लखनऊ/नई दिल्ली (ख़बर देवभूमि ब्यूरो): आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक महत्वपूर्ण और बड़ा राजनीतिक ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में एक बार फिर पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनने जा रही है, और राज्य में पार्टी की सरकार बनते ही समान नागरिक संहिता (UCC) को कानूनी रूप से लागू कर दिया जाएगा।
प्रमुख बिंदु व महत्वपूर्ण बातें
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लखनऊ में भाजपा कार्यसमिति की बैठक के दौरान समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बड़ी घोषणा की।
- अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में तीसरी बार भाजपा की सरकार बनते ही यूसीसी लागू किया जाएगा।
- गृह मंत्री ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को माफियाराज समाप्त करने का श्रेय दिया।
- सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए शाह ने दावा किया कि राज्य में अगले 30 वर्षों तक समाजवादी पार्टी की सरकार बनने की कोई संभावना नहीं है।
- बता दें कि देवभूमि उत्तराखंड समेत देश के कई अन्य राज्यों में यूसीसी प्रक्रिया अपने चरण में है, जिसे लेकर देश भर में राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं।
बैठक के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने संगठन की मजबूती पर जोर देते हुए कार्यकर्ताओं से आगामी चुनावों के लिए पूरी ताकत झोंकने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता वैचारिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता है और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है। अमित शाह ने पिछले चुनावी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि किस प्रकार अनुशासित संगठन और मजबूत रणनीति के बल पर पार्टी ने उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक सफलताएं हासिल की हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गृह मंत्री का यह बयान आगामी चुनावी एजेंडे की एक बड़ी रूपरेखा को स्पष्ट करता है। यूसीसी जैसे मुद्दों को आगे लाकर पार्टी अपने वैचारिक एजेंडे के प्रति प्रतिबद्धता को दोहरा रही है, जिसका सीधा असर चुनावी मैदान की रणनीति पर पड़ना तय माना जा रहा है। विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएं भी इस बयान के बाद सामने आने लगी हैं, जिससे आने वाले दिनों में राज्य का सियासी पारा और अधिक चढ़ने के आसार हैं।

