Tharali Rescue Update: थराली में पुलिस का रेस्क्यू अभियान जारी, दुर्गम रास्तों से राहत टीमें रवाना

Tharali Rescue Update – चमोली जिले के थराली क्षेत्र में बीती रात हुई अतिवृष्टि और बादल फटने जैसी घटना के बाद स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुट गई हैं. इस आपदा में कई गाँव और रिहायशी इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से जान-माल के बड़े नुकसान को रोकने में मदद मिली है. हालांकि, जगह-जगह अवरुद्ध हुए रास्तों के कारण बचाव दलों को मौके पर पहुंचने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

Tharali Rescue Update: पुलिस का त्वरित एक्शन और ग्रामीणों को सुरक्षित निकालना

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जैसे ही थराली क्षेत्र में बादल फटने की सूचना मिली, थाना थराली की पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. ( Tharali Rescue Update) रात के अंधेरे और मूसलाधार बारिश के बावजूद पुलिसकर्मी प्रभावित इलाकों में पहुंचे और वहां फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. पुलिस दल ने सबसे पहले उन घरों और इलाकों का निरीक्षण किया, जहाँ मलबा और पानी घुस गया था.

Tharali Rescue Update: पुलिस अधीक्षक स्वयं कर रहे हैं निगरानी

आपदा की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक चमोली सर्वेश पंवार ने खुद मोर्चा संभाला हुआ है. वे लगातार घटनास्थल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और राहत व बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने चमोली पुलिस टीम को निर्देशित किया है कि वे पूरी सावधानी और तत्परता के साथ काम करें और किसी भी कीमत पर लोगों की जान बचाना प्राथमिकता हो. एसपी पंवार ने बताया कि मौसम की चुनौतियों के बावजूद, पुलिसकर्मी हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि कोई भी व्यक्ति फंसा न रह जाए. उनकी सीधी निगरानी से बचाव कार्य को सही दिशा मिल रही है और यह अधिक प्रभावी ढंग से किया जा रहा है.

Tharali Rescue Update

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मार्ग अवरुद्ध होने से बढ़ीं मुश्किलें

बचाव कार्य में सबसे बड़ी चुनौती सड़कों का अवरुद्ध होना है. बादल फटने से आए मलबे और पत्थरों ने कई प्रमुख मार्गों को बंद कर दिया है, जिससे एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को मौके पर पहुंचने में खासी कठिनाई हो रही है. दोनों टीमें अतिरिक्त उपकरणों और प्रशिक्षित जवानों के साथ मौके के लिए रवाना हो चुकी हैं, लेकिन रास्ते में जगह-जगह भूस्खलन होने से उनकी आवाजाही धीमी हो गई है. स्थानीय प्रशासन जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से रास्तों को खोलने का प्रयास कर रहा है, ताकि राहत दल जल्द से जल्द प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच सकें और बड़े पैमाने पर बचाव कार्य शुरू कर सकें.

Tharali Rescue Update: प्रशासन और सरकार का सहयोग

राज्य सरकार ने इस आपदा का संज्ञान लिया है और प्रशासन को हर संभव मदद का निर्देश दिया है. जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य सरकारी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम कर रहे हैं. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भी भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है. यह आपदा एक बार फिर उत्तराखंड में प्रकृति के प्रकोप को दिखाती है, जहाँ ऐसी घटनाएं अब आम हो गई हैं. हालांकि, पुलिस और राहत दलों के त्वरित प्रयासों ने इस संकट की घड़ी में बड़ी राहत प्रदान की है.

Alka Tiwari

अलका तिवारी पिछले तकरीबन बीस वर्षों से पत्रकारिता से जुड़ी हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ ही अलका तिवारी प्रिंट मीडिया में भी लंबा अनुभव रखती हैं। बदलते दौर में अलका अब डिजिटल मीडिया के साथ हैं और खबरदेवभूमि.कॉम में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

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