देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका को लेकर विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया। परिवार की मांग है कि मामले में कथित VIP एंगल की जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि आखिर अंकिता भंडारी हत्याकांड में VIP का मुद्दा क्या है और वायरल ऑडियो में दुष्यंत गौतम का नाम कैसे सामने आया?
इस पूरे विवाद को समझने के लिए सितंबर 2022 में हुए हत्याकांड से लेकर दिसंबर 2025 में वायरल हुई ऑडियो-वीडियो क्लिप और मौजूदा जांच तक के घटनाक्रम को समझना जरूरी है।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
अंकिता भंडारी उत्तराखंड के ऋषिकेश क्षेत्र के पास स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। लापता होने के छह दिन बाद उनका शव चीला नहर से बरामद हुआ था।
इस मामले में रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों, सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता, को मई 2025 में अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
मामले की जांच के दौरान अंकिता पर रिजॉर्ट में आए एक अतिथि को कथित तौर पर अतिरिक्त (VIP) सेवाएं देने का दबाव बनाए जाने की बात भी सामने आई थी। इसी संदर्भ में एक कथित VIP की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे। हालांकि, तीनों दोषियों को मिली सजा और किसी अन्य व्यक्ति की कथित भूमिका का सवाल अलग-अलग विषय हैं।
दिसंबर 2025 में वायरल हुआ ऑडियो, फिर शुरू हुआ विवाद
अंकिता भंडारी केस में कथित VIP एंगल को लेकर विवाद दिसंबर 2025 में फिर तेज हुआ। पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पत्नी होने का दावा करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर मामले से जुड़ा एक वीडियो और कथित बातचीत की ऑडियो क्लिप साझा की।
इन क्लिप्स को लेकर दावा किया गया कि अंकिता हत्याकांड में चर्चा में रहे VIP की पहचान ‘गट्टू’ नाम से जुड़े एक व्यक्ति के रूप में की जा सकती है। सोशल मीडिया पर इस नाम को भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम से जोड़कर पेश किया गया।
हालांकि, वायरल रिकॉर्डिंग में किए गए दावों की प्रामाणिकता और उनकी व्याख्या विवाद का विषय रही है। इसलिए किसी ऑडियो क्लिप या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर किसी व्यक्ति की भूमिका को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
सुरेश राठौर ने ऑडियो को बताया AI से बनाया गया
वायरल क्लिप सामने आने के बाद बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने उसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठाए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने ऑडियो को AI से तैयार किया गया बताते हुए आरोपों का खंडन किया।
दुष्यंत गौतम ने भी अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया। जनवरी 2026 में उन्होंने देहरादून के डालनवाला थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद कथित ऑडियो और उससे जुड़े आरोपों को लेकर अलग कानूनी विवाद भी सामने आया।
CBI जांच में क्या हो रहा है?
कथित VIP एंगल को लेकर उठते सवालों के बीच उत्तराखंड सरकार ने जनवरी 2026 में मामले की CBI जांच की सिफारिश की थी। अंकिता के परिवार की मांग रही है कि जांच में विशेष रूप से कथित VIP की भूमिका और हत्या से जुड़े सभी प्रासंगिक पहलुओं की पड़ताल की जाए।
परिवार का कहना है कि दोषियों को सजा मिलने के बावजूद कुछ सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं। वहीं, पुलिस की पूर्व SIT जांच के बारे में रिपोर्टों में कहा गया था कि उसे हत्या में किसी प्रभावशाली नेता की भूमिका स्थापित करने वाले प्रमाण नहीं मिले थे।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के विरोध में इंडिया गेट पर प्रदर्शन
अक्टूबर 2026 में दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने की घोषणा के बाद ये विवाद फिर एक बार बढ़ गया। अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना दिया। परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील की कि कथित VIP एंगल की जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।
14 अक्टूबर को ही रात में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और उन्होंने अंकिता के परिवार से मुलाकात की। पवन खेड़ा समेत अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए।
15 अक्टूबर की सुबह दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान अंकिता के माता-पिता और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। बाद में माता-पिता को रिहा कर दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद अंकिता भंडारी केस एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया।

