CM Dhami ने रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी जिलों के कुछ हिस्सों में बादल फटने की घटनाओं पर तुरंत संज्ञान लिया है। उन्होंने तत्काल इन जिलों के जिलाधिकारियों से फोन पर बात कर राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रभावित लोगों को बिना किसी देरी के सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाए, ताकि जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
उच्चस्तरीय बैठक और CM Dhami के निर्देश
शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में आपदा प्रबंधन की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए:
- तत्काल मूलभूत सुविधाएं: प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं की बहाली को प्राथमिकता दी जाए। यदि ये सेवाएं बाधित हुई हैं, तो उन्हें तुरंत ठीक किया जाए।
- वर्चुअल समीक्षा: मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी के जिलाधिकारियों से सीधे बात की। उन्होंने उनसे बादल फटने की घटनाओं और चल रहे राहत कार्यों का विस्तृत ब्यौरा लिया।
- आपदा राहत कार्यों में तेजी: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में और अधिक तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि हर प्रभावित व्यक्ति तक मदद पहुँच सके।
भविष्य की तैयारियों पर जोर
CM Dhami ने केवल वर्तमान आपदा पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि पूरे मानसून सीजन के लिए अलर्ट रहने का निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहना चाहिए। CM Dhami ने जिलाधिकारियों को यह भी आश्वासन दिया कि आपदा राहत कार्यों के लिए जो भी संसाधन और सुविधाएं जरूरी होंगी, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, CM Dhami ने एक और महत्वपूर्ण निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा जल्द से जल्द दिया जाए। इससे पीड़ितों को आर्थिक सहायता मिलेगी और वे दोबारा से अपना जीवन शुरू कर पाएंगे।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जिनमें प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए. पी. अंशुमान, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, और विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते शामिल थे। सभी अधिकारियों ने मिलकर आपदा की स्थिति और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की।