Education Department ने उत्तराखंड में कार्मिकों के तबादलों को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। यह आदेश उच्च शिक्षा अनुभाग-4 के तहत जारी किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।
2025 के लिए Education Department में तबादले की अब कोई नई प्रक्रिया नहीं
उच्च शिक्षा अनुभाग-4 के शासनादेश संख्या 287698, दिनांक 01.04.2025 के संदर्भ में यह निर्णय लिया गया है कि 2025 के लिए स्थानांतरण की कोई नई प्रक्रिया शुरू नहीं होगी। यह आदेश उन सभी कर्मचारियों पर लागू होगा जो बाहरी सेवाओं, प्रतिनियुक्ति, या सेवा स्थानांतरण के तहत पिछले 05 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत हैं।
बता दें कि उत्तराखंड सरकार ने 2025 तक बाहरी सेवा, प्रतिनियुक्ति, और सेवा स्थानांतरण को रोकने का निर्णय लिया है।
कई बार आदेश के बावजूद मूल कार्यस्थल पर नहीं पहुंचते कर्मचारी
Education Department ने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि ऐसा देखने में आया है कि कई मामलों में कर्मचारियों का बाहरी सेवाओं, प्रतिनियुक्ति, या सेवा स्थानांतरण के आदेशों के बावजूद वे अपने मूल कार्यस्थल पर वापस नहीं लौटते। इस वजह से कार्यालयों में स्टाफ की कमी हो जाती है।
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5 साल से अधिक सेवा वाले कर्मचारी मूल विभाग में जाएंगे वापस
Education Department शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन कर्मचारियों का बाहरी सेवा, प्रतिनियुक्ति, या सेवा स्थानांतरण की अवधि 05 वर्ष या उससे अधिक हो गई है, उन्हें तत्काल प्रभाव से मूल विभाग में वापस भेजा जाए। सभी संबंधित अधिकारियों को ऐसे कर्मचारियों की बाह्य सेवा को समाप्त कर, उन्हें 01 सप्ताह के भीतर उनके मूल विभाग में कार्यभार ग्रहण कराने के आदेश दिए गए हैं।
अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि वे इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और शासन को इस संबंध में अवगत कराएं।
आदेश जारी करने वाले अधिकारी
डॉ. रणजीत कुमार सिन्हा, सचिव, उत्तराखंड शासन, के द्वारा एक पत्र जारी किया गया है। पत्र की एक प्रतिलिपि समस्त राज्य विश्वविद्यालय, उच्च शिक्षा विभाग, और निदेशक, उच्च शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री के निजी सचिवों को भी इस निर्णय से अवगत कराया गया है। यह फैसला राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और कार्यस्थलों पर स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए लिया गया है।