चारधाम यात्रा में बढ़ी यात्रियों की संख्या, श्रद्धालुओं में नजर आ रहा उत्साह

Alka Tiwari
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उत्तराखंड के चार धाम उत्तराखंड में चार धाम यात्रा

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि चारधाम यात्रा सुव्यवस्थित एवं सुचारू रूप से चल रही है। देश-विदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं। प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों में भी पर्यटकों की संख्या लगातार वृद्धि हो रही है।

सीजफायर के बाद तेज हुई बुकिंग, लौटी रौनक

सतपाल महाराज ने बताया कि भारत-पाक संघर्ष विराम के बाद अब हालात सामान्य होने पर एक बार पुनः चारधाम यात्रा को लेकर श्रृद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है। सीजफायर के बाद अब एक फिर से चारधाम यात्रा को लेकर लोगों ने अपनी बुकिंग करवानी शुरू कर दी है। बुकिंग शुरू होने से टूर एवं ट्रेवेल्स इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को भी राहत मिली है। प्रयागराज से हरिद्वार, ऋषिकेश एवं देहरादून जाने वाली ट्रेनों में भी प्रतीक्षा सूची बढ़ गई है।

GMVN के गेस्ट हाउस में होने लगी बंपर बुकिंग

30 अप्रैल 2025 से प्रारम्भ हुई चारधाम यात्रा के पंजीकरण के तहत अभी तक ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण के तहत 29 के लगभग यात्री अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। जबकि 8 लाख के लगभग श्रद्धालु अभी तक धामों में दर्शनों का लाभ उठा चुके हैं। इसके अलावा जीएमवीएन के गेस्ट हाऊसों की बुकिंग के आधार पर कहा जा सकता है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु अब चारधाम का रुख कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि फरवरी 2025 से शुरू हुई जीएमवीएन गेस्ट हॉउसों की ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग के तहत अभी तक कुल 12,68,55,745 (बारह करोड़ अड़सठ लाख पचपन हजार सात सौ पैंतालीस) रुपये से अधिक की बुकिंग की जा चुकी है।

कैलाश मानसरोवर यात्रा में दिख रहा उत्साह

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि आदि कैलाश व ओमपर्वत की यात्रा भी 02 मई 2025 से प्रारम्भ हो चुकी है। इसमें अब तक 3256 इनरलाईन परमिट जारी किये जा चुके हैं। जबकि 05 वर्षों के अंतराल के पश्चात कैलाश मानसरोवर यात्रा 30 जून 2025 को दिल्ली से प्रारम्भ हो रही है। यात्रा में इस वर्ष कुल 250 यात्री प्रतिभाग कर सकेंगे। अंतिम बार यह यात्रा वर्ष 2019 में संचालित हुई थी। कोरोना महामारी के कारण इस यात्रा का संचालन नहीं हो सका।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा में 50-50 यात्रियों के कुल 05 दल जायेगें, प्रथम दल 10 जुलाई को लिपुलेख पास से होते हुए चीन में प्रवेश करेगा, अंतिम यात्रा दल 22 अगस्त को चीन से भारत लौटेगा। यात्रा का संचालन कुमायूँ मण्डल विकास निगम नैनीताल द्वारा किया जायेगा। इस बार यात्रा रूट टनकपुर से धारचूला होते हुए कैलाश मानसरोवर जायेगा तथा चौकोडी होते हुए अल्मोडा से वापसी करेगा, यात्रा हेतु यात्रियों का मेडिकल परीक्षण दिल्ली में ही किया जायेगा।

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अलका तिवारी पिछले तकरीबन बीस वर्षों से पत्रकारिता से जुड़ी हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ ही अलका तिवारी प्रिंट मीडिया में भी लंबा अनुभव रखती हैं। बदलते दौर में अलका अब डिजिटल मीडिया के साथ हैं और खबरदेवभूमि.कॉम में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।
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