देहरादून/गैरसैंण: उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र 27 अक्टूबर से ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में शुरू होगा। सत्र के पहले दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा, जबकि 28 अक्टूबर को इसे पारित करने का कार्यक्रम तय किया गया है। इस बीच, सत्र के एजेंडे को लेकर हुई कार्यमंत्रणा समिति और सर्वदलीय बैठक का कांग्रेस नेताओं ने बहिष्कार किया है।
24 अक्टूबर को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के देहरादून स्थित आवास पर दोनों बैठकें हुईं। इनमें संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल और बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद शामिल हुए। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह बैठक में शामिल नहीं हुए। आगामी सत्र में सात हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।
पहले दिन श्रद्धांजलि और अनुपूरक बजट
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 27 अक्टूबर को सदन की कार्यवाही शुरू होने पर पूर्व मुख्यमंत्री जनरल बीसी खंडूड़ी, पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट और अन्य दिवंगत सदस्यों के निधन पर शोक प्रस्ताव लाकर श्रद्धांजलि दी जाएगी।
इसके बाद भोजनावकाश के बाद अनुपूरक बजट सदन में पेश किया जाएगा। बजट के अलावा कई विधेयक और विभिन्न विभागों तथा निगमों की वार्षिक प्रतिवेदन रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएंगी। 28 अक्टूबर को प्रश्नकाल और बजट पारित करने की कार्यवाही प्रस्तावित है।
कांग्रेस ने किया बैठक का बहिष्कार
वहीं कांग्रेस ने इस बैठक का बहिष्कार किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता यशपाल आर्य ने सरकार पर सदन की कार्यवाही अपने संख्याबल के आधार पर संचालित करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कार्यमंत्रणा समिति में विपक्ष की बात नहीं सुनी जा रही, ऐसे में बैठक में शामिल होने का औचित्य नहीं है।
आर्य ने यह भी कहा कि विधानसभा सत्र गैरसैंण में आयोजित किया जा रहा है, जबकि कार्यमंत्रणा और सर्वदलीय बैठक देहरादून में बुलाई गईं। उनके मुताबिक, सत्र कम से कम सात दिन का होना चाहिए था, ताकि विधायक अपने क्षेत्रों से जुड़े जनहित के मुद्दे उठा सकें।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि दो दिन के सत्र में पहले दिन श्रद्धांजलि और बजट पेश करने की कार्यवाही के चलते विधायकों को जनता से जुड़े सवाल उठाने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलेगा।
अनुपूरक बजट में किन बातों पर रहेगी नजर?
अनुपूरक बजट के जरिए सरकार चालू वित्तीय वर्ष में स्वीकृत बजट से अतिरिक्त वित्तीय प्रावधानों की मांग सदन के सामने रखती है। इस बार बजट का आकार सात हजार करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है।
गैरसैंण सत्र में विपक्ष के सवाल अहम
विधानसभा सत्र की अवधि और एजेंडे को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद सामने आए हैं। सरकार की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार, सत्र में बजट पारित करने सहित कई विधायी कार्य किए जाने हैं, जबकि नेता प्रतिपक्ष ने कम समय में जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए पर्याप्त अवसर न मिलने की चिंता जताई है।



