भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’, पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर एअर स्ट्राइक, पहलगाम हमले का बदला लिया

Alka Tiwari
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भारत ने पहलगाम हमले का बदला ले लिया है। भारत ने एअर स्ट्राइक कर पाकिस्तान में बने आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया है।

रात में दागी मिसाइलें, कर दिया ‘न्याय’

भारतीय सेनाओं ने रात 1.30 पर एयर स्ट्राइक्स को शुरू किया। फाइटर जेट्स ने रात 1.30 पर उड़ान भरी और इसके कुछ ही मिनटों बाद पीओके और पाकिस्तान के कई इलाकों में मिसाइलें दाग दीं। इस एअर स्ट्राइक के बाद भारत के फाइटर जेट्स वापस सुरक्षित अपने बेस पर लौट आए।

रात लगभग 1.45 पर भारतीय सेना के आधिकारिक हैंडल से इस एअर स्ट्राइक की पुष्टि कर दी गई। सेना ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘न्याय किया गया है. जय हिंद.’

हमले के संबंध में पीआईबी ने बयान जारी कर बताया कि भारत ने पहलगाम हमले का जवाब देते हुए पाकिस्तान और पीओके में स्ट्राइक की हैं. इस हमले में सिर्फ टेरर लोकेशंस को टारगेट किया गया, और किसी भी सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया है।

एअर स्ट्राइक के बाद भारतीय सेना ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा ‘Justice is Served. Jai Hind!’

भारत ने फिर ‘घुस कर मारा’

भारत की वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंक के नौ ठिकानों पर मिसाइलें गिराईं हैं। कुल 24 हमले किए गए हैं। पाकिस्तान की सेना ने भी इन हमलों की पुष्टि की है। जिन नौ टेरर लोकेशंस को भारतीय सेनाओं ने निशाना बनाया वहां से आतंकियों को ट्रेनिंग मुहैया कराई जाती थी। इसके साथ ही जैश और लश्कर जैसे संगठनों का भी ये लोकेशंस अहम ठिकाना थीं।

जिन 9 ठिकानों पर भारतीय वायुसेना ने अटैक किया है, वो निम्नलिखित हैं –

पहली बार बता कर हमला

भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास में संभवत पहली बार ऐसा हुआ है कि  भारतीय सेना ने बता कर एअर स्ट्राइक की। दरअसल भारतीय सेना ने एअर स्ट्राइक से पहले एक्स पर अपने अधिकारिक हैंडल @ADG PI-INDIAN ARMY से रात 1 बजकर 28 मिनट पर एक पोस्ट किया, जिसमें लिखा था, ”स्ट्राइक के लिए तैयार, जीत के लिए ही बने हैं” (Ready to Strike, Trained to Win) भारतीय सेना ने इसे संस्कृत में भी लिखा, “प्रहाराय सन्निहिताः, जयाय प्रशिक्षिताः” यानी ”वार करने को तत्पर, विजय हेतु” । ये पोस्ट अब वायरल हो गया है। इससे पहले भारतीय सेना ने पिछले दो ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ (2016) और ‘एयर स्ट्राइक’ (2019) में ऐसे किसी पोस्ट के जरिए हमले की जानकारी नहीं दी थी।

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अलका तिवारी पिछले तकरीबन बीस वर्षों से पत्रकारिता से जुड़ी हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ ही अलका तिवारी प्रिंट मीडिया में भी लंबा अनुभव रखती हैं। बदलते दौर में अलका अब डिजिटल मीडिया के साथ हैं और खबरदेवभूमि.कॉम में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।
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