पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वो अगले एक साल तक सोना न खरीदें। इसके साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तमाल करने और दफ्तर जाने की जरूरत न होने पर वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह दी है। पीएम ने इसके पीछे पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से उपजे तनाव को वजह बताया है।
एक साल तक सोना न खरीदें – पीएम मोदी
पीएम मोदी ने तेलंगाना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से अपील की है। पीएम मोदी ने देश के नागरिकों से आग्रह किया कि वे कम से कम एक साल तक सोना न खरीदें। इसके साथ ही पीएम ने विदेश यात्रा की तैयारी करने वाले से कहा है कि वो भी एक साल तक के लिए अपनी विदेश यात्रा को टाल दें। पीएम मोदी ने कुल पांच अपीलें देश के नागरिकों से की हैं।
पीएम मोदी की पांच अपीलें –
- ईंधन की बचत: पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करें।
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग करें, निजी वाहनों की जगह मेट्रो और बसों का उपयोग बढ़ाएं।
- इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी ईवी (EV) को प्राथमिकता दें।
- Work From Home के कल्चर को दोबारा शुरू करें ताकि सड़कों पर गाड़ियां कम उतरें।
- स्वदेशी को बढ़ावा दें और विदेशी सामानों का उपयोग कम करें।
पीएम मोदी ने क्यों की ये अपील
दरअसल पीएम मोदी का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब कच्चे तेल और उर्वरकों (Fertilisers) की बढ़ती कीमतों ने भारत के विदेशी मुद्रा भंडार और व्यापार घाटे पर दबाव बढ़ा दिया है। यही नहीं भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। भारतीयों के घरों में सोना खरीदने की परंपरा रही है। हालांकि भारत अपनी जरूरत का 90% से ज्यादा सोना आयात करता है। सोना आयात करने के लिए भारत को भारी मात्रा में डॉलर का भुगतान करना पड़ता है। बाजार के जानकारों के मुताबिक भारत के कुल आयात बिल में अकेले सोने की हिस्सेदारी करीब 9% है। इसके बाद कच्चा तेल आयात आता है जो दूसरे नंबर पर है। भारत पहले से ही अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करता है और युद्ध की वजह से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, ऐसे में सरकार सोने जैसे गैर-जरूरी आयात को कम कर डॉलर बचाना चाहती है।

