क्या है मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना, क्यों धामी सरकार ने की शुरू

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मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का शुभारंभ करते CM पुष्कर सिंह धामी

देहरादून: उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत प्रदेश के राजकीय एवं शासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और राज्य विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले पात्र छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार ने योजना के पहले चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा है। खास बात यह है कि योजना का फोकस उन युवाओं तक बेहतर कोचिंग और मार्गदर्शन पहुंचाने पर है, जो आर्थिक परेशानी या पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने के कारण बड़े कोचिंग संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते।

क्या है मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना?

मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना उत्तराखंड सरकार की ऐसी पहल है, जिसके जरिए उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ रहे पात्र विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

इस योजना का उद्देश्य युवाओं को घर बैठे गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, मार्गदर्शन और तैयारी के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना है। खासतौर पर पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए यह योजना अहम मानी जा रही है, क्योंकि ऐसे क्षेत्रों के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अक्सर देहरादून, दिल्ली या दूसरे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है।

अब ऑनलाइन माध्यम से उन्हें अपने क्षेत्र में रहते हुए तैयारी का अवसर मिल सकेगा।

पहले चरण में 11 हजार छात्रों को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने योजना की शुरुआत करते हुए बताया कि इसके पहले चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए सिर्फ मेहनत काफी नहीं है। सही दिशा, बेहतर रणनीति, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास भी बेहद जरूरी है। कई बार प्रतिभाशाली युवा इन सुविधाओं के अभाव में पीछे रह जाते हैं।

सरकार का प्रयास है कि आर्थिक तंगी या संसाधनों की कमी किसी भी प्रतिभाशाली युवा के सपने के रास्ते में बाधा न बने।

क्यों खास है मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना?

उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक अच्छी कोचिंग तक पहुंचना भी है। दूरस्थ क्षेत्रों से बड़े शहरों में जाकर कोचिंग करना हर परिवार के लिए संभव नहीं होता।

ऐसे में फ्री ऑनलाइन कोचिंग का विकल्प युवाओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। इससे विद्यार्थियों को अतिरिक्त खर्च किए बिना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का मौका मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। प्रदेश का युवा मेहनती और प्रतिभाशाली है। जरूरत सिर्फ उसकी प्रतिभा को सही दिशा, बेहतर मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के समान अवसर देने की है।

5 साल में 34 हजार से ज्यादा युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम में सरकार की भर्ती नीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।

सरकार का कहना है कि एक ओर भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए जरूरी संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

युवा नौकरी लेने वाला नहीं, देने वाला भी बने

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ सरकारी नौकरी उपलब्ध कराना नहीं है। सरकार चाहती है कि उत्तराखंड का युवा नौकरी मांगने वाला ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला भी बने।

इसके लिए प्रदेश में स्वरोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास, उद्यमिता, कृषि-बागवानी, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों से जुड़े व्यवसायों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रिवर्स पलायन भी बढ़ा है। कई युवा गांवों में लौटकर व्यवसाय, खेती-बागवानी, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों से जुड़े काम शुरू कर रहे हैं। इससे उन्हें रोजगार तो मिल ही रहा है, साथ ही वे दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं।

युवा तय करेंगे उत्तराखंड के भविष्य की दिशा

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार युवाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभार्थी बनाकर नहीं रखना चाहती। उन्हें प्रदेश के भविष्य की दिशा तय करने में भी सक्रिय भागीदार बनाया जा रहा है।

इसी सोच के तहत प्रदेश के ढाई लाख से अधिक युवा विद्यार्थियों के साथ वैचारिक मंथन किया जा रहा है। इस दौरान युवाओं के विचार, सुझाव और उनकी आकांक्षाओं को समझने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि युवाओं की आशाओं, आकांक्षाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर विशेष रूप से काम करने के लिए राज्य में अलग ‘युवा आयोग’ बनाया जाएगा।

छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं को मिलेगा 50 फीसदी आरक्षण

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि योजना की जानकारी अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि जरूरतमंद छात्र इसका लाभ उठा सकें।

उच्च शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि इस वर्ष से छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाएंगे।

इसके अलावा उच्च शिक्षण संस्थानों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। ई-ग्रंथालय के माध्यम से विद्यार्थियों को करीब 20 लाख पुस्तकों तक डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराई गई है।

मुख्य सचिव ने कोचिंग संस्थानों को दी ये नसीहत

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने योजना से जुड़े कोचिंग संस्थानों से कहा कि वे इसे केवल व्यावसायिक जिम्मेदारी के रूप में न देखें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की तैयारी को व्यक्तिगत और सामाजिक दायित्व के तौर पर भी लिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी की जरूरत अलग होती है। ऐसे में सही मार्गदर्शन, नियमित संवाद और विद्यार्थी की जरूरत के अनुसार सहयोग उसकी तैयारी और आत्मविश्वास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।

मुख्य सचिव ने युवाओं से उपलब्ध अवसर का पूरा लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अनुशासन, लगातार अभ्यास और दृढ़ संकल्प जरूरी है।

छात्रों के बीच पहुंचे CM धामी, जाना भविष्य का लक्ष्य

योजना के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी छात्र-छात्राओं के बीच भी पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, भविष्य के लक्ष्य और आकांक्षाओं को लेकर बातचीत की।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए जरूरी अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए उनके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री को अपने बीच देखकर विद्यार्थियों में भी खासा उत्साह नजर आया।

अब 11 हजार युवाओं की तैयारी को मिलेगी नई दिशा

मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के जरिए उत्तराखंड सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के सामने आने वाली एक बड़ी समस्या को दूर करने की कोशिश की है। खासकर उन विद्यार्थियों के लिए, जो आर्थिक कारणों या दूरदराज के इलाकों में रहने की वजह से महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते, यह योजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

हालांकि योजना की वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा कितनी आसानी से पात्र युवाओं तक पहुंचती है और इससे कितने विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर पाते हैं।

फिलहाल इतना जरूर है कि उत्तराखंड के 11 हजार युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का एक नया रास्ता खुल गया है। सरकार ने अवसर देने की जिम्मेदारी अपने हिस्से में ली है, अब इन अवसरों को सफलता में बदलने की जिम्मेदारी युवाओं की मेहनत और तैयारी पर होगी।

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