Uttarakhand Nikay Chunav 2024: बैलेट पेपर से मतदान में न करें ये गलतियां नहीं तो वोट हो जाएगा अवैध

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Uttarakhand Nikay Chunav 2024: उत्तराखंड में निकाय चुनाव के लिए प्रचार का शोर थम गया है. आज प्रत्याशी घर घर जाकर वोट की अपील कर सकते हैं. किसी भी चुनावी सबा की अनुमति नहीं है. इस दौरान मतदाताओं के लिए ये जानना ज़रूरी है कि किस गलती की वजह से उनका वोट अवैध घोषित हो सकता है. आइए जानते हैं अपने वोट को अवैध होने से बचने के लिए आपको क्या सावधानी बरतनी होगी.

बैलेट पेपर को गलत ढंग से मोड़ने के कारण वोट हो जाता है खराब

बैलेट पेपर से मतदान में अक्सर वोटर जल्दबाजी में कुछ गलतियां करते हैं और इस कारण उनका वोट अवैध हो जाता है. मसलन, बैलेट पेपर में गलत जगह स्याही लगना, गलत जगह ठप्पा लगाना या बैलेट पेपर को गलत ढंग से मोड़ने के कारण स्याही का फैल जाना. ऐसे कुछ कारणों से वोट खराब हो जाता है. Uttarakhand Nikay Chunav में वोटर को सका खास ध्यान रखना होगा.

Uttarakhand Nikay Chunav: चुनाव चिन्ह के सामने लगानी होती है मुहर

Uttarakhand Nikay Chunav: मतदान के समय फोल्डेड यानी मुड़ा हुआ बैलेट पेपर यानी मतपत्र वोटर को दिया जाता है. इस मतपत्र में विभिन्न दलों के प्रत्याशियों के चुनाव चिन्ह और नाम होते हैं. हर प्रत्याशी के बीच में एक डॉटेड स्टार वाली लाइन होती है. निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, मतदाता को जिसको भी वोट देना है, उसी के सामने स्याही वाली मुहर से मध्य में ठप्पा लगाया जाता है.

अलग करने वाली लाइन में लगेगा ठप्पा तो वोट अवैध

ठप्पा अगर दो प्रत्याशियों के नाम अलग करने वाली लाइन में लगेगा तो वोट अवैध हो जाएगा. अगर वो बैलेट पेपर के बाहरी किसी हिस्से में लगाया जाता है तो भी वो अनवैलिड हो जाएगा. ऐसे में हमेशा प्रत्याशी के नाम और चुनाव चिन्ह के बीच निर्धारित जगह पर ही मुहर लगाएं.

Uttarakhand Nikay Chunav: बैलेट पेपर को ऐसे मोड़ें 

मुहर लगाने के बाद भी अक्सर मतदाता बैलेट पेपर को गलत ढंग से मोड़ देते हैं. ऐसे में स्याही कई जगह गलत ढंग से लग जाने पर भी वोट रद्द हो जाता है. लिहाजा वोट डालने के बाद भी गोपनीयता बरतते हुए मतपत्र जिस ढंग से मोड़ा हुआ मिला था, उसी तरह मोड़कर सुरक्षित मतदान पेटी में डालें. 

इन कारणों से भी रद्द हो जाता है वोट

निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक, अगर आप बैलेट पेपर पर वोट डालने के बाद उसे किसी को सार्वजनिक भी करते हैं तो भी आपका वोट रद्द किया जा सकता है. ऐसे में पूरी गोपनीयता भी मतदान के दौरान बनाए रखें. विशेष परिस्थितियों में ही कुछ लोगों को किसी अन्य की मदद से मतदान करने की अनुमति होती है. 

Alka Tiwari
Alka Tiwarihttps://khabardevbhoomi.com
अलका तिवारी पिछले तकरीबन बीस वर्षों से पत्रकारिता से जुड़ी हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ ही अलका तिवारी प्रिंट मीडिया में भी लंबा अनुभव रखती हैं। बदलते दौर में अलका अब डिजिटल मीडिया के साथ हैं और खबरदेवभूमि.कॉम में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

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