गए हैं।
जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि गैस को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और समस्या होने पर कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिले में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
