दिल्ली - देहरादून एक्सप्रेस वे (Delhi-Dehradun express way) का उद्घाटन हो गया है। मंगलवार को पीएम मोदी ने देहरादून में इकोनॉमिक कॉरिडोर का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने देहरादून में लगभग 12 किमी लंबा रोड शो भी किया। इस दौरान उन्हे देखने के लिए लोगों की लंबी कतारें दिखीं।
दिल्ली - देहरादून एक्सप्रेस वे विकास का ऐतिहासिक क्षण
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन किया, जो उत्तराखंड और व्यापक क्षेत्र के विकास में एक ऐतिहासिक क्षण है। प्रधानमंत्री ने देवभूमि की पवित्र भूमि को नमन करते हुए उल्लेख किया कि यमुनात्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ सहित चार धाम यात्रा आगामी दिनों में आरंभ होने वाली है, जिसका देश भर में लाखों लोग आतुरता से प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने पंच बद्री, पंच केदार, पंच प्रयाग और इस क्षेत्र के पूजनीय देवी-देवताओं, जिनमें मां संतला और मां डाट काली शामिल हैं, की भी पूजा की, जिनके मंदिर में उन्होंने कार्यक्रम से पहले दर्शन किए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "मां डाट काली का आशीर्वाद इस विशाल परियोजना को पूरा करने में बहुत बड़ी शक्ति रहा है।"
UCC ने पूरे देश को राह दिखाई
प्रधानमंत्री ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जयंती के अवसर पर पूरे देश की ओर से बाबासाहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की। निर्धनों और वंचितों के लिए न्याय के प्रति अंबेडकर के आजीवन समर्पण को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में सरकार की नीतियों ने संवैधानिक मूल्यों को कायम रखने का प्रयास किया है, जिसमें अनुच्छेद 370 का निरसन और दर्जनों जिलों में माओवाद और नक्सलवाद का उन्मूलन शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता की संवैधानिक आकांक्षा को आगे बढ़ाकर पूरे देश को मार्ग दिखाया है।"
उत्तराखंड के विकास को मिलेगी नई गति
उत्तराखंड राज्य के छब्बीसवें वर्ष में प्रवेश करने की यात्रा का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने अपनी उस पूर्व घोषणा को याद किया जिसमें उन्होंने कहा था कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियों और जनता के परिश्रम से यह युवा राज्य अपने विकास में नए आयाम जोड़ रहा है। मोदी ने कहा, "यह एक्सप्रेसवे उत्तराखंड के विकास को नई गति प्रदान करेगा।"
2.25 लाख करोड़ रुपए की योजनाओं पर काम जारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी सड़कों, राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, हवाई मार्गों, रेल मार्गों और जलमार्गों में निहित होता है। देश में अवसंरचना विकास की अभूतपूर्व गति को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि जहां 2014 से पहले अवसंरचना पर व्यय प्रति वर्ष 2 लाख करोड़ रुपये से कम था, वहीं अब यह छह गुना से अधिक बढ़कर प्रति वर्ष 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। पीएम मोदी ने कहा, "अकेले उत्तराखंड में ही वर्तमान में 2.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की अवसंरचना परियोजनाएं जारी हैं।"
12000 करोड़ का निवेश, अब खुलेगी रोजगार की राह
प्रधानमंत्री ने दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे के परिवर्तनकारी लाभों का विस्तार से उल्लेख करते हुए, इस परियोजना से क्षेत्र पर पड़ने वाले बहुआयामी प्रभाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे से यात्रियों के यात्रा समय और लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे ईंधन की भारी बचत होगी और माल ढुलाई शुल्क में भी कमी आएगी। इसके निर्माण में पहले ही 12,000 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है और यह परियोजना रोजगार का एक प्रमुख स्रोत बनकर उभरी है। इससे हजारों इंजीनियरों, श्रमिकों और परिवहन कर्मचारियों को आजीविका मिल रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि इससे किसानों और पशुपालकों को भी लाभ होगा क्योंकि उनकी उपज तेजी से बड़े बाजारों तक पहुंच सकेगी। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद, बागपत, बरौत, शामली और सहारनपुर से गुजरने वाला यह गलियारा उत्तर प्रदेश के इन शहरों को भी पुनर्जीवित करने के लिए तैयार है। पीएम मोदी ने कहा, "यह सिर्फ एक सड़क नहीं है; यह समस्त क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, भंडारण और लॉजिस्टिक्स के नए रास्ते खोलेगी।"
शीतकालीन यात्रा को मिली गति
प्रधानमंत्री ने नए एक्सप्रेसवे की पर्यटन क्षमता पर बल देते हुए कहा कि देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चार धाम यात्रा मार्ग अब अधिक सुगम्य हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड शीतकालीन पर्यटन, शीतकालीन खेलों और डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए एक प्रमुख गंतव्य बनता जा रहा है। उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए साल भर के पर्यटन के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि शीतकालीन तीर्थयात्राओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है; आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा करने वालों की संख्या कुछ सौ से बढ़कर 2025 में 36,000 से अधिक हो गई है, जबकि शीतकालीन चार धाम यात्रा में भागीदारी 2024 में 80,000 से बढ़कर 2025 में 1.5 लाख से अधिक हो गई है। पीएम मोदी ने कहा, "पर्यटन बढ़ने से सभी को लाभ होता है; होटल, ढाबे, टैक्सी, होमस्टे, पूरी स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है।"
प्रधानमंत्री ने प्रकृति और संस्कृति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए, एक्सप्रेसवे के हिस्से के रूप में लगभग 12 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड वन्यजीव गलियारे के निर्माण का उल्लेख किया। इसे हाथियों सहित पशुओं की आवाजाही में किसी भी तरह की बाधा न आए, यह सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। उन्होंने देवभूमि के पहाड़ों और जंगलों में आने वाले पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों से इन पवित्र स्थलों को साफ-सुथरा और प्लास्टिक कचरे से मुक्त रखने का आग्रह किया। श्री मोदी ने जोर देते हुए कहा, "हमारा प्रयास है कि बुनियादी ढांचा लोगों की सेवा करे, साथ ही इन क्षेत्रों के वन्यजीवों और प्राकृतिक धरोहर की भी रक्षा की जाए।"
