रुद्रप्रयाग के DM Prateek Jain ने आज आपदा से प्रभावित तालजामण क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम के साथ दुर्गम और कठिन रास्तों से होते हुए ग्राउंड ज़ीरो तक पहुँचकर हालात का जायजा लिया। इस दौरान उनका मुख्य उद्देश्य प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुँचाना और पुनर्वास की योजना बनाना था।
DM Prateek Jain ने किया ग्रामीणों से सीधा संवाद और राहत शिविर का निरीक्षण
मौके पर पहुँचकर DM Prateek Jain ने सबसे पहले ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने उनकी समस्याओं और जरूरतों को गंभीरता से सुना। इसके बाद, उन्होंने राजकीय प्राथमिक विद्यालय, तालजामण में स्थापित राहत शिविर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि शिविर में खाद्यान्न, दूध और अन्य जरूरी सामानों की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। बच्चों और प्रभावित लोगों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
स्वास्थ्य और पशुधन पर विशेष ध्यान
आपदा के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए, DM Prateek Jain ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि डॉक्टरों की टीम लगातार मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने स्वयं राहत शिविर में रात्रि विश्राम करने का फैसला लिया, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर निगरानी हो सके। इसके अलावा, उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को मवेशियों के नुकसान का आकलन करने और घायल मवेशियों के इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश भी दिया।
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DM Prateek Jain ने गठित की 5 टीमें
आपदा से हुई भौतिक क्षति का विस्तृत आकलन करने के लिए, DM Prateek Jain ने पाँच टीमों के गठन का आदेश दिया है। इन टीमों में इंजीनियर, पटवारी, कानूनगो और तहसील स्तरीय अधिकारी शामिल होंगे। ये टीमें जल्द ही क्षेत्र का सर्वेक्षण करेंगी और क्षति की पूरी रिपोर्ट तैयार करके प्रशासन को सौंपेंगी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता- DM Prateek Jain
DM Prateek Jain ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत पहुँचाना और पुनर्वास की ठोस कार्ययोजना पर काम करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” इस दौरान विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।