UPI payment में आया ये बड़ा बदलाव, अब न PIN न OTP, ऐसे होगा भुगतान

Date:

उत्तराखंड की हर खबर सबसे पहले पाएं! अभी जुड़ें »

डिजिटल पेमेंट सिस्टम (Digital Payment System) में एक क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है, जो आपके ऑनलाइन लेन-देन के तरीके को हमेशा के लिए बदल देगा। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI payment) के लिए ऑन-डिवाइस बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (On-Device Biometric Authentication) फीचर पेश किया है।

इसका सीधा मतलब यह है कि अब UPI से पेमेंट करने के लिए आपको हर बार 4 या 6 अंकों का PIN (पिन) डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके बजाय, आप अपने स्मार्टफोन की इनबिल्ट सिक्योरिटी का उपयोग करके – जैसे फिंगरप्रिंट स्कैन (UPI Fingerprint scan) या फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचानना) – सीधे पेमेंट को कन्फर्म कर सकेंगे।

यह नया फीचर न केवल पेमेंट को सुपरफास्ट बनाएगा, बल्कि सुरक्षा और सुविधा के मामले में भी गेम चेंजर साबित होगा।

कैसे काम करेगा UPI का यह नया बायोमेट्रिक फीचर?

यह फीचर आपके स्मार्टफोन के मौजूदा सुरक्षा सिस्टम का उपयोग करेगा। इसे इस्तेमाल करने की प्रक्रिया बेहद सरल है:

  1. ऑप्ट-इन (Opt-in) करें: सबसे पहले, आपको अपने UPI ऐप (जैसे PhonePe, Google Pay, Paytm, आदि) की सेटिंग्स में जाकर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के विकल्प को एक्टिवेट (चालू) करना होगा।
  2. ट्रांजैक्शन कन्फर्म करें: जब आप किसी मर्चेंट को पेमेंट करेंगे या किसी दोस्त को पैसे भेजेंगे, तो ऐप आपको PIN डालने के बजाय, फिंगरप्रिंट सेंसर पर अपनी उंगली रखने या चेहरे को स्कैन करने का विकल्प देगा।
  3. क्रिप्टोग्राफिक वेरिफिकेशन: NPCI के अनुसार, हर एक पेमेंट को आपके बैंक द्वारा क्रिप्टोग्राफिक तरीके से वेरिफाई किया जाएगा, जिससे सुरक्षा का स्तर उच्चतम बना रहेगा।

यानी, अब पेमेंट की प्रक्रिया केवल दो सेकंड में पूरी हो जाएगी – स्कैन करो और हो गया!

[whatsapp_channel]

यूजर को मिलेगा पूरा कंट्रोल और प्राइवेसी

NPCI ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा पूरी तरह से ऑप्शनल (Optional) होगी। यह एक बड़ा राहत भरा कदम है, क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि:

  • विकल्प की आजादी: जो यूजर्स पुराने तरीके से UPI PIN डालकर पेमेंट करना जारी रखना चाहते हैं, वे ऐसा कर सकते हैं।
  • तेज और आसान: जिन्हें बार-बार PIN डालने में परेशानी होती है, उनके लिए यह फीचर एक वरदान है, जो लेन-देन को और भी आसान बना देगा।
  • प्राइवेसी बनी रहेगी: सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बायोमेट्रिक डेटा (Biometric Data) आपके मोबाइल डिवाइस से बाहर नहीं जाएगा। हर ट्रांजैक्शन डिवाइस-लेवल सिक्योरिटी और बैंक वेरिफिकेशन से होकर गुजरेगा, जिससे आपकी व्यक्तिगत गोपनीयता पूरी तरह से बनी रहेगी।

क्यों है यह फीचर गेम चेंजर? (UPI new feature)

वर्तमान में, भारत में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है। ऐसे में, यह नया फीचर पेमेंट इकोसिस्टम को निम्नलिखित तरीके से प्रभावित करेगा:

पहलूपुराना सिस्टम (PIN)नया सिस्टम (बायोमेट्रिक)
सुविधाहर बार PIN डालना आवश्यकफिंगरप्रिंट/फेस स्कैन से तुरंत
स्पीडकुछ सेकंड का समय लगता हैमिलीसेकंड में पेमेंट कन्फर्म
भूलने की समस्याPIN भूलने पर ट्रांजैक्शन रुक सकता हैबायोमेट्रिक हमेशा उपलब्ध
सुरक्षाPIN लीक होने का जोखिमडिवाइस-लेवल सिक्योरिटी से मजबूत

UPI में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का आना यह संकेत देता है कि भारत का डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधा, स्पीड और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लगातार विकसित हो रहा है। यह फीचर जल्द ही प्रमुख UPI ऐप्स में रोल आउट होने की उम्मीद है।

उत्तराखंड की हर खबर सबसे पहले पाएं! अभी जुड़ें »
Alka Tiwari
Alka Tiwarihttps://khabardevbhoomi.com
अलका तिवारी पिछले तकरीबन बीस वर्षों से पत्रकारिता से जुड़ी हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ ही अलका तिवारी प्रिंट मीडिया में भी लंबा अनुभव रखती हैं। बदलते दौर में अलका अब डिजिटल मीडिया के साथ हैं और खबरदेवभूमि.कॉम में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

अन्य समाचार

उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों को दिवाली के बाद बड़ी सौगात, महंगाई भत्ता 3% बढ़ा, अब मिलेगा 63 फीसदी DA

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य...