बागेश्वर। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में 17 दिनों से लापता वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व नगरपालिका सभासद धीरेंद्र परिहार का शव मंगलवार शाम बरामद कर लिया गया। उनका शव गिरेछीना-सोमेश्वर मोटर मार्ग पर नदीगांव के पास थुणाई क्षेत्र में गोमती नदी के ऊपर एक गहरी खाई में झाड़ियों के बीच मिला। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस टीम घटनास्थल तक पहुंची।
पुलिस के अनुसार, शव को बरामद करने के लिए SDRF और अग्निशमन विभाग की टीमों को रेस्क्यू अभियान में लगाया गया। खाई काफी गहरी और ढलान बेहद खड़ी होने के कारण शव को बाहर निकालने में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मंगलवार शाम करीब छह से सात बजे के बीच शव को खाई से निकालकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया।
17 अक्टूबर से लापता थे धीरेंद्र परिहार
धीरेंद्र परिहार 17 अक्टूबर से लापता थे। परिजनों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद उनकी मां ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले को लेकर बागेश्वर में लगातार विरोध प्रदर्शन भी हुए।
अधिवक्ताओं, व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने उनकी बरामदगी की मांग को लेकर प्रदर्शन और चक्काजाम किया था। मामले में पुलिस पर जल्द कार्रवाई करने का दबाव बढ़ रहा था। मंगलवार को भी अधिवक्ता पुलिस अधीक्षक से मुलाकात के लिए पहुंचे थे।
दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान दो लोगों को हिरासत में लिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज और एक कार के नंबर से मिले सुराग के आधार पर पुलिस घटनास्थल तक पहुंची। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और बुधवार को इसका खुलासा किया जाएगा।
महिला को कई बार फोन किए जाने का पहलू भी जांच में
मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि घटना वाले दिन धीरेंद्र परिहार की ओर से एक महिला को करीब 16 से 17 बार फोन किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। हालांकि, महिला से जुड़े किसी संबंध या इस पहलू को घटना की वजह मानने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
पूर्व सभासद और बार एसोसिएशन में भी निभाई जिम्मेदारी
धीरेंद्र परिहार बागेश्वर के बागनाथ वार्ड के निवासी थे। वह वर्ष 2019 में नगरपालिका के सभासद निर्वाचित हुए थे। भाजपा कार्यकर्ता के रूप में भी उनकी पहचान थी। वह भारतीय जनता युवा मोर्चा में सक्रिय रहे और सांसद अजय टम्टा के प्रतिनिधि की जिम्मेदारी भी निभा चुके थे।
वह जिला बार एसोसिएशन में पुस्तकालय अध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे। उनके शव मिलने की खबर से बागेश्वर में शोक का माहौल है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा भी मंगलवार को उनके आवास पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।

