8th Pay Commission Latest News: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वां वेतन आयोग इन दिनों लगातार अहम बैठकों में जुटा है। चेन्नई में 7 और 8 सितंबर को विचार-विमर्श के बाद आयोग आज, 9 सितंबर 2026 को पुडुचेरी में कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेगा। आयोग की पुडुचेरी यात्रा की आधिकारिक सूचना उसकी वेबसाइट पर भी जारी की गई है।
इस बैठक को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कर्मचारी और पेंशनर संगठन वेतन, भत्तों, पेंशन और सेवा शर्तों से जुड़ी अपनी मांगें आयोग के सामने रख रहे हैं। हालांकि, अभी तक 8वें वेतन आयोग ने फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन या वेतन में कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी, इस पर कोई अंतिम आंकड़ा घोषित नहीं किया है।
फिटमेंट फैक्टर पर रहेगी खास नजर
8वें वेतन आयोग की बैठकों में फिटमेंट फैक्टर सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले मुद्दों में से एक है। फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल मौजूदा बेसिक पे को संशोधित वेतन संरचना में बदलने के लिए किया जाता है। ऐसे में कर्मचारी संगठनों की ओर से फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग का असर भविष्य के बेसिक वेतन पर पड़ सकता है।
हालांकि सोशल मीडिया और विभिन्न रिपोर्ट्स में 2.15, 2.57 या इससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं, लेकिन आयोग ने अभी किसी फिटमेंट फैक्टर को आधिकारिक तौर पर मंजूरी नहीं दी है। इसलिए फिलहाल इन आंकड़ों को संभावित मांग या अनुमान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
बेसिक पे और भत्तों पर भी चर्चा संभव
पुडुचेरी में होने वाली बातचीत में केवल फिटमेंट फैक्टर ही नहीं, बल्कि बेसिक पे और विभिन्न भत्तों से जुड़े मुद्दे भी उठ सकते हैं। कर्मचारी संगठन महंगाई और बदलती जीवन-यापन लागत को ध्यान में रखते हुए वेतन ढांचे की समीक्षा की मांग कर रहे हैं।
HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और अन्य भत्तों की समीक्षा भी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है। हालांकि इन भत्तों में कितना बदलाव होगा, इसका फैसला अभी नहीं हुआ है।
पेंशनर्स के लिए भी अहम बैठक
8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया में पेंशन से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं। पेंशनर संगठन सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा और पेंशन संशोधन से जुड़े विभिन्न विषय आयोग के सामने रख रहे हैं।
हाल में पेंशनर्स से जुड़े संगठनों ने उन कर्मचारियों को लेकर भी चिंता जताई है जो 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए हैं। पेंशन संशोधन के दायरे और नियमों को लेकर स्पष्टता की मांग की जा रही है।
इसलिए पुडुचेरी की बैठक में पेंशन और रिटायरमेंट सिक्योरिटी से जुड़े मुद्दों पर भी प्रतिनिधियों की ओर से सुझाव दिए जाने की उम्मीद है।
करीब 1 करोड़ से ज्यादा लोगों पर असर
8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों का असर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बड़े वर्ग पर पड़ना है। आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। प्रोफेसर पुलक घोष अंशकालिक सदस्य हैं, जबकि पंकज जैन सदस्य-सचिव हैं।
कर्मचारी और पेंशनर संगठनों से मिलने का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों से सुझाव और मांगें प्राप्त करना है, ताकि आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करते समय विभिन्न पक्षों को ध्यान में रख सके।
कब तक आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?
8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इसका मतलब है कि आयोग को अपनी रिपोर्ट मई 2027 तक सौंपनी है।
इससे साफ है कि फिलहाल कर्मचारी और पेंशनर्स को मिलने वाले नए वेतन या पेंशन की अंतिम राशि तय नहीं हुई है। पुडुचेरी जैसी बैठकें इसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं, जिनमें अलग-अलग संगठनों के सुझाव लिए जा रहे हैं।
आगे कहां होगी 8वें वेतन आयोग की बैठक?
आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक पुडुचेरी के बाद सितंबर में चंडीगढ़ का दौरा प्रस्तावित है। इसके बाद अक्टूबर में बेंगलुरु में भी बैठक निर्धारित है। आयोग अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में कर्मचारी एवं पेंशनर संगठनों से संवाद कर रहा है।
क्या आज की बैठक में वेतन बढ़ोतरी का फैसला होगा?
फिलहाल ऐसा कहना जल्दबाजी होगी। 9 सितंबर की बैठक में विभिन्न कर्मचारी और पेंशनर संगठनों की मांगों एवं सुझावों पर चर्चा होगी। फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन, DA, HRA या पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसका अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। अंतिम सिफारिशें आयोग की रिपोर्ट और उसके बाद सरकार की मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी।