उत्तराखंड में शुद्धीकरण की राजनीति से सियासी उबाल आया हुआ है। हालात ये हैं कि इस मामले में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर FIR हो चुकी है। इसी बीच गुरुवार शाम से अचानक देहरादून से लेकर दिल्ली तक बड़ी हलचल मची हुई है। सबके जेहन में एक ही सवाल है कि क्या उत्तराखंड पुलिस SC-ST एक्ट की धाराओं के तहत राहुल गांधी पर दर्ज FIR के सिलसिले में राहुल गांधी को गिरफ्तार करेगी ? क्या उत्तराखंड पुलिस ने इसकी तैयारी कर ली है ?
राहुल गांधी होंगे गिरफ्तार ?
उत्तराखंड के सियासी गलियारों में एक सवाल जो इस वक्त सबसे अधिक चर्चाओं में है वो ये कि क्या राहुल गांधी गिरफ्तार होंगे ? दरअसल 8 अगस्त को हल्दवानी में आयोजित मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए शुद्धीकरण के बाद से कांग्रेस इस मामले में कार्रवाई की मांग कर रही थी लेकिन हुआ उल्टा और राहुल गांधी पर ही एफआईआर दर्ज कर ली गई। राहुल गांधी पर जो मुकदमा दर्ज है उसमें गिरफ्तारी के प्रावधान हैं ऐसे में राहुल गांधी पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी है। सवाल ये भी है कि जिस नैनीताल पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है उसी को कांग्रेस की तरफ से शुद्धीकरण करने वालों के खिलाफ भी तहरीर मिली है। हालांकि पुलिस ने उस तहरीर पर कोई मुकदमा अभी तक दर्ज नहीं किया है। ऐसे में राहुल गांधी की गिरफ्तारी की आशंका और अधिक बढ़ जाती है।
हालांकि सवाल ये है कि नैनीताल पुलिस क्या दिल्ली जाकर राहुल गांधी को गिरफ्तार करेगी या फिर कोई और रास्ता निकाला जाएगा। क्या उत्तराखंड पुलिस के आलाअधिकारी कोई और तरीका निकालेंगे या फिर सरकार के निर्देशों का इंतजार करेंगे ?
शुद्धीकरण मसले ने राजनीति का नया अध्याय खोला
हल्दवानी में हुई मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए शुद्धीकरण ने उत्तराखंड में दलित राजनीति का एक नया अध्याय खोल दिया है। आमतौर पर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार जैसे राज्यों में दलित राजनीति बेहद प्रभावशाली रही है और उत्तराखंड में इसे बहुत अधिक महत्व के साथ नहीं देखा गया। देखा भी गया तो सार्वजनिक रूप के किसी पार्टी ने इससे पहले इतना आक्रामक रुख नहीं अपनाया लेकिन मौजूदा हालात में कांग्रेस ने खुद को न सिर्फ उत्तराखंड में दलितों का सबसे बड़ा पैरोकार दिखाने की कोशिश की है बल्कि समूचे देश में इसे दलित सम्मान के साथ जोड़ दिया है।
अब सवाल ये है कि क्या उत्तराखंड में शुरू हुआ दलित राजनीति का ये नया अध्याय चुनावी जंग में जीत हार भी तय करेगा ? क्या कांग्रेस ने इस मसले पर सोच समझ कर कदम बढ़ाया है या फिर अनजाने में उसके हाथ एक मुद्दा लग गया है ?
BJP के लिए इतनी आसान नहीं राह
दलित अपमान के मसले पर सवालों के घेरे में खड़ी बीजेपी के लिए कांग्रेस के सवालों के जवाब देना आसान नहीं है। चूंकि कांग्रेस ने इस मसले को पहले उठाया और आक्रामक हुई। कांग्रेस के बड़े नेताओं ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। खुद राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसके बाद बीजेपी ने अपना डिफेंस सिस्टम सक्रिय किया और अपने दलित नेताओं के जरिए बचाव की मुद्रा में आई। शुरुआत में रवायती अंदाज में बीजेपी ने इस मसले को टालने की कोशिश की लेकिन राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद जब हालात हाथ से निकलते दिखे को आनन फानन में सरकार ने राहुल गांधी के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर लिया। हालांकि ये दांव भी फिलहाल बहुत हद तक गलत ही लग रहा है क्योंकि अगर राहुल गांधी की गिरफ्तारी हुई तो कांग्रेस और अधिक आक्रामक होगी और पूरे देश में सड़कों पर उतरेगी। कांग्रेस पूरे देश में ये बताने की कोशिश करेगी कि बीजेपी दलितों का सम्मान नहीं करती।
अचानक दिल्ली में क्या हुआ ?
राहुल गांधी की गिरफ्तारी की तैयारी की खबरें गुरुवार को उस समय बड़ी तेज हो गईं जब दिल्ली में स्थानीय पुलिस ने राहुल गांधी के आवास के आसपास बैरिकेड्स बढ़ा दिए। इसके साथ ही खबरें मिली कि राहुल गांधी के आवास के इर्दगिर्द तैनात दिल्ली पुलिस के जवानों की संख्या को बढ़ा दिया गया है और आने जाने वालों पर और अधिक पैनी नजर रखी जा रही है। ये खबर जैसे ही देहरादून पहुंची सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई कि कहीं ऐसा तो नहीं कि उत्तराखंड पुलिस राहुल गांधी को गिरफ्तार करने की तैयारी में हो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के संभावित प्रदर्शन और विरोध को देखते हुए दिल्ली पुलिस बैकअप दे रही हो। फिलहाल शुक्रवार सुबह ये पोस्ट लिखे जाने तक राहुल गांधी के गिरफ्तार होने की कोई खबर नहीं आई है।
