Home राज्य उत्तराखंड टिहरी में अवैध निर्माण पर सख्ती, अभियंताओं के बदले कार्यक्षेत्र; 55 सील...

टिहरी में अवैध निर्माण पर सख्ती, अभियंताओं के बदले कार्यक्षेत्र; 55 सील भवनों की निगरानी तेज

0
dp singh tihari

टिहरी। उत्तराखंड के टिहरी जिले में अवैध निर्माण के खिलाफ जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण ने सख्ती बढ़ा दी है। अब अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के साथ उनकी निगरानी करने वाले अभियंताओं की जवाबदेही भी तय की जा रही है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डीपी सिंह ने लंबे समय से एक ही जिम्मेदारी संभाल रहे अवर अभियंताओं के कार्यक्षेत्र और दायित्वों में बदलाव किया है। वहीं, अवैध निर्माणों पर रोक लगाने और सील किए गए भवनों में दोबारा निर्माण कार्य शुरू न होने देने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राधिकरण की उपलब्ध समेकित सूची के अनुसार, जिले में कुल 55 सील भवन दर्ज हैं। इनमें तपोवन में सबसे अधिक 38 भवन शामिल हैं। इसके अलावा कैम्पटी में नौ, चंबा में चार और मुनिकीरेती में चार भवन सील किए गए हैं।

शिकायतों के बाद अभियंताओं के दायित्वों में बदलाव

जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माणों पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बदलाव किए हैं। उपाध्यक्ष डीपी सिंह ने लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनात अवर अभियंताओं के कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियों में परिवर्तन किया है। जिन अभियंताओं के संबंध में शिकायतें प्राप्त हुईं, उनके कार्यक्षेत्र और कार्यदायित्वों में भी बदलाव किया गया है।

प्राप्त विवरण के मुताबिक, प्रशासनिक बदलाव के बाद चिह्नित स्थानों पर चल रहे अवैध निर्माण कार्यों को रुकवाया गया है। प्राधिकरण की ओर से सहायक अभियंताओं और अवर अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करने तथा निर्माण गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

55 सील भवनों में तपोवन सबसे आगे

प्राधिकरण की उपलब्ध समेकित सूची में दर्ज 55 सील भवनों का क्षेत्रवार विवरण इस प्रकार है:

  • तपोवन: 38 भवन
  • कैम्पटी: 9 भवन
  • चंबा: 4 भवन
  • मुनिकीरेती: 4 भवन

इन आंकड़ों के अनुसार, समेकित सूची में दर्ज कुल सील भवनों में तपोवन की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। प्राधिकरण के सामने अब इन भवनों की सीलिंग बनाए रखने और किसी भी तरह के दोबारा निर्माण को रोकने की चुनौती है।

जून से अक्टूबर तक 81 नोटिस का उल्लेख

जून से अक्टूबर 2026 की अलग अवधि वाली प्रविष्टियों के अनुसार, चंबा में एक सीलिंग और तपोवन में दो री-सीलिंग दर्ज की गई हैं। इसी अवधि में 81 नोटिस जारी किए जाने का भी उल्लेख है।

यह अवधि-विशेष का विवरण है, जबकि 55 सील भवनों का आंकड़ा उपलब्ध समेकित सूची से संबंधित है। दोनों आंकड़े अलग-अलग अभिलेखीय विवरणों पर आधारित हैं।

सील भवनों पर ड्रोन से भी निगरानी

प्राधिकरण ने सील किए गए भवनों में दोबारा निर्माण कार्य शुरू होने की आशंका को गंभीरता से लिया है। निर्देश दिए गए हैं कि सीलिंग के बाद संबंधित भवन में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होना चाहिए। प्राप्त विवरण के अनुसार, अवैध और सील किए गए निर्माणों की निगरानी में ड्रोन की मदद भी ली जा रही है।

इसके साथ ही सहायक अभियंताओं और अवर अभियंताओं को मौके पर जाकर नियमित निगरानी करने को कहा गया है। अवैध निर्माण के मामलों में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here