पौड़ी में गुलदार का आतंक: घर के आंगन से 4 साल की आरुषि को उठा ले गया गुलदार, झाड़ियों में मिला शव

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पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पौड़ी गढ़वाल जिले में एक बार फिर गुलदार के हमले ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। खांड्यूसैंण क्षेत्र के ओजली गांव में मंगलवार शाम घर के आंगन में खेल रही चार वर्षीय बच्ची को गुलदार उठाकर ले गया। काफी तलाश के बाद बच्ची का शव घर से करीब 100 मीटर दूर झाड़ियों में बरामद हुआ। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

मृतक बच्ची की पहचान आरुषि के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, घटना के समय बच्ची घर के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान अचानक गुलदार वहां पहुंचा और उसे अपने जबड़ों में दबाकर झाड़ियों की ओर ले गया।

सात साल के भाई ने देखा बहन को ले जाते गुलदार

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के समय आरुषि का सात वर्षीय भाई आर्यन भी आसपास मौजूद था। उसने गुलदार को अपनी बहन को उठाकर ले जाते देखा और शोर मचाया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने बच्ची की तलाश शुरू कर दी।

काफी खोजबीन के बाद घर से लगभग 100 मीटर दूर झाड़ियों में बच्ची का शव मिला। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में मातम पसर गया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश

बच्ची की मौत के बाद स्थानीय लोगों में वन विभाग और प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की आवाजाही बनी हुई थी, लेकिन उसकी रोकथाम और लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।

घटना के बाद ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए गुलदार को पकड़ने या आवश्यक कार्रवाई करने की मांग उठाई। मौके पर वन विभाग की टीम पहुंची। पौड़ी के विधायक राजकुमार पोरी भी घटनास्थल पर पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनके सामने अपनी नाराजगी जाहिर की।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार गुलदार की गतिविधियां बढ़ने से बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

कोटद्वार में भी गुलदार ने बच्ची पर किया हमला

पौड़ी जिले में गुलदार के हमले की दूसरी घटना कोटद्वार के स्नेह तल्ली क्षेत्र में सामने आई। यहां आठ वर्षीय बच्ची सान्वी घर के आंगन में खेल रही थी, तभी गुलदार ने उस पर हमला कर दिया।

बच्ची की मां नीलम देवी ने शोर मचाते हुए गुलदार का पीछा किया। मां की आवाज और विरोध से घबराकर गुलदार बच्ची को छोड़कर भाग गया। हमले में बच्ची के गले और पैर में चोटें आईं, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

स्थानीय जानकारी के अनुसार, घटना की सूचना मिलने पर विधानसभा अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक ऋतु खंडूड़ी भूषण अस्पताल पहुंचीं और घायल बच्ची का हालचाल जाना।

वन विभाग की ओर से बच्ची के इलाज का खर्च उठाने और क्षेत्र में सुरक्षा के आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई है। अधिकारियों के अनुसार, घायल बच्ची की स्थिति खतरे से बाहर है।

पहाड़ में बढ़ते गुलदार के हमले, सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल

पौड़ी जिले में एक ही दिन में गुलदार के हमले की दो घटनाओं ने वन्यजीव और मानव संघर्ष की गंभीर स्थिति को फिर सामने ला दिया है। एक ओर ओजली गांव में चार वर्षीय बच्ची की जान चली गई, वहीं कोटद्वार में दूसरी बच्ची घायल हो गई।

इन घटनाओं के बाद प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोगों की मांग है कि वन विभाग संवेदनशील गांवों में गश्त बढ़ाए, गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप लगाए और जरूरत के अनुसार पिंजरे स्थापित करे।

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Alka Tiwari
Alka Tiwarihttps://khabardevbhoomi.com
अलका तिवारी पिछले तकरीबन बीस वर्षों से पत्रकारिता से जुड़ी हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ ही अलका तिवारी प्रिंट मीडिया में भी लंबा अनुभव रखती हैं। बदलते दौर में अलका अब डिजिटल मीडिया के साथ हैं और खबरदेवभूमि.कॉम में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

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