Uttarakhand Weather: अगले 5 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी!

Uttarakhand Weather: मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए अगले पाँच दिनों, यानी 23 अगस्त से 27 अगस्त 2025 तक, भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान, राज्य के कई जिलों में गरज, चमक के साथ बिजली गिरने और तेज से बहुत तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।

Uttarakhand Weather: किन जिलों पर है विशेष खतरा?

मौसम विभाग के अनुसार, यह चेतावनी विशेष रूप से नौ जिलों के लिए है, जिनमें देहरादून, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पौड़ी, बागेश्वर, नैनीताल, और पिथौरागढ़ शामिल हैं। इन जिलों के निवासियों और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और नदियों का जलस्तर बढ़ने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए, स्थानीय प्रशासन ने सभी नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

Uttarakhand Weather : क्यों जारी की गई यह चेतावनी?

Uttarakhand Weather: मानसून के सक्रिय होने और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण, उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बढ़ गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अवधि में पहाड़ी ढलानों पर पानी का जमाव, नदियों और नालों का उफान पर आना और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी इस Uttarakhand Weather की स्थिति को देखते हुए आपातकालीन टीमें तैयार रखी हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना से तुरंत निपटा जा सके।

सुरक्षा के लिए क्या करें?

नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, खासकर पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में। इसके अलावा-

  • नदियों और नालों से दूरी बनाए रखें: भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।
  • कमजोर इमारतों से दूर रहें: पुरानी या कमजोर इमारतों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
  • बिजली के तारों से सावधान रहें: बिजली गिरने और हवा चलने से तारों के टूटने का खतरा होता है।
  • आपातकालीन संपर्क नंबर रखें: किसी भी आपात स्थिति में पुलिस, आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के संपर्क नंबर अपने पास रखें।

सरकार और प्रशासन की तैयारी

उत्तराखंड सरकार ने इस चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं और राहत शिविर भी स्थापित किए जा रहे हैं।

पुलिस प्रशासन ने भी लोगों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और केवल सुरक्षित रास्तों का ही उपयोग करें।

Alka Tiwari

अलका तिवारी पिछले तकरीबन बीस वर्षों से पत्रकारिता से जुड़ी हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ ही अलका तिवारी प्रिंट मीडिया में भी लंबा अनुभव रखती हैं। बदलते दौर में अलका अब डिजिटल मीडिया के साथ हैं और खबरदेवभूमि.कॉम में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

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