केंद्र सरकार अग्निपथ योजना में बदलाव की संभावनाओं पर विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, चार साल की सेवा पूरी करने वाले कुछ अग्निवीरों को नियमित कैडर में स्थायी नियुक्ति के अलावा दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने का प्रस्ताव चर्चा में है। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से अभी इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
नई दिल्ली। अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच का चार साल का कार्यकाल नवंबर और दिसंबर 2026 में पूरा होने जा रहा है। ऐसे में अग्निवीरों के भविष्य और सेना में उनकी सेवा अवधि को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, केंद्र सरकार उन अग्निवीरों को भी कुछ समय तक सेना में बनाए रखने के विकल्प पर विचार कर रही है, जिन्हें चार साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक के रूप में शामिल नहीं किया जाएगा।
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार कुछ अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने की तैयारी कर रही है। वहीं, इंडिया टुडे की 2 नवंबर की रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सेवा विस्तार का प्रस्ताव विचाराधीन है, लेकिन इसकी अवधि और कितने अग्निवीरों को इसका लाभ मिलेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
कब पूरा होगा पहले बैच का चार साल का कार्यकाल?
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीरों की सेवा अवधि अलग-अलग सेनाओं में अलग-अलग तारीखों पर पूरी होगी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार:
| सेना | पहले बैच की चार साल की सेवा पूरी होने की तारीख |
|---|---|
| भारतीय नौसेना | 21 नवंबर 2026 |
| भारतीय वायुसेना | 21 दिसंबर 2026 |
| भारतीय थल सेना | 31 दिसंबर 2026 |
पहले बैच की सेवा अवधि पूरी होने से पहले सरकार की ओर से इस प्रस्ताव पर निर्णय आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक समयसीमा की पुष्टि नहीं हुई है।
अभी अग्निपथ योजना में क्या है प्रावधान?
केंद्र सरकार ने 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना को मंजूरी दी थी। इसके तहत थल सेना, नौसेना और वायुसेना में युवाओं को चार साल की अवधि के लिए अग्निवीर के रूप में भर्ती किया जाता है। चार साल की सेवा पूरी होने के बाद प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल करने का प्रावधान है। चयन सेवा के दौरान प्रदर्शन, योग्यता और संबंधित सेना की जरूरतों के आधार पर किया जाता है।
शेष अग्निवीर चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सेना से मुक्त होते हैं। उन्हें सेवा निधि पैकेज और कौशल प्रमाणपत्र दिया जाता है, जिससे उन्हें नागरिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर तलाशने में सहायता मिल सके।
लागू हुआ तो सेना में होंगी तीन तरह की श्रेणियां
मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि यदि दो साल के सेवा विस्तार का प्रस्ताव मंजूर होता है तो सेना में तीन तरह के कर्मियों की श्रेणियां हो सकती हैं। इनमें चार साल की मूल अवधि में सेवा कर रहे अग्निवीर, सेवा विस्तार पाने वाले अग्निवीर और नियमित कैडर में शामिल स्थायी सैनिक होंगे। हालांकि, यह संभावित व्यवस्था है और सरकार ने अभी इसकी औपचारिक रूपरेखा जारी नहीं की है।
सेवा विस्तार पर अंतिम फैसले का इंतजार
अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव लागू होने पर उन युवाओं को अतिरिक्त समय तक सैन्य सेवा करने का अवसर मिल सकता है, जिन्हें नियमित कैडर में जगह नहीं मिलती। इससे उन्हें सेना में हासिल प्रशिक्षण और अनुभव का उपयोग जारी रखने का मौका मिलेगा।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि प्रस्ताव के तहत कितने अग्निवीरों को सेवा विस्तार दिया जाएगा, चयन के लिए क्या मानदंड होंगे और क्या यह व्यवस्था तीनों सेनाओं में समान रूप से लागू होगी। इन सवालों पर रक्षा मंत्रालय या केंद्र सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्थिति साफ होगी।

