देहरादून में निहंग सिखों का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार की रात निहंग सिख देहरादून में घुस गए और हंगामा। ये निहंग सिख हेमकुंड साहिब जाने की जिद लिए हुए थे। हालांकि बाद में पुलिस ने उन्हे वापस लौटा दिया।
पहले से तय था कार्यक्रम
अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत निहंग सिखों ने 25 जून को देहरादून की ओर कूच किया। देहरादून और हिमाचल की सीमा पर स्थित पांवटा साहिब गुरुद्वारे में इन निहंग सिखों ने पहले डेरा डाला। वहां जब इनकी संख्या अधिक हो गई उसके बाद ये निहंग सिख उत्तराखंड की सीमा में देहरादून से दाखिल होने के लिए आगे बढ़े। रात करीब 10 बजे के आसपास इन निंहग सिखों ने देहरादन के कुल्हाल बार्डर चेकपोस्ट पर डेरा डाल दिया और देहरादून में घुसने की कोशिश करने लगे।
जवान खड़े देखते रह गए
कुल्हाल सीमा पर पहले से ही पुलिस और आईटीबीपी के जवानों ने मोर्चा संभाल रखा था। निहंग सिखों को रोकने के लिए बैरिकेड्स भी लगाए गए थे। हालांकि कुछ देर तक बातचीत और नारेबाजी करने के बाद निहंग सिखों ने अपना धैर्य खो दिया और वो बैरिकेड्स को हटाने के दम लगाने लगे। कई निहंग सिखों ने बैरिकेड्स हटा दिए और तलवारें लहराते हुए वो देहरादून की सीमा में प्रवेश कर गए। इस दौरान वहां मौजूद पुलिस और आईटीबीपी के जवान कुछ नहीं कर पाए।
निहंगों के घुसने की खबर से हड़कंप
वहीं निहंग सिखों के देहरादून में घुसने की खबर मिलते ही हड़कंप मच गया। स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के हाथ पांव फूलने लगे। आनन – फानन में डीएम और एसएसपी निहंगों को रोकने के लिए और उनसे बातचीत के लिए निकले। इसी बीच कुछ निहंग सिख पुलिस और इंटेलीजेंस को चकमा देकर शहर के बीच स्थित एक गुरुद्वारे तक पहुंच गए। आनन फानन में अधिकारी वहां पहुंचे और बात मुलाकात का दौर शुरू हुआ।
अधिकारियों को मिली सफलता
काफी देर तक समझाने और मान मनौवल के बाद निहंग सिख देहरादून से वापस लौटने को तैयार हुए। इनमे से कई निहंग सिख ऐसे थे तो ऋषिकेश के रास्ते हेमकुंड की ओर जाना चाहते थे लेकिन आखिरकार प्रशासन ने उन्हे रोक लिया और वापस भेजने में सफल रहे।
पांवटा साहिब में रुकने की खबर
वहीं 26 जून की सुबह निहंग सिखों के फिर एक बार पांवटा साहिब गुरुद्वारे में रुके होने की खबर आई। इसके चलते पुलिस ने एहतियात बरतते हुए पांवटा से आने वाले वाहनों को सीमा पर ही रोकना शुरू किया। यात्रियों को यहां रुकने के बाद देहरादून की सीमा में पैदल प्रवेश और वहां से दूसरे वाहनों से आगे रवाना होना पड़ा। इससे लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौके पर खुद डीएम और एसएसपी हालात का जाएजा लेते रहे। भारी पुलिस बल भी तैनात रखा गया है।
क्यों नाराज हैं निहंग ?
दरअसल निहंग सिखों की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह कर्णप्रयाग में स्थानीय व्यापारियों और कुछ निहंग सिखों के बीच हुई हिंसक झड़प है। इस झड़प के बाद पुलिस ने चार निहंग सिखों को अरेस्ट कर लिया था। इसी बात से नाराज कुछ निहंग सिख नगरासु गुरुद्वारे में कब्जा करके बैठ गए थे। निहंग सिखों की मांग है कि गिरफ्तार किए गए निहंग सिखों को तुरंत रिहा किया जाए।
लोकल इंटेलिजेंस पर सवाल
इस घटना के बाद फिर एक बार लोकल इंटेलिजेंस सवालों के घेरे में है। कैसे इतनी बड़ी संख्या में देहरादून की सीमा पर निहंग एकत्र होते रहे और किसी को पता ही नहीं चला। हालात ये तक हो गए निहंग सिख मुख्य रास्ता छोड़कर बदले हुए रास्ते से शहर के बीच स्थित गुरुद्वारे तक पहुंच गए और लोकल इंटेलिजेंस देखता रह गया। इससे पहले भी नगरासु की घटना को लेकर भी खुफिया तंत्र पर सवाल उठ चुका है।