Nainital: किडनैप किए गए नैनीताल जिला पंचायत सदस्यों के वीडियो से मचा बवाल, बोले ‘हम अपनी मर्जी से घूमने आए हैं’

Nainital: नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर चल रही राजनीतिक उठापटक में एक नया मोड़ आ गया है। इस दौरान किडनैप किए गए सदस्यों के वीडियो ने हंगामा मचा दिया है, जिसमें वे खुद ही बता रहे हैं कि वे अपनी मर्जी से घूमने आए हैं।

वीडियो में सभी 5 जिला पंचायत सदस्य सोफे पर बैठे दिख रहे हैं। वीडियो आने के बाद मामला पूरी तरह बदल गया है। बीते दिन मामले में कांग्रेस नेता यशपाल आर्या, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने एसपी सिटी का घेराव किया था और कांग्रेस महिला सदस्यों ने SSP के सामने ज़बरदस्त प्रदर्शन भी किया था।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, Nainital जिला पंचायत में अध्यक्ष पद के लिए 12 सितंबर को चुनाव होने हैं। इस चुनाव में अध्यक्ष पद पर कब्जा करने के लिए राजनीतिक पार्टियां अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं। इसी खींचतान के बीच, जिला पंचायत के कुछ सदस्यों के किडनैप होने की खबर सामने आई थी। उनके परिजनों ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई थी, जिसके बाद हड़कंप मच गया था।

Nainital: वायरल वीडियो ने मचाया हंगामा

Nainital पंचायत चुनाव के इस मामले में तब नया मोड़ आया, जब किडनैप हुए सदस्यों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में किडनैप हुए सदस्य खुद ही बता रहे हैं कि उनका अपहरण नहीं हुआ है, बल्कि वे अपनी मर्जी से घूमने आए हैं। इस वीडियो में सभी सदस्य एक साथ बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं।

Nainital के सभी 5 जिला पंचायत सदस्य वीडियो में कह रहे हैं, "हम अपनी मर्जी से घूमने आए हैं, हमारा किसी ने अपहरण नहीं किया है। हम सभी लोग चुनाव की वजह से बहुत परेशान थे, इसलिए हम यहां पर घूमने आए हैं।"

वीडियो ने उठाए सवाल

इस वीडियो के सामने आने के बाद से कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि अगर सदस्यों का अपहरण नहीं हुआ था, तो उनके परिजन क्यों पुलिस में शिकायत दर्ज करवा रहे थे? और अगर अपहरण हुआ था, तो सदस्य वीडियो में क्यों अपहरण की बात से इनकार कर रहे हैं?

इस मामले में पुलिस भी उलझ गई है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब इस वीडियो ने पुलिस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या सदस्य किसी के दबाव में तो नहीं हैं?

सियासी गलियारों में हलचल

इस पूरे मामले को लेकर सियासी गलियारों में भी हलचल मची हुई है। विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर आरोप लगाया है कि वे सत्ता का दुरुपयोग कर सदस्यों को डरा-धमका रहे हैं। वहीं, सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

इस मामले में अब यह देखना बाकी है कि पुलिस जांच में क्या खुलासा होता है। इस मामले में खुलासा होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि सदस्य अपनी मर्जी से घूमने गए थे या उन्हें अगवा किया गया था।

बीजेपी नेताओं पर दर्ज हुई एफआईआर

मामले हाईकोर्ट में पहुंचने के बाद पुलिस ने 11 नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी पुष्पा नेगी, सदस्य जीशान्त कुमार व 2 सदस्यों के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने 4 मुकदमें दर्ज किए हैं। इसमें बीजेपी जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, भाजपा प्रत्याशी पति आनंद दर्मवाल आदि शामिल हैं।

Nainital हाईकोर्ट ने नतीजों पर लगाई रोक, दोबारा होंगे चुनाव

किडनैप के बाद कांग्रेस ने कई घंटे हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद चुनाव का बहिष्कार किया था। इसके बाद वह हाईकोर्ट पहुंच गए। Nainital हाईकोर्ट ने जिला पंचायत अध्यक्ष के नतीजे पर भी रोक लगा दी है। कोर्ट ने दोबारा चुनाव कराने का आदेश दिया है। साथ ही मामले में 18 अगस्त को अगली सुनवाई होनी है।

Alka Tiwari

अलका तिवारी पिछले तकरीबन बीस वर्षों से पत्रकारिता से जुड़ी हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ ही अलका तिवारी प्रिंट मीडिया में भी लंबा अनुभव रखती हैं। बदलते दौर में अलका अब डिजिटल मीडिया के साथ हैं और खबरदेवभूमि.कॉम में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

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