Haridwar news : कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी गैंगस्टर की AIIMS में इलाज के दौरान मौत, गैंगवार में लगी थीं गोलियां

हरिद्वार से बड़ी खबर है। पश्चिमी यूपी के कुख्यात गैंगस्टर विनय त्यागी की AIIMS में इलाज के दौरान मौत हो गई है। उसे दो दिनों पहले पुलिस अभिरक्षा में गोली मारी गई थी।

विनय त्यागी को लगी थीं कई गोलियां, इलाज के दौरान तोड़ा दम

कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर विनय त्यागी की मौत हो गई है। विनय त्यागी को 24 दिसंबर को हरिद्वार के लक्सर इलाके में उस वक्त गोलियां मार दी गईं थी जब उसे पुलिस कस्टडी में जेल से कोर्ट पेशी के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान लक्सर में फ्लाईओवर के ऊपर ट्रैफिक जाम में पुलिस वैन फंसी गई। इसी का फायदा उठा कर बाइक से आए नकाबपोश बदमाशों ने विनय त्यागी के उपर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस फायरिंग में विनय त्यागी को तीन गोलियां लगीं। विनय त्यागी गाड़ी में गिर पड़ा। बाद में उसे पहले देहरादून के एक अस्पताल में एडमिट कराया गया था जहां हालत गंभीर होने पर उसे ऋषिकेश एम्स में रेफर कर दिया गया था। एम्स में उसे वेंटिलेंटर पर रखा गया था। शुक्रवार शाम उसकी तबियत बिगड़ने लगी थी। शनिवार सुबह एम्स प्रशासन ने विनय त्यागी को मृत घोषित कर दिया।

इसलिए मारी गई थी गोली

विनय त्यागी को सन्नी और अजय ने गोली मारी थी। हरिद्वार पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि विनय त्यागी और सन्नी यादव के बीच पैसों के लेनदेन का विवाद था। इसी विवाद में सन्नी ने विनय त्यागी को गोली मार दी थी।

विनय के परिजनों ने लगाया ये आरोप

वहीं विनय त्यागी के परिजनों ने कहा है कि विनय त्यागी को NHAI के एक बड़े ठेकेदार के तकरीबन 750 करोड़ रुपए ED से छिपाए जाने के बारे में पता चल गया था। ये पैसे और जेवरात के साथ ही बेनामी संपत्ति के दस्तावेज देहरादून में छिपाए गए थे। विनय त्यागी ने ये पैसे और जेवरात चुरा लिए थे और अब ईडी को देने की तैयारी में था। लेकिन इससे पहले पुलिस ने उसे चोरी के आरोप में पकड़ लिया।

Alka Tiwari

अलका तिवारी पिछले तकरीबन बीस वर्षों से पत्रकारिता से जुड़ी हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ ही अलका तिवारी प्रिंट मीडिया में भी लंबा अनुभव रखती हैं। बदलते दौर में अलका अब डिजिटल मीडिया के साथ हैं और खबरदेवभूमि.कॉम में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

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