सचिवालय में आज मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में Birth and Death registration से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में राज्य स्तरीय अन्तर्विभागीय समन्वय समिति के सदस्यों ने भाग लिया। मुख्य सचिव ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण की मौजूदा प्रक्रिया और उसमें आने वाली समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। उनका मुख्य जोर प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर था।
पंजीकरण की समय-सीमा और डिजिटलीकरण पर जोर
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि Birth and Death registration निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि Birth and Death registration से संबंधित पुराने दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जाना चाहिए, ताकि रिकॉर्ड को सुरक्षित रखा जा सके और जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से ढूंढा जा सके। इसके अलावा, उन्होंने रजिस्ट्रार कार्यालयों के बाहर एक सूचना पट लगाने का निर्देश दिया, जिस पर कार्यालय से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो।
जिला स्तरीय समन्वय समिति की सक्रियता सुनिश्चित
बैठक में यह भी तय किया गया कि जिला स्तर पर जिला रजिस्ट्रार या जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) की बैठक साल में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। यह कदम जिला स्तर पर Birth and Death registration प्रक्रिया की निगरानी और समन्वय को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
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फर्जी पोर्टल पर लगाम लगाने के निर्देश
एक और महत्वपूर्ण मुद्दा जो बैठक में उठाया गया, वह था फर्जी पोर्टल/वेबसाइटों के माध्यम से होने वाला Birth and Death registratio. मुख्य सचिव ने इस तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ-साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस पहल का उद्देश्य जनता को इन फर्जी वेबसाइटों के प्रति जागरूक करना और उन्हें धोखा खाने से बचाना है।
बैठक में सचिव रविनाथ रामन, डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव, अपर सचिव रंजना राजगुरू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।