कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन ने 150 महिलाओं को किया कैंसर के प्रति जागरूक

देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, देश की विख्यात महिला रोग विशेषज्ञ और कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन (Can Protect Foundation) की अध्यक्षा डॉ. सुमिता प्रभाकर (Dr. Sumita Prabhakar) के नेतृत्व में महिलाओं के स्वास्थ्य को समर्पित दो विशेष वेबिनार आयोजित किए गए। इन सत्रों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को जानलेवा बीमारियों, विशेष रूप से स्तन कैंसर (Breast Cancer) और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (Cervical Cancer) के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना था।

cancer awareness webinar dr sumita prabhakar participants breast cancer awareness webinar by dr sumita prabhakar

कैंसर से बचाव का मूल मंत्र: डॉ. सुमिता प्रभाकर

वेबिनार को संबोधित करते हुए डॉ. सुमिता प्रभाकर ने कहा कि जागरूकता ही कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने विस्तार से जानकारी दी कि कैसे महिलाएं अपने शरीर में होने वाले शुरुआती परिवर्तनों को पहचान कर समय पर उपचार ले सकती हैं। डॉ. प्रभाकर ने 'स्वयं स्तन परीक्षण' (SBE) की सही तकनीक सिखाई और महिलाओं को नियमित अंतराल पर अपनी जांच करने के लिए प्रेरित किया।

गर्भाशय ग्रीवा कैंसर और टीकाकरण पर विशेष चर्चा

सत्र के दौरान डॉ. सुमिता प्रभाकर ने गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (Cervical Cancer) के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि यह कैंसर उचित टीकाकरण (Vaccination) और नियमित पैप स्मीयर (Pap Smear) जांच के जरिए पूरी तरह से रोका जा सकता है। महिलाओं को अपनी व्यक्तिगत स्वच्छता और समय-समय पर डॉक्टरी परामर्श की अहमियत समझाई गई।

CanApp: डिजिटल तकनीक से स्वास्थ्य की निगरानी

कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन की ओर से उनके विशेष डिजिटल टूल 'CanApp' के उपयोग पर भी प्रकाश डाला गया। डॉ. प्रभाकर ने बताया कि:

  • यह मोबाइल एप्लीकेशन महिलाओं को स्तन परीक्षण की विधि स्टेप-बाय-स्टेप सिखाता है।

  • इसके माध्यम से महिलाएं किसी भी असामान्य लक्षण की पहचान स्वयं कर सकती हैं और समय पर जरूरी चिकित्सकीय कदम उठा सकती हैं।

participants breast cancer awareness webinar by dr sumita prabhakar

150 महिलाओं की सक्रिय भागीदारी

इस डिजिटल स्वास्थ्य अभियान में कुल 150 महिलाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में संचालित किया गया ताकि अधिक से अधिक महिलाओं तक यह जानकारी पहुँच सके। प्रतिभागियों ने डॉ. सुमिता प्रभाकर से सीधे संवाद किया और अपने स्वास्थ्य संबंधी सवालों के संतोषजनक जवाब प्राप्त किए।

कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन का यह प्रयास महिलाओं को न केवल जागरूक कर रहा है, बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य की जिम्मेदारी स्वयं उठाने के लिए सशक्त भी बना रहा है।

Alka Tiwari

अलका तिवारी पिछले तकरीबन बीस वर्षों से पत्रकारिता से जुड़ी हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ ही अलका तिवारी प्रिंट मीडिया में भी लंबा अनुभव रखती हैं। बदलते दौर में अलका अब डिजिटल मीडिया के साथ हैं और खबरदेवभूमि.कॉम में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

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