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देहरादून के दशहरा महोत्सव में शामिल हुए CM धामी, बोले- सत्य और धर्म की राह दिखाते हैं भगवान श्रीराम के आदर्श

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देहरादून के परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी ने आयोजित किया दशहरा महोत्सव, मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी विजयादशमी की शुभकामनाएं; न्याय, सुशासन और जनकल्याण को बताया रामराज्य की मूल भावना

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, कर्तव्यनिष्ठा, संयम और आदर्श आचरण की प्रेरणा देता है। विजयादशमी का पर्व हमें सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने तथा अपने भीतर की बुराइयों को दूर करने का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री ने दशहरा महोत्सव के सफल आयोजन के लिए बन्नू बिरादरी के पदाधिकारियों, सदस्यों और आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दशहरा केवल रावण के पुतले के दहन का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्ममंथन करने और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर भी है।

अहंकार और अधर्म का अंत निश्चित: मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम और रावण का प्रसंग हमें सिखाता है कि अहंकार और अधर्म चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। रावण के पास अपार संपत्ति, सामर्थ्य और विशाल सेना थी, लेकिन उसका अहंकार और मर्यादा का उल्लंघन ही उसके पतन का कारण बना।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने आचरण से त्याग, संयम, कर्तव्यपालन और मर्यादा के ऐसे आदर्श स्थापित किए, जो आज भी समाज का मार्गदर्शन करते हैं। पिता के वचन की रक्षा के लिए राजसुख छोड़कर 14 वर्ष का वनवास स्वीकार करना उनके कर्तव्यबोध और सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा का उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे विजयादशमी पर अपने भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, लोभ और नकारात्मक प्रवृत्तियों को दूर करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, अन्याय, नशे और महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है।

उत्तराखंड में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द को सुरक्षित रखने के साथ प्रदेश में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया है। उनके अनुसार, इस अभियान के तहत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से क्षतिपूर्ति वसूलने के उद्देश्य से सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है। वहीं, धर्म और आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह करने तथा धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) को समानता और न्याय की भावना मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा करना और प्रदेश में सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना है।

युवाओं को पांच साल में 35 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां मिलने का दावा

मुख्यमंत्री धामी ने शिक्षा और रोजगार को राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। बच्चों में ज्ञान, नवाचार और तार्किक सोच विकसित कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और नकल जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को उनकी योग्यता, मेहनत और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, रोजगार और निवेश बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का आधार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम कर रही है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच सके।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की आर्थिक प्रगति के लिए निवेश, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों का विस्तार जरूरी है। स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) का राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम योगदान है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार आर्थिक विकास के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने और विकास की प्रक्रिया में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है।

रामराज्य की मूल भावना न्याय, सुशासन और जनकल्याण

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित रामराज्य की अवधारणा न्याय, सुशासन, समानता और जनकल्याण पर आधारित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि विकास के साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपराओं और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराएं उत्तराखंड की पहचान और शक्ति हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और सत्य, धर्म, मर्यादा तथा कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ऐसे उत्तराखंड का निर्माण किया जा सकता है, जहां हर व्यक्ति को न्याय मिले, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों, महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिले और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री के अनुसार, यही भगवान श्रीराम के आदर्शों के प्रति सच्ची श्रद्धा और विजयादशमी के पर्व का वास्तविक संदेश है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, बन्नू बिरादरी के पदाधिकारी एवं सदस्य, आयोजन समिति के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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