उत्तराखंड बीजेपी में बढ़ते असंतोष की झलक अब पार्टी लाइन से उठ कर सोशल मीडिया में भी दिखने लगी है। हालात यहां तक बिगड़ गए हैं कि पार्टी के एक नेता ने राजनीतिक सन्यास का लगभग मन बना लिया है। ये नेता हैं बद्री केदार मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय। अजेंद्र अजय पिछले कुछ दिनों से पार्टी की मौजूदा राजनीति से असहज महसूस कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर लिखी पोस्ट
अजेंद्र अजय ने फेसबुक पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपने मन की बात लिख कर सनसनी फैला दी है। अजेंद्र अजय ने लिखा, ‘
उत्तराखंड में वर्तमान में जिस प्रकार का राजनीतिक परिदृश्य देखने को मिल रहा है, उससे राजनीति के प्रति मोहभंग सा होता जा रहा है। मोदी जी ने कहा था कि “तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा।”
Narendra Modi जी तीसरा दशक ऐसा होगा, हम जैसे कार्यकर्ताओं और देवभूमिकी जनता ने कभी कल्पना भी नहीं की थी।छात्र जीवन से राष्ट्रवाद और सनातन के प्रति अगाध आस्था, विश्वास और समर्पण के कारण कई बार कई आरोप भी झेले। इन आरोपों से कभी व्यथित नहीं हुआ।व्यथित होने की परिस्थितियां तब उत्पन्न हो रही हैं, जब हम विपरीत कार्यों के साथ दिखाई पड़ रहे हैं और उनके प्रति हमारा मौन समर्थन प्रकट हो रहा है।
ऐसी परिस्थितियों में राजनीतिक जीवन से संन्यास लेने के अतिरिक्त कोई अन्य विकल्प नहीं दिखाई पड़ता है।‘
BKTC में नहीं हुई थी वापसी, हेमंत द्विवेदी को मिला पद
अजेंद्र अजय बीकेटीसी के अध्यक्ष हुआ करते थे। लंबे समय तक उन्होंने बीकेटीसी को अपनी सेवाएं दीं। हालांकि कुछ समय पहले जब उनका कार्यकाल खत्म हुआ तब धामी सरकार ने उनको अध्यक्ष पद पर पुन: तैनाती नहीं दी और हेमंत द्विवेदी को बीकेटीसी का अध्यक्ष बना दिया। अजेंद्र अजय पिछले कुछ वक्त से सरकार की आलोचना से भी संकोच नहीं करते हैं। बीकेटीसी के मौजूदा अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के साथ भी उनके रिश्ते बहुत अच्छे नहीं लगते हैं।