देहरादून: देहरादून के समर वैली स्कूल में कक्षा 11 की छात्रा की ओर से लगाए गए कथित छेड़छाड़ के आरोपों के मामले में पुलिस ने आरोपी शिक्षक समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच के लिए महिला अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्राथमिकी में पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है।
यह मामला छात्रा और उसके परिवार की ओर से स्कूल के एक शिक्षक के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बाद सामने आया। पुलिस शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
छात्रा और मां ने पुलिस से की शिकायत
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, छात्रा और उसकी मां ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में भौतिक विज्ञान के शिक्षक पर छात्रा के साथ कथित अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगाए गए हैं।
परिवार का दावा है कि इससे पहले भी स्कूल प्रबंधन को शिकायत दी गई थी। परिवार ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद उचित कार्रवाई नहीं हुई और छात्रा पर दबाव बनाया गया।
स्कूल प्रबंधन पर भी लगाए गए आरोप
छात्रा और उसके परिवार ने स्कूल प्रबंधन के कुछ सदस्यों के व्यवहार को लेकर भी आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि शिकायत के बाद मामले को संभालने के तरीके पर उन्हें आपत्ति थी। इस मामले में आरोपी शिक्षक के अलावा दो अन्य लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
आरोपी शिक्षक ने वीडियो जारी कर रखा अपना पक्ष
विवाद के बीच आरोपी शिक्षक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शिक्षक ने कहा कि उनके लगभग 25 साल के शिक्षण करियर में पहली बार इस तरह का आरोप लगा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके व्यवहार से किसी को ठेस पहुंची है तो वह माफी मांगते हैं।
स्कूल के बाहर प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग
मामले को लेकर स्कूल के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों की ओर से प्रदर्शन किए जाने की भी खबरें सामने आई हैं। प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच और शिकायत के आधार पर उचित कार्रवाई की मांग की।
घटना ने स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, शिकायतों के निस्तारण और बच्चों के लिए सुरक्षित शिकायत व्यवस्था जैसे सवालों को भी चर्चा में ला दिया है।
महिला अधिकारी को सौंपी जांच
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले की जांच के लिए महिला अधिकारी नियुक्त की है। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों की पड़ताल की जाएगी।



