Rescue Operations: रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी में तबाही पर प्रशासन ने यूं संभाला है मोर्चा

Rescue Operations Of Cloud Burst: उत्तराखंड में एक बार फिर भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने कहर बरपाया है। इस बार रुद्रप्रयाग, चमोली, और टिहरी जिलों के कुछ हिस्सों में बादल फटने से राज्य प्रशासन ने तत्काल और व्यापक प्रतिक्रिया शुरू कर दी है।

आपदा का केंद्र और Rescue Operations

बादल फटने की ये घटनाएं गुरुवार देर रात से शुक्रवार की सुबह तक हुईं। रुद्रप्रयाग में बसुकेदार तहसील के बड़ेथ डुंगर तोक और चमोली जिले के देवल गांव में बादल फटने की सूचना मिली है। इन घटनाओं के कारण भारी नुकसान हुआ है, जिसके बाद तत्काल बचाव और राहत अभियान शुरू कर दिए गए हैं।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचकर पीड़ितों को सहायता पहुँचाने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तेजी से Rescue Operations पर काम कर रही हैं।

चमोली में बादल फटने की घटना में कम से कम दो लोग लापता हैं और बड़ी संख्या में मवेशी मलबे में दब गए हैं। रुद्रप्रयाग में एक महिला की मौत हो गई है, जबकि प्रभावित गांवों में कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।

जैसे ही बादल फटने की जानकारी मिली, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों से बात की और राहत तथा बचाव कार्यों को ( Rescue Operations) तुरंत तेज करने के निर्देश दिए।

जान-माल का नुकसान

उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं ने कहर बरपाया है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। चमोली जिले में कम से कम दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, मलबे की चपेट में आने से बड़ी संख्या में मवेशी भी दब गए हैं, जिससे स्थानीय पशुपालकों को भारी क्षति पहुँची है।

रुद्रप्रयाग जिले में भी स्थिति गंभीर है, जहाँ एक महिला की मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा, कई गाँवों में कई अन्य लोग भी लापता हैं, जिनकी तलाश में बचाव दल जुटे हुए हैं।

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मुख्यमंत्री ने दिए त्वरित कार्यवाही के निर्देश

आपदा की सूचना मिलते ही, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों से फोन पर बात की और राहत एवं बचाव कार्यों को ( Rescue Operations) युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बचाव कार्यों में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए और प्रभावित लोगों तक त्वरित सहायता पहुँचाई जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोर देकर कहा कि प्रभावित निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। Rescue Operations को लेकर उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सड़क, बिजली और पेयजल आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं को बिना किसी हिचकिचाहट के बहाल किया जाए।

अपने आवास पर आयोजित एक उच्च-स्तरीय आपदा प्रबंधन बैठक ( Rescue Operations) में, मुख्यमंत्री धामी ने पूरे मानसून सीजन के दौरान प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित परिवारों को सभी आवश्यक संसाधन और मुआवजा तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा।

रुद्रप्रयाग में भारी नुकसान

बादल फटने से रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार क्षेत्र में मलबे के प्रवाह के कारण बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा ने पूरे इलाके में तबाही मचा दी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल Rescue Operations की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला स्तरीय अधिकारियों को घटनास्थल पर भेजा गया है और आपदा नियंत्रण कक्ष से बचाव कार्यों का समन्वय किया जा रहा है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की टीमें अवरुद्ध रास्तों को साफ करने में जुटी हुई हैं। इसके अलावा, बचाव दलों को अलग-थलग पड़े गाँवों तक पहुँचने के लिए वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है, ताकि पीड़ितों तक जल्द से जल्द मदद पहुँचाई जा सके।

राहत और बचाव टीमें, जिनमें राष्ट्रीय और राज्य आपदा राहत बल, स्थानीय पुलिस और राजस्व अधिकारी शामिल हैं, Rescue Operations के तहत घटनास्थल पर मौजूद हैं और पीड़ितों को निकालने और उनकी सहायता करने के लिए प्रयासरत हैं।

सरकार द्वारा जारी आपदा के जमीनी स्तर के प्रभाव का विवरण इस प्रकार है:

  1. स्यूर: एक मकान क्षतिग्रस्त हुआ है और एक वाहन बह गया है।
  2. बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी: गाँवों के दोनों ओर के गदेरों (छोटी नदियों) में पानी और मलबा भर गया है।
  3. किमाणा: बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा कृषि भूमि और सड़कों को प्रभावित कर रहे हैं।
  4. अरखुंड: मछली पालन और मुर्गी पालन का फार्म बह गया है।
  5. छेनागाड़ (बाजार क्षेत्र): बाजार में मलबा भर गया है और कई वाहन बह गए हैं।
  6. छेनागाड़ डुगर, जौला बड़ेथ: लोगों के लापता होने की सूचना मिली है; तलाश जारी है।

वर्तमान स्थिति और चेतावनी

शुक्रवार की सुबह, अधिकारियों ने अगले कुछ घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी चंपावत, नैनीताल, और उधम सिंह नगर के देवीधुरा, सवाल, मंच, टनकपुर, बनबसा, खटीमा, और पंचेश्वर सहित आसपास के क्षेत्रों में अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका को लेकर है।

इसी बीच, पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर में अलकनंदा नदी का जलस्तर सामान्य स्तर से ऊपर बह रहा है और लगातार बढ़ रहा है, जिससे नदी के किनारे बसी बस्तियों के लिए अतिरिक्त खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन लोगों को सुरक्षित रहने और नदी से दूर रहने की सलाह दे रहा है।

Alka Tiwari

अलका तिवारी पिछले तकरीबन बीस वर्षों से पत्रकारिता से जुड़ी हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ ही अलका तिवारी प्रिंट मीडिया में भी लंबा अनुभव रखती हैं। बदलते दौर में अलका अब डिजिटल मीडिया के साथ हैं और खबरदेवभूमि.कॉम में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

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