कश्मीर में आतंकी हमला, नाम पूछकर मारी गोली, एक की मौत

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दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार देर शाम आतंकियों ने एक बार फिर आतंकी हमला हुआ है। आतंकियों ने नाम पूछकर एक प्रवासी मजदूर की जान ले ली। वहीं एक घायल है। ये हमला कुलगाम के केल्लम इलाके में स्थित ईंट भट्ठा 77बी के पास हुआ, जहां काम कर रहे मजदूरों पर आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की। इस हमले में छत्तीसगढ़ निवासी 24 वर्षीय दीपक रात्रे की मौके पर मौत हो गई, जबकि 28 वर्षीय भूपेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए।

आतंकी हमले की जिम्मेदारी TRF ने ली

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार घटना की जिम्मेदारी लश्कर-ए-ताइबा (एलईटी) के शैडो संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। सूत्रों के अनुसार मजदूरों को गोली मारने से पहले उनके इनके नाम भी पूछे गए। घाटी में महज 10 दिनों के भीतर टारगेट किलिंग की यह दूसरी बड़ी घटना है, जिसने सुरक्षाबलों के सामने एक बार फिर नया ट्रेंड और गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। इससे पहले 22 जुलाई 2026 को अनंतनाग के व्यस्त लाल चौक बाजार में आतंकियों ने हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी को निशाना बनाया था, जिसमें वे बलिदान हो गए थे। उस हमले की भी जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली थी

पहले भी हुई है टारगेट किलिंग

इससे पहले 2024 में 7 फरवरी को श्रीनगर के शहीद गंज इलाके में पंजाब के दो मजदूरों अमृतपाल सिंह और रोहित मसीह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ताज़ा हमले के बाद प्रशासन ने प्रवासी मजदूरों के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है। सुरक्षाबलों के अनुसार आतंकियों की इस बदलती रणनीति और नए ट्रेंड को देखते हुए सुरक्षा रणनीति को नए सिरे से तैयार किया जाएगा, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा पुख्ता की जा सके ।

10 दिनों में दूसरा हमला

दक्षिण कश्मीर में गैर-स्थानीय नागरिकों और सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अनंतनाग जिले में एक बड़ा आतंकवादी हमला देखने को मिला था। अनंतनाग में सबसे हालिया आतंकवादी हमला 22 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे हुआ था, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था।

वह हमला दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग शहर के व्यस्त और मुख्य बाजार लाल चौक पर हुआ था। उस हमले में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस के बहादुर हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी निशाना बने थे और देश की रक्षा करते हुए बलिदान हो गए थे। बाद में कुख्यात आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े शैडो ग्रुप द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने अनंतनाग में हुए उस हमले की जिम्मेदारी ली थी। 

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Alka Tiwari
Alka Tiwarihttps://khabardevbhoomi.com
अलका तिवारी पिछले तकरीबन बीस वर्षों से पत्रकारिता से जुड़ी हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ ही अलका तिवारी प्रिंट मीडिया में भी लंबा अनुभव रखती हैं। बदलते दौर में अलका अब डिजिटल मीडिया के साथ हैं और खबरदेवभूमि.कॉम में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

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