Hariyali Teej 2025: देहरादून के उमंग विहार में महिलाओं ने धूमधाम से मनाया तीज का पर्व

Alka Tiwari
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hariyali teej 2025

Hariyali Teej 2025: देहरादून के उमंग विहार क्षेत्र में रविवार को महिलाओं ने तीज पर्व को बेहद शानदार तरीके से मनाया। हरियाली तीज का यह कार्यक्रम श्रीमती मीनाक्षी पोखरियाल के घर पर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम को महिलाओं ने आपसी सामंजस्य व सहयोग से रोमांचक बना दिया।

पारंपरिक परिधान और गीतों से सजी तीज की शाम

देहरादून के उमंग विहार क्षेत्र में रविवार को महिलाओं ने पारंपरिक उल्लास के साथ Hariyali Teej का पर्व मनाया। यह आयोजन महिलाओं के उत्साह, एकता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति प्रेम का प्रतीक बना। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और पूरे उत्साह से इस पारंपरिक त्योहार को मनाया।

झूलों, गीतों और नृत्य ने बांधा समां

कार्यक्रम की शुरुआत हरियाली तीज से जुड़ी परंपराओं के साथ हुई। महिलाओं ने रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधान पहने और हाथों में मेहंदी रचाई। माहौल को और सुंदर बनाने के लिए विशेष रूप से झूले लगाए गए थे, जिन पर झूलती महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीतों की धुनों पर नृत्य किया।

गीत-संगीत और नृत्य की इस शाम में महिलाएं ‘सावन आया रे’ और ‘तीज की रुत आई’ जैसे लोकगीतों पर झूमती नजर आईं। महिलाओं ने एक-दूसरे को तीज की शुभकामनाएं दीं और सामूहिक नृत्य में भाग लिया।

Hariyali Teej में खेल प्रतियोगिताओं का आनंद

Hariyali Teej 2025

कार्यक्रम में विभिन्न मनोरंजक गतिविधियां भी रखी गईं। जैसे—म्यूजिकल गेम, माला प्रतियोगिता आदि। विजेताओं को आकर्षक टास्क भी दिए गए, जिससे महिलाओं का उत्साह और बढ़ गया और अपने टास्क को पूरा करने के लिए भरपूर हंसी-ठिठोली भी की गई।

Hariyali Teej: सांस्कृतिक धरोहर को संजोने की पहल

कार्यक्रम संयोजिका श्रीमती मीनाक्षी पोखरियाल ने बताया कि तीज केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। इस तरह के आयोजनों से महिलाओं को आपस में जुड़ने और अपनी परंपराओं को संजोने का अवसर मिलता है।

इस आयोजन में सभी उम्र की महिलाओं ने हिस्सा लिया और दिनभर उल्लास का माहौल बना रहा। अंत में सामूहिक भोज का आयोजन किया गया, जिसमें पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद सभी ने मिलकर लिया।

महिलाओं की सहभागिता और संस्कृति के प्रति प्रेम दर्शाता है Hariyali Teej

तीज का पर्व देवी पार्वती तथा भगवान शिव के पुनर्मिलन की स्मृति में मनाया जाता है। तीज पर्व सुहागिनों के सौभाग्य, पति की लंबी उम्र, और दांपत्य जीवन की खुशहाली के लिए व्रत और पूजा के रूप में मनाया जाता है।

तीज का यह कार्यक्रम उमंग विहार में महिलाओं की सहभागिता और संस्कृति के प्रति प्रेम को दर्शाता है। इस तरह के आयोजन न केवल त्योहारों को जीवंत बनाते हैं, बल्कि समाज में एकता, प्रेम और परंपराओं को आगे बढ़ाने का माध्यम भी बनते हैं।इस कार्यक्रम में देवीश्वरी ढौंढियाल, मीनाक्षी पोखरियाल, सुमन नौगई, आकांक्षा, देवकी, यशोदा, अर्चना, मेहरूबा आदि महिलाओं ने शिरकत की।

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अलका तिवारी पिछले तकरीबन बीस वर्षों से पत्रकारिता से जुड़ी हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ ही अलका तिवारी प्रिंट मीडिया में भी लंबा अनुभव रखती हैं। बदलते दौर में अलका अब डिजिटल मीडिया के साथ हैं और खबरदेवभूमि.कॉम में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।
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