उत्तराखंड के खानपुर से विधायक उमेश कुमार के यूपी के अमरोहा स्थित फार्म हाउस पर एक महिला के साथ गैंगरेप की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। महिला ने CRPF के एक इंस्पेक्टर, एक हेड कॉन्सटेबल, यूपी पुलिस के एक दरोगा और एक सिपाही समेत कुल चार लोगों पर गैंगरेप का आरोप है। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
दर्शन कराने के बहाने लेकर निकले
हरियाणा के फतेहाबाद निवासी पीड़िता का कहना है कि 20 सितंबर को उसकी परिचित महिला ने उसे कॉल कर बताया था कि सीआरपीएफ में तैनात हेड कांस्टेबल मोहित उसे अमरोहा के धार्मिक स्थलों की सैर करा देगा। अगले दिन युवती सोनीपत में मोहित से मिली। इसके बाद दोनों मेरठ पहुंचे, सोमवार रात मेरठ में एक स्थान पर रुके। इसके बाद मंगलवार की शाम कार से हसनपुर कोतवाली पहुंचे, जहां गेट पर सादे कपड़ों में पहले से मौजूद बागपत के थाना रमाला के गांव सूप निवासी दरोगा संजय तोमर भी उनकी गाड़ी में सवार हो गया।
फार्म हाउस में किया गैंगरेप, गूगल से पुलिस का नंबर खोजा
इसके बाद चारों कार से अतरासी-हसनपुर मार्ग स्थित एक फार्म हाउस पहुंचे। पीड़िता के मुताबिक, मोहित, लालाराम और संजय तोमर ने एक कमरे में शराब पी। इसी दौरान आरक्षी प्रमोद उनके लिए खाना लेकर आया। इसके बाद मोहित, लालाराम और संजय तोमर ने उसके साथ जबरदस्ती की। पीड़िता का कहना है कि प्रमोद कमरे में घुसा तो उसे धक्का देकर बाहर कर दिया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद उसने गूगल से अमरोहा पुलिस का नंबर खोजा और सुबह करीब छह बजे घटना की सूचना दी।
महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज
सूचना मिलने पर हसनपुर और रजबपुर पुलिस के साथ अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और युवती को कोतवाली ले आई। मामले में चारों आरोपी पुलिस और सीआरपीएफ में तैनात बताए गए हैं। महिला की तहरीर पर बुधवार को हसनपुर थाने में चारों के खिलाफ बीएनएस की धारा 70(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने चारों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
होम मिनिस्ट्री का हवाला, विधायक नहीं थे मौजूद
मिली जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड के विधायक के फार्म हाउस में घुसने के लिए आरोपियों ने गृह मंत्रालय की जांच का रौब गांठा और चौकीदार को अर्दब में ले लिया। चौकीदार को हड़का कर फार्म का गेट खुलवाया गया और इसके बाद सभी आरोपी महिला के साथ अंदर चले गए। इस दौरान विधायक उमेश कुमार अपने विधानसभा क्षेत्र में मौजूद थे और वो फार्म हाउस में नहीं थे। लिहाजा चौकीदार सहम गया और उसने गेट खोल दिया।
दस महीने बाद है रिटायरमेंट
बताया जा रहा है कि आरोपी बनाए गए दरोगा संजय तोमर की सेवानिवृत्ति करीब दस माह बाद होनी थी। उनकी उम्र 59 वर्ष से अधिक बताई जा रही है। विभागीय कार्रवाई और इसके संभावित प्रभावों को लेकर भी चर्चा है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। दरोगा और हेड कांस्टेबल को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।