देव डोली के लिए भीड़ ने तोड़ा खेल मैदान का गेट, प्रशासन ने 52 व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा

रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि में मुनि महाराज की डोली ले जाने के दौरान विवाद हो गया। हालात ये हुए कि खेल मैदान के प्रवेश द्वार को तोड़ना पड़ गया। उधर स्थानीय प्रशासन ने इस मामले में सरकारी संपत्तित को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 52 व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।

मुनि महाराज की डोली ले जाने के दौरान हुआ हंगामा

दरअसल ये पूरा वाक्या उस समय शुरू हुआ जब मुनि महाराज की डोली को खेल मैदान में प्रवेश कराने के लिए भक्त पहुंचे। डोली ने प्रवेश द्वार के छज्जे के नीचे से जाने से मना कर दिया। डोली आगे बढ़ी ही नहीं। इसके बाद वहां हंगामा शुरू हो गया। लोगों ने प्रवेश द्वार पर बने छज्जे को तोड़ने की मांग की। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस के साथ काफी देर तक बातचीत होती रही। प्रशासनिक अधिकारी पहले से तय दो अन्य वैकल्पिक मार्गों से डोली को प्रवेश कराने की बात करते रहे। अधिकारियों ने प्रवेश द्वार तोड़ने से मना कर दिया।

लोगों ने खुद तोड़ दिया गेट, देखते रहे अधिकारी

हालांकि कई घंटों की बातचीत और हंगामे के बाद भी कोई हल नहीं निकला तो स्थानीय लोगों में से कुछ लोग द्वार पर चढ़ गए और गेट को तोड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस फोर्स वहीं खड़ी रही और सब देखती रही। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान केदारनाथ हाईवे पर भी लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। बार बार अफरातफरी मचती रही। द्वार तोड़े जाने के बाद डोली मैदान में प्रवेश कर गई।

डीएम प्रतीक जैन हुए नाराज, मुकदमा दर्ज

इस पूरे हंगामे के बाद जिलाधिकारी प्रतीक जैन भी मौके पर पहुंचे और हालात का जाएजा लिया। गेट तोड़े जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई। डीएम ने कहा कि धर्म की आड़ में किसी भी प्रकार की अराजकता, हिंसा अथवा अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को चिन्हित कर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने त्रिभुवन चौहान, अनिल बैजवाल, राजेश बैजवाल सहित कुल 52 व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 127, धारा 191(2), धारा 61, धारा 285 के साथ लोक संपत्ति को नुकसानी का निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।

DM बोले, कुछ लोगों ने फैलाई अराजकता

इस पूरी घटना के बाद डीएम प्रतीक जैन खासे नाराज नजर आए। उन्होंने कहा कि, अगस्त्यमुनि नगर में महर्षि अगस्त्य मुनि महाराज की ऐतिहासिक एवं पारंपरिक देवरा यात्रा के सफल, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित संचालन हेतु जिला प्रशासन द्वारा पूर्व से ही समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। प्रशासन द्वारा मुनि महाराज की डोली को महर्षि अगस्त्य मंदिर से अगस्त्यमुनि सैंण स्थित गद्दीस्थल तक विधिवत एवं परंपरागत मार्ग से प्रवेश कराने के लिए समय रहते सभी प्रबंध पूर्ण कर लिए गए थे।

इसी दौरान कुछ अराजक तत्वों द्वारा धार्मिक परंपरा की आड़ लेकर जानबूझकर अव्यवस्था उत्पन्न करने का प्रयास किया गया। इन तत्वों द्वारा क्रीड़ा भवन के मुख्य द्वार को तोड़ दिया गया, जिससे न केवल सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंची बल्कि नेशनल हाईवे-107 पर लगभग तीन से चार घंटे तक आवागमन बाधित रहा। इस कारण स्थानीय नागरिकों, यात्रियों एवं पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

इनके विरुद्ध दर्ज हुआ मुकदमा

(1) त्रिभुवन चौहान पुत्र कुलदीप सिह निवासी देवर थाना गुप्तकाशी जनपद रूद्रप्रयाग
(2) अनिल बैजवाल पुत्र चक्रधर बैजवाल निवासी नाकोट अगस्त्यमुनि
(3) राजेश बैजवाल पुत्र भगवती प्रसाद निवासी उपरोक्त
(4) योगेश बैजवाल पुत्र अनुसुइया प्रसाद बैजवाल निवासी उपरोक्त
(5) शेखप नौटियाल पुत्र अनुसुइया प्रसाद नौटियाल निवासी सिल्ला बामण गांव अगस्त्यमुनि
(6) भानु चमोला पुत्र अज्ञात निवासी तिलवाडा अगस्त्यमुनि
(7) मिथुन सब्जी वाला निवासी अगस्त्यमुनि
(8) मकर लाल पुत्र अज्ञात निवसी फलई अगस्त्यमुनि
(9) हैप्पी असवाल पुत्र अज्ञात निवासी तिलवाडा अगस्त्यमुनि
(10) विपिन रावत पुत्र अज्ञात निवासी जखन्याल गांव अगस्त्यमुनि
(11) केशव अग्रवाल पुत्र अज्ञात निवासी जखन्याल गांव अगस्त्यमुनि
(12) प्रियाशु मोहन पुत्र अज्ञात निवासी तिलवाडा अगस्तयमुनि एंव 40 अन्य लोग

Alka Tiwari

अलका तिवारी पिछले तकरीबन बीस वर्षों से पत्रकारिता से जुड़ी हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ ही अलका तिवारी प्रिंट मीडिया में भी लंबा अनुभव रखती हैं। बदलते दौर में अलका अब डिजिटल मीडिया के साथ हैं और खबरदेवभूमि.कॉम में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

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