RBI Dividend to Government: RBI ने सरकार को दिए 2.86 लाख करोड़, आम आदमी की जेब पर क्या होगा असर?

Alka Tiwari
6 Min Read
RBI Dividend to government

RBI का Record Dividend क्या है?

Indian economy से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने केंद्र सरकार को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए रिकॉर्ड ₹2,86,000 करोड़ (2.86 Lakh Crore) का सरप्लस ट्रांसफर यानी डिविडेंड देने का फैसला किया है। यह रकम इतनी बड़ी है कि इसने पिछले साल के ₹2.11 लाख करोड़ के रिकॉर्ड को भी बहुत पीछे छोड़ दिया है।

लेकिन अक्सर जब ऐसी खबरें आती हैं, तो आम आदमी को लगता है कि यह तो सरकार और बैंक के बीच का मामला है, इससे हमारी जेब पर क्या असर पड़ेगा? अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो आप बिल्कुल गलत हैं। देश के केंद्रीय बैंक से सरकार के खजाने में आने वाली इस भारी-भरकम रकम का सीधा कनेक्शन आपकी रोजमर्रा की जिंदगी, आपकी EMI और रसोई के बजट से है।

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि RBI के इस Master stroke का Common Man पर क्या बड़ा असर पड़ेगा।

मंहगाई पर लगाम लगाने की कोशिश

इस रिकॉर्ड डिविडेंड का सबसे पहला और बड़ा असर देश में महंगाई (Inflation) पर देखने को मिल सकता है। जब सरकार के पास अपना खर्च चलाने के लिए खुद का पैसा (Revenue) कम होता है, तो वह मार्केट से भारी कर्ज लेती है। लेकिन अब सरकार को सीधे RBI से ₹2.86 लाख करोड़ का ‘बोनस’ मिल गया है।

इसका मतलब यह है कि सरकार को अब बाजार से ज्यादा उधारी नहीं लेनी पड़ेगी। जब सरकार मार्केट से कम लोन लेगी, तो बैंकों के पास प्राइवेट सेक्टर्स और आम जनता के लिए ज्यादा पैसा बचेगा। बाजार में पैसों का फ्लो (Liquidity) सही रहने से चीजों के दाम कंट्रोल में रहेंगे। अगर आप पिछले कुछ समय से दाल, तेल और सब्जियों की बढ़ती कीमतों से परेशान थे, तो आने वाले दिनों में आपको थोड़ी राहत मिल सकती है।

EMI में राहत: Home Loan और Car Loan वाले ध्यान दें

अगर आपने होम लोन (Home Loan), कार लोन या पर्सनल लोन ले रखा है और आप हर महीने भारी-भरकम EMI चुका रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए एक गुड न्यूज़ साबित हो सकती है।

जब सरकार बाजार से कम कर्ज लेती है, तो सरकारी बॉन्ड यील्ड (Government Bond Yields) में गिरावट आती है। बैंकिंग भाषा में कहें तो इससे बैंकों के ऊपर ब्याज दरें (Interest Rates) बढ़ाने का प्रेशर पूरी तरह खत्म हो जाता है। इतना ही नहीं, अगर देश की आर्थिक स्थिति मजबूत रहती है, तो आने वाले समय में रिजर्व बैंक रेपो रेट (Repo Rate) में कटौती भी कर सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो आपके फ्लोटिंग रेट वाले सभी लोन्स की EMI कम हो जाएगी, जिससे आपके बैंक अकाउंट से हर महीने कटने वाला पैसा बचेगा।

नए रोजगार के अवसर: Structural Development को मिलेगी रफ्तार

सरकार इस ₹2.86 लाख करोड़ रुपये का इस्तेमाल कहाँ करेगी? एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार इस फंड का एक बड़ा हिस्सा कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) यानी देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में लगाएगी।

इसका सीधा मतलब है कि देश में नए नेशनल हाईवेज, एक्सप्रेसवे, रेलवे ट्रैक्स का मॉडर्नाइजेशन, नए एयरपोर्ट्स और बड़े-बड़े पुलों का निर्माण तेज हो जाएगा। जब कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेजी आती है, तो स्टील, सीमेंट और लेबर इंडस्ट्री को सीधे तौर पर बूस्ट मिलता है। ग्राउंड लेवल पर इस काम के शुरू होने से लाखों नए रोजगार (New Jobs) पैदा होते हैं। बेरोजगार युवाओं और इंजीनियर्स के लिए यह समय नए और बेहतर अवसर लेकर आ सकता है।

Tax में राहत और Welfare Schemes: Jan-Dhan और Subsidy का फायदा

चूंकि यह पैसा सरकार को बिना कोई नया टैक्स लगाए या बिना किसी ब्याज के मिला है, इसलिए सरकार का राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) बहुत कम हो जाएगा। जब सरकार का घाटा कम होता है, तो उसके पास आम जनता को रियायतें देने की ताकत बढ़ जाती है।

इस अतिरिक्त बजट के दम पर सरकार आगामी मुख्य बजट में मिडिल क्लास और सैलरीड लोगों को इनकम टैक्स (Income Tax Relief) में बड़ी राहत देने के बारे में सोच सकती है। इसके अलावा, सरकार गरीबों, किसानों और महिलाओं के लिए चल रही कल्याणकारी योजनाओं (Welfare Schemes) जैसे- मुफ्त राशन योजना, उज्ज्वला योजना की सब्सिडी, या पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan Nidhi) की रकम को और बढ़ा सकती है। यानी डायरेक्ट या इनडायरेक्ट तरीके से यह पैसा घूमकर आम आदमी की जेब में ही पहुंचने वाला है।

Strong Economy का साइन

संक्षेप में कहें तो RBI द्वारा सरकार को दिया गया यह ₹2.86 लाख करोड़ का डिविडेंड भारत की मजबूत होती आर्थिक सेहत (Economic Health) का प्रतीक है। वैश्विक मंदी (Global Slowdown) के इस दौर में भी भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती से खड़ी है।

एक आम नागरिक के तौर पर आपको इसका सीधा फायदा कम महंगाई, स्थिर या कम EMI, नए जॉब्स के अवसर और सरकारी योजनाओं में बढ़ोतरी के रूप में देखने को मिलेगा। कुल मिलाकर, यह फैसला देश के साथ-साथ आपकी और हमारी जेब के लिए भी एक बहुत बड़ा बूस्टर डोज साबित होने वाला है।

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अलका तिवारी पिछले तकरीबन बीस वर्षों से पत्रकारिता से जुड़ी हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ ही अलका तिवारी प्रिंट मीडिया में भी लंबा अनुभव रखती हैं। बदलते दौर में अलका अब डिजिटल मीडिया के साथ हैं और खबरदेवभूमि.कॉम में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।
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