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बद्रीनाथ में चढ़ावा चोरी, कर्मचारी के खिलाफ FIR दर्ज, जांच में मिले सबूत

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की खबरों के बीच अब उत्तराखंड में बद्रीनाथ मंदिर में भी चढ़ावा चोरी की खबरें आ रही हैं। शुरुआती जांच में इसे लेकर सबूत भी मिले हैं। BKTC के एक कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। जांच में प्रमोद नौटियाल के खिलाफ सबूत मिलने की सूचना है।

पुलिस को दी गई तहरीर, शुरुआती जांच में मिले सबूत

दरअसल प्रमोद नौटियाल जुलाई के शुरुआती दिन में ही रडार पर आ गए थे। बीकेटीसी की अंदरूनी जांच में प्रमोद नौटियाल के जरिए भेंट थाल गणना में गलत तरीकों से पैसों को उठाने की पुष्टि हुई। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी हो गई थी। सात जुलाई को जैसे ही शासन ने प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया उसके बाद उनके खिलाफ बद्रीनाथ थाने में तहरीर दी गई। पुलिस ने आठ जुलाई की तारीख में प्रमोद नौटियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

प्रमोद नौटियाल खासे प्रभावशाली बताए जा रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक वो बीकेटीसी अध्यक्ष के व्यक्तिगत सहायक के पद पर कार्यरत थे हालांकि बीकेटीसी अध्यक्ष ने इससे इंकार किया है कि प्रमोद उनके निजी सहायक के तौर पर काम कर रहे थे। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की ओर से जारी आदेश के अनुसार नौटियाल के विरुद्ध पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आने पर तीन जुलाई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। 

कौन हैं प्रमोद नौटियाल ?

वर्तमान में प्रमोद नौटियाल बीकेटीसी के अध्यक्ष के पर्सनल सेक्रेटरी का पद संभाल रहे हैं। साल 2014 में प्रमोद नौटियाल ने बीकेटीसी में इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के पद पर नियुक्ति पाई। चूंकि इस पद पर भविष्य में कोई प्रमोशन होने की उम्मीद नहीं थी लिहाजा उन्हे 2018 में सीधी भर्ती वाले व्यक्तिगत सहायक के पद पर समायोजित किया गया। 2023 में नियमावली में एक संशोधन के जरिए प्रमोद नौटियाल को जनसंपर्क विशेष अधिकारी के पद पर तैनाती दे गई। हैरानी इस बात की है कि प्रमोद नौटियाल गणना कार्य के कार्मिक थे ही नहीं लेकिन उन्हे चढ़ावा गणना कार्य में लगाया गया।

उत्तराखंड में सीएम धामी ने पेंशनधारियों के खाते में भेजे पैसे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत 9 लाख 87 हजार 17 विभिन्न पेंशन लाभार्थियों को कुल ₹ 146 करोड़ 32 लाख 50 हज़ार की पेंशन राशि का डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया। यह भुगतान जुलाई माह 2026 की पेंशन का किया गया।

पात्र लोगों को मिल रहा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पेंशन राशि का समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरण किया जा रहा है, जिससे पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का सीधे लाभ मिल रहा है। सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज का कमजोर वर्ग, सरकार के परिवार का हिस्सा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि पेंशन के लिए किसी बुजुर्ग माता-पिता, विधवा बहन या दिव्यांग भाई को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। हमारा संकल्प प्रत्येक पात्र नागरिक को सम्मानपूर्वक, समय पर और बिना किसी परेशानी के उसका अधिकार पहुँचाना है।

सबका साथ, सबका विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना के साथ उत्तराखंड को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य का विकास समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास से ही संभव है।

जुलाई 2026 की पेंशन का भुगतान

समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा माह जुलाई-2026 की पेंशन किश्त का भुगतान किया गया है। इस माह विभिन्न पेंशन योजनाओं के 9लाख 87 हजार 17 लाभार्थियों को पेंशन धनराशि का भुगतान किया गया। उक्त लाभार्थियों में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय सामजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के 2.15 लाख पेंशनर भी सम्मिलित हैं जिन्हें वर्तमान में SNA स्पर्श नामक नवीन प्रणाली से भुगतान किया जा रहा है।

गौरतलब है कि जुलाई 2026 में विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत कुल 9,87,017 लाभार्थियों को पेंशन का लाभ दिया गया। इसके लिए कुल 146.32 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गई। इसके अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन के कुल 6,15,628 लाभार्थियों को 1,500 रुपये प्रतिमाह की दर से 92.34 करोड़ रुपये की पेंशन वितरित की गई। वहीं विधवा पेंशन के 2,36,983 लाभार्थियों को 1,500 रुपये प्रतिमाह की दर से 35.54 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई।

दिव्यांग पेंशन का भी भुगतान

दिव्यांग पेंशन के 89,128 लाभार्थियों को 1,500 रुपये की दर से 13.36 करोड़ रुपये, किसान पेंशन के 27,288 लाभार्थियों को 1,200 रुपये की दर से 3.2 करोड़ रुपये तथा परित्यक्ता पेंशन के 8,284 लाभार्थियों को 1,200 रुपये की दर से 99.408 लाख रुपये वितरित किए गए। इसके अलावा भरण-पोषण अनुदान के 7,383 लाभार्थियों को 700 रुपये की दर से 51.68 लाख रुपये, तीलू रौतेली पेंशन के 2,196 लाभार्थियों को 1,200 रुपये की दर से 26.35 लाख रुपये तथा बौना पेंशन के 127 लाभार्थियों को 1,200 रुपये की दर से 1.524 लाख रुपये की धनराशि वितरित की गई।

इस अवसर पर सचिव समाज कल्याण श्रीधर बाबू अद्दांकी, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया, अपर सचिव सुन्दरलाल सेमवाल, निदेशक संजय कुमार, अपर निदेशक योगेंद्र रावत, संयुक्त निदेशक जी.आर नौटियाल, गोवर्धन सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

विशिष्ट महिलाएं तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित, सम्मान राशि बढ़ाने का ऐलान

देहरादून। शनिवार को देहरादून में तीलू रौतेली सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सीएम धामी ने राज्य की विशिष्ट महिलाओं को सम्मानित किया है। इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार भी बांटे गए हैं। सीएम धामी ने इस दोनों पुरस्कारों के लिए दी जाने वाली धनराशि में इजाफा करने का भी ऐलान किया है।

प्रदेश की 13 महिलाओं को मिला तीलू रौतेली पुरस्कार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रदेश की 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार तथा 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने पुरस्कार प्राप्त करने वाली सभी महिलाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीलू रौतेली जयंती उत्तराखंड के इतिहास और नारी शक्ति के स्वाभिमान के लिए गौरवशाली अवसर है। वीरांगना तीलू रौतेली अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और नारी शक्ति की अमर प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरों के साथ-साथ वीरांगनाओं की भूमि भी रही है और जब भी वीरांगनाओं के साहस एवं पराक्रम की चर्चा होगी, तीलू रौतेली जी का नाम गर्व और सम्मान के साथ लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीलू रौतेली जी का जीवन स्वाभिमान, साहस और नारी शक्ति का प्रेरणादायी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बेटियों ने सदैव अपनी प्रतिभा, साहस और सामर्थ्य से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। आज सम्मानित की गई महिलाएं भी प्रदेश की अन्य मातृशक्ति और बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। महिलाओं के लिए संसद एवं विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और लखपति दीदी जैसी पहल महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी मातृशक्ति के सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता लागू की। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना, उद्यमिता विकास कार्यक्रम तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज मुक्त ऋण जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि बढ़ाने का लिया निर्णय

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि को 31 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये किया था। अब राज्य सरकार ने तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि को 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये करने का निर्णय लिया है। इसी प्रकार आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की सम्मान राशि भी 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 61 हजार रुपये की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि केवल पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी नहीं, बल्कि प्रदेश की मातृशक्ति के सेवा, समर्पण और योगदान के प्रति सरकार के सम्मान का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के प्रारंभिक विकास, पोषण, स्वास्थ्य और संस्कारों में आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रही हैं।

सरकार ने मानदेय में किया इजाफा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 7,500 रुपये से बढ़ाकर 9,300 रुपये, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 4,500 रुपये से बढ़ाकर 6,250 रुपये तथा सहायिकाओं का मानदेय 3,550 रुपये से बढ़ाकर 5,250 रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नति का प्रावधान भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और स्वरोजगार तक हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य की मातृशक्ति को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जब उत्तराखंड की बहनें और बेटियां सशक्त होंगी, तभी प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को पूर्ण किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण के लिए सरकार निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाली सभी महिलाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास चन्द्रेश कुमार, निदेशक बंशीलाल राणा एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड में मौसम का हाल, अगले दो दिनों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम का हाल अगले कुछ दिनों के लिए ठीक नहीं रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार उत्तराखण्ड में आगामी दिनों में मानसून की सक्रियता के चलते कई जनपदों में भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ अत्यंत तीव्र वर्षा होने की संभावना है। आपदा नियंत्रण विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

9 और 10 अगस्त का अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने 09 अगस्त को बागेश्वर, पिथौरागढ़ एवं चमोली तथा 10 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल एवं चम्पावत जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार 09 अगस्त को राज्य के अन्य पर्वतीय जनपदों में भी गरज के साथ तेज वर्षा एवं आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। वहीं देहरादून, रुद्रप्रयाग, नैनीताल एवं चम्पावत में कहीं-कहीं भारी वर्षा तथा हरिद्वार एवं ऊधमसिंहनगर में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका

10 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल एवं चम्पावत में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना के साथ गरज-चमक एवं अत्यंत तीव्र वर्षा की आशंका है। राज्य के अन्य जनपदों में भी कहीं-कहीं तेज वर्षा, गरज-चमक तथा आकाशीय बिजली की संभावना बनी रहेगी। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़ एवं ऊधमसिंहनगर में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

संभल कर रहना होगा, उत्तराखंड में मौसम ढाएगा कहर !

मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी संबंधित जिलों को आवश्यक सावधानियां बरतने तथा 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधित विभागों को अपने स्तर पर आवश्यक संसाधनों एवं उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित रखने के साथ ही सड़क मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल मार्ग खोलने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मौसम की इस अवधि में मोबाइल फोन स्विच ऑफ न करने, आवश्यक सुरक्षा उपकरण अपने साथ रखने तथा किसी भी आपदा की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों एवं राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों एवं पर्यटकों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें और अनावश्यक जोखिम लेने से बचें। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा के दौरान नदी-नालों, गदेरे एवं बरसाती नालों के आसपास जाने से बचें तथा जलभराव वाले स्थानों और कमजोर पुलों को पार करने का प्रयास न करें। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन एवं पत्थर गिरने की आशंका वाले मार्गों पर विशेष सावधानी बरतें और मौसम खराब होने पर यात्रा को यथासंभव स्थगित करें।

Breaking News: बड़ी खबर, नंदा की चौकी पुल मामले में तीन इंजीनियर सस्पेंड

देहरादून। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने देहरादून के प्रेमनगर इलाके में नंदा की चौकी पुल के एप्रोच मार्ग के धंसने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। शासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर तीन इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया है।

जांच में सामने आई लापरवाही

दरअसल हाल ही में देहरादून-पांवटा साहिब पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टोंस नदी पर नवनिर्मित पुल का एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त हो गया था। इसे लेकर सरकार पर कई सवाल उठे। विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया और प्रदर्शन किया। 16 करोड़ की लागत से बने इस पुल को बने हुए 16 ही दिन हुए थे और इसका एप्रोच मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद आनन फानन में विभाग ने इस मामले में जांच बैठा दी।

तीन इंजीनियर सस्पेंड, सामने आई ये वजह

इस पूरे मामले में सचिव पीडब्ल्यूडी पंकज पांडेय ने जांच के आदेश दिए थे। अब ये जांच पूरी हो गई और जांच रिपोर्ट आ गई है। इस मामले में तीन इंजीनियरों की लापरवाही सामने आई है। जांच रिपोर्ट में पुल के एप्रोच मार्ग के धंसने की मुख्य वजह तकनीकी निगरानी में लापरवाही और गुणवत्ता नियंत्रण में कमी को पाया गया है। इसके आधार पर कर्तव्यों के पालन में घोर लापरवाही बरतने के लिए 3 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। जिन तीन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है वो हैं –

  1. श्री राजेश कुमार (अधिशासी अभियन्ता – Executive Engineer, प्रान्तीय खण्ड, लो०नि०वि०, देहरादून)।
  2. श्री अमित त्यागी (सहायक अभियन्ता – Assistant Engineer, प्रान्तीय खण्ड, लो०नि०वि०, देहरादून)।
  3. श्री नवीन गैरोला (कनिष्ठ अभियन्ता – Junior Engineer, प्रान्तीय खण्ड, लो०नि०वि०, देहरादून)।

डिजाइन कंसलटेंट (Design Consultant) की लापरवाही: उनके द्वारा नदी का मार्ग बदलने का कार्य (Design of River Diversion Work) नहीं दिया गया था

नदी के तल के ढलान (Cross Slope) और नदी के घुमावदार स्वभाव (Meandering Nature) को ध्यान में रखते हुए नदी प्रशिक्षण (River Training Measures) के उपाय किए जाने चाहिए थे, जो कि नहीं किए गए

इसके परिणामस्वरूप नदी का पूरा बहाव पुल के एक ही हिस्से (Span) की तरफ केंद्रित हो गया। इस वजह से पुल के किनारे वाले हिस्से (Abutment के Upstream) में भारी कटाव (Heavy Scouring) हुआ, जिससे एप्रोच रोड के नीचे खोखला स्थान (Cavity) बन गया और वह टूट गई

उत्तराखंड में एनालॉग पनीर पर रोक, नकली डेयरी उत्पादों पर भी प्रतिबंध, मिलावटखोरों के खिलाफ चलेगा अभियान

उत्तराखंड सरकार ने राज्य में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही नकली डेयरी उत्पादों पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। धामी सरकार ने राज्य में मिलावटखोरों के खिलाफ राज्य व्यापी अभियान चलाने की तैयारी कर ली है। इस संबंध में आदेश जारी हो गए हैं।

एनॉलाग पनीर बैन, भ्रमित करना पड़ेगा भारी

उत्तराखंड खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आम लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले नकली डेयरी कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्यभर में अमानकीकृत डेयरी एनालॉग और गैर-दुग्ध उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। स्वास्थ्य सचिव व आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग विनय शंकर पांडेय द्वारा जारी यह आदेश उन उत्पादों पर लागू होगा, जो पनीर, घी, मक्खन या अन्य दुग्ध उत्पादों के नाम पर उपभोक्ताओं को भ्रमित करते हैं। सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करेगा, बल्कि खाद्य कारोबार में पारदर्शिता और गुणवत्ता भी सुनिश्चित करेगा।

पूरे उत्तराखंड में लागू

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत जारी इस आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध पूरे उत्तराखंड में लागू होगा और राजपत्र में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी माना जाएगा। यह आदेश एक वर्ष तक अथवा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा इस विषय पर अंतिम मानक अधिसूचित किए जाने तक प्रभावी रहेगा। मुख्यमंत्री धामी की मंशा के अनुरूप खाद्य सुरक्षा विभाग अब पूरे प्रदेश में शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए व्यापक अभियान चलाएगा।

उपभोक्ताओं को भ्रमित करना पड़ेगा भारी

बीते कुछ वर्षों में बाजार में ऐसे उत्पादों की भरमार हो गई थी, जो देखने, पैकिंग और नाम से बिल्कुल पनीर, घी, मक्खन या अन्य दुग्ध उत्पाद जैसे दिखाई देते थे, लेकिन वास्तव में उनमें दूध के स्थान पर वनस्पति वसा, वनस्पति तेल अथवा अन्य गैर-दुग्ध अवयवों का इस्तेमाल किया जाता था। ऐसे उत्पाद उपभोक्ताओं को भ्रमित करने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन रहे थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने वैज्ञानिक परीक्षण, प्रयोगशाला विश्लेषण और जोखिम मूल्यांकन के बाद यह सख्त निर्णय लिया है। अब ऐसे सभी उत्पाद प्रतिबंधित होंगे जो वास्तविक दुग्ध उत्पाद नहीं हैं, जिनमें दूध के स्थान पर वनस्पति वसा अथवा अन्य गैर-दुग्ध सामग्री का उपयोग किया गया है अथवा जिनकी पैकेजिंग, लेबलिंग और विपणन उपभोक्ताओं को भ्रमित करता है। हालांकि एफएसएसएआई के मानकों के अनुरूप फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे मानकीकृत उत्पाद इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे।

बाजार में चलेगा विशेष अभियान, हर जिले में होगी निगरानी

विभाग के अधिकारियों के अनुसार आदेश लागू होने के बाद राज्यभर में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। डेयरी उत्पाद बनाने वाली इकाइयों, गोदामों, थोक और खुदरा बाजारों, होटलों, रेस्टोरेंटों तथा मिठाई की दुकानों की व्यापक जांच होगी। संदिग्ध उत्पादों के नमूने लेकर प्रयोगशालाओं में परीक्षण कराया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने के साथ उत्पाद जब्त करने और लाइसेंस निरस्त करने जैसी कार्रवाई भी की जाएगी। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा, पर्यटन सीजन और त्योहारों के दौरान डेयरी उत्पादों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में नकली पनीर, घी और दूध से बने उत्पादों की बिक्री की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। धामी सरकार का मानना है कि इस प्रतिबंध से न केवल उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिलेंगे बल्कि ईमानदारी से कारोबार करने वाले डेयरी उद्योग को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

जनस्वास्थ्य सर्वोपरि, नियम तोड़ने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई

आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग विनय शंकर पांडेय ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक परीक्षणों और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है ताकि बाजार में नकली और भ्रामक डेयरी उत्पादों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। उन्होंने सभी खाद्य कारोबारियों से अपील की है कि वे केवल मानकों के अनुरूप उत्पादों का ही निर्माण एवं विक्रय करें, अन्यथा कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग राज्यभर में नियमित निरीक्षण, सैंपलिंग और प्रवर्तन अभियान चलाएगा। यदि कोई व्यापारी उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले गैर-मानकीकृत डेयरी उत्पाद बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे खरीदारी करते समय उत्पाद की लेबलिंग, निर्माण सामग्री और लाइसेंस की जानकारी अवश्य देखें तथा किसी भी संदिग्ध उत्पाद की सूचना तत्काल विभाग को दें।

खाद्य सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत

आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग विनय शंकर पांडेय का मानना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में उठाया गया यह कदम उत्तराखंड की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करेगा। इससे नकली डेयरी उत्पादों के कारोबार पर प्रभावी रोक लगेगी, उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ेगा और शुद्ध दुग्ध उत्पाद बनाने वाले उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

उल्लंघन पर होगी कठोर कार्रवाई – विनय शंकर पांडेय, आयुक्त

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। डेयरी एनालॉग के नाम पर ऐसे उत्पाद बाजार में बेचे जा रहे थे, जो उपभोक्ताओं को भ्रमित करने के साथ स्वास्थ्य के लिए भी जोखिम पैदा कर सकते हैं। वैज्ञानिक परीक्षणों और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर यह प्रतिबंध लगाया गया है। विभाग पूरे राज्य में व्यापक जांच अभियान चलाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी खाद्य कारोबारियों से अपील है कि वे केवल एफएसएसएआई के मानकों के अनुरूप उत्पादों का ही निर्माण और विक्रय करें।

शारदा घाट निर्माण में देरी से नाराज हुए मुख्य सचिव, अधिकारियों को दिए ये निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश के मेगा प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने प्रदेश के भीतर सभी बड़े प्रोजेक्ट्स का निर्माण कार्य नियमित समय पर पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मासिक एवं त्रैमासिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए सभी कार्यों की नियमित निगरानी किए जाने पर जोर दिया।

लगातार निगरानी के दिए निर्देश

मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग के अंतर्गत उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम, पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन एवं यूपीसीएल के बड़े प्रोजेक्ट्स की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने लॉस रिडक्शन वर्क्स के वित्तीय एवं भौतिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए लगातार मॉनिटरिंग की जाए एवं निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने वाइब्रेंट विलेज का विद्युतीकरण कार्य भी निर्धारित समय पर पूर्ण किए जाने हेतु मासिक लक्ष्य निर्धारित किए जाएं।

निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के शीघ्र संचालन पर जोर

मुख्य सचिव ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के शीघ्र संचालित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर एवं पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेजों को निर्माण कर शीघ्र से शीघ्र पूर्ण करते हुए कक्षाएं शुरू की जाएं। उन्होंने हरिद्वार मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य में तेजी लायी जाए।

घाट निर्माण में देरी पर जताई नाराजगी

मुख्य सचिव ने शारदा घाट कार्य में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्था यूपीडीसीसी को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर का कार्य भी आगामी कुंभ – 2027 को ध्यान में रखते हुए, उतना की कार्य शुरू किए जाने के निर्देश दिए, जितना विभाग दिसंबर 2026 तक पूर्ण कर सकें। उन्होंने महिला एवं बाल कल्याण विभाग के तहत् निर्माणाधीन कामकाजी महिला छात्रावास के संचालन के लिए मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, चंद्रेश कुमार यादव, सी. रविशंकर एवं विनोद कुमार सुमन सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कौशल विकास कार्यक्रमों को भविष्य के अनुरूप करें तैयार – मुख्य सचिव

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में कौशल विकास एवं रोजगार से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कौशल विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, रोजगार एवं प्लेसमेंट की स्थिति तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ें – मुख्य सचिव

मुख्य सचिव ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाए। साथ ही युवाओं की रुचि एवं स्थानीय रोजगार की आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने को कहा गया।

डैशबोर्ड तैयार करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने कहा कि कौशल विकास से संबंधित सभी विभाग एक प्लेटफॉर्म पर काम करें, ताकि युवाओं को सुविधा मिल सके। उन्होंने प्रदेश को स्किल हब बनाने के लिए सचिव, कौशल विकास को सेतु आयोग की राय लेते हुए तथा सभी स्टैक होल्डर को शामिल करते हुए एक डैशबोर्ड तैयार किए जाने के निर्देश दिये।

शुरू हुए शार्ट टर्म कोर्सेज

सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन सी. रविशंकर ने बताया कि समग्र कौशल विकास के लिए स्कूल, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा के सहयोग से उद्योगों के मानकों के अनुसार आईटीआई को अपग्रेड किया जाना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 119 आईटीआई क्रियाशील है। नब्बे आईटीआई को पोर्टल पर मैप किया जा चुका है। टाटा टेक्नोलॉजीज, आईटीआई में शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग कोर्स के लिए शुरू कर दिया है।

सचिव ने बताया कि युवाओं को विदेश में नौकरी पाने के लिए स्कील इण्डिया इंटरनेशनल सेंटर में वैश्विक मानकों के अनुसार प्रशिक्षण, भाषा ज्ञान और अन्य जरूरी दक्षता प्रदान करने के लिए तीन एजेंसियांे से बात की गई है। उन्होंने बताया कि रोजगार प्रयाग पोर्टल पर निजी नियोक्ताओं का भी पंजीकरण किया जा रहा है। अब तक कुल 162 नियोक्ताओं को पोर्टल पर जोड़ा जा चुका है, युवाओं को रोजगार दिया जा रहा है।

धामी कैबिनेट के फैसले, शिक्षा, इंफ्रास्ट्र्क्चर से लेकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था तक ऐतिहासिक ऐलान

देहरादून। उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनकल्याण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, श्रमिक कल्याण, शिक्षा, न्यायिक आधारभूत संरचना, खेल, पर्यटन, पेयजल तथा औद्योगिक विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन निर्णयों की जानकारी महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मीडिया को दी। धामी कैबिनेट के फैसले एक तरह से राज्य के लिए ऐतिहासिक निर्णय की तरह माने जा रहे हैं।

कैबिनेट ने हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकता अनुसार लगभग 30 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण हेतु हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।

अब सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी गौ एवं भैंस खरीद पर मिलेगा अनुदान

कैबिनेट ने राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी योजना से जोड़ने का निर्णय लिया। अब लाभार्थी गाय के साथ-साथ भैंस खरीदने का विकल्प भी चुन सकेंगे। पशु की यूनिट कॉस्ट 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। इससे प्रथम वर्ष में लगभग 2128 पशुपालकों को लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वरोजगार तथा पलायन रोकने में सहायता मिलेगी।

उत्तराखण्ड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को मंजूरी

कैबिनेट ने मजदूरी संहिता, 2019 के तहत उत्तराखण्ड मजदूरी संहिता नियमावली, 2026 लागू करने का निर्णय लिया। इसमें न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन, डिजिटल भुगतान तथा समान कार्य के लिए महिला एवं पुरुष को समान वेतन सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों के लिए नई संचालन नियमावली

समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित छात्रावासों के लिए संचालन नियमावली, 2026 लागू करने का निर्णय लिया गया। इससे अनुसूचित जाति एवं जनजाति के मेधावी छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आवास, भोजन तथा सर्वांगीण विकास की सुविधाएं सुनिश्चित होंगी।

ईको टूरिज्म को मिलेगा नया प्रोत्साहन

ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की संरचना में संशोधन किया गया। समिति में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करते हुए पर्यावरण संरक्षण, जड़ी-बूटी प्रबंधन, कूड़ा नियंत्रण तथा स्थानीय समुदायों के बेहतर समन्वय को मजबूत किया जाएगा।

जीएसटी अधिनियम में संशोधन अध्यादेश को स्वीकृति

केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधनों के अनुरूप उत्तराखण्ड माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने का निर्णय लिया गया, जिससे राज्य की कर व्यवस्था राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप अद्यतन बनी रहेगी।

राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन हेतु 122 पद सृजित होंगे

उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गौलापार (हल्द्वानी) के सुचारू संचालन के लिए 122 नियमित पदों के साथ आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से आवश्यक तकनीकी एवं सहायक पदों की स्वीकृति दी गई। इससे खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध होगा।

बंगाली अनुसूचित जाति सहायता कोष संचालन समिति में संशोधन

दिनेशपुर एवं शक्तिफार्म क्षेत्र के बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए सहायता कोष संचालन समिति में उपाध्यक्ष एवं सदस्य पदों पर उसी समुदाय से नामांकन का निर्णय लिया गया।

सहकारी समिति नियमावली से भेदभावपूर्ण प्रावधान हटेंगे

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखण्ड सहकारी समिति नियमावली, 2004 में संशोधन कर कुष्ठ रोग से संबंधित भेदभावपूर्ण प्रावधान हटाए जाएंगे तथा उनकी जगह मानसिक अक्षमता संबंधी न्यायालय द्वारा घोषित प्रावधान को शामिल किया जाएगा।

जल जीवन मिशन की योजनाओं के लिए नया हस्तांतरण प्रोटोकॉल लागू

ग्रामीण पेयजल योजनाओं की कमीशनिंग तथा ग्राम पंचायतों एवं ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरण हेतु भारत सरकार के निर्धारित प्रोटोकॉल को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया।

वन विकास निगम में स्केलर भर्ती होगी अधिक पारदर्शी

उत्तराखण्ड वन विकास निगम सेवा (संशोधन) विनियमावली, 2026 लागू करते हुए स्केलर पदों के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा का प्रावधान किया गया, जिससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आयोग की चयन प्रणाली के अनुरूप होगी।

हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार का रास्ता साफ

उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड सरकार के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए समझौता ज्ञापन किए जाने का निर्णय लिया गया। इससे धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक निवेश, व्यापार और रोजगार को नई गति मिलेगी।

उत्तराखण्ड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को मंजूरी

कैबिनेट ने औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के तहत उत्तराखण्ड औद्योगिक संबंध नियमावली, 2026 लागू करने का निर्णय लिया। इसमें औद्योगिक विवादों के समयबद्ध समाधान, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण समितियों का गठन, हड़ताल एवं तालाबंदी की स्पष्ट प्रक्रिया तथा श्रमिक री-स्किलिंग फंड जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।

उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, जारी हुई लिस्ट, इन्हे मिली जिम्मेदारी

उत्तराखंड में कांग्रेस की नई टीम तैयार हो गई है। कांग्रेस आलाकमान ने उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी की नई सूची को मंजूरी दे दी है। एक तरह से देखा जाए तो गणेश गोदियाल की छोटी टीम तैयार हो गई है। चुनाव से पहले कांग्रेस की नई टीम बन जाने से कांग्रेस के प्रदर्शन में सुधार की गुंजाइश बढ़ गई है।

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारी समिति (Executive Committee)

क्रमांकनाम (हिंदी)
1गणेश गोदियाल
2यशपाल आर्य
3हरीश रावत
4प्रीतम सिंह
5गुरदीप सिंह सप्पल
6काजी निजामुद्दीन
7प्रकाश जोशी
8करण माहरा
9डॉ. हरक सिंह रावत
10भुवन चंद्र कापड़ी
11तिलक राज बेहड़
12मयूख माहर
13ममता राकेश
14हरीश सिंह धामी
15मनोज तिवारी
16फुरकान अहमद
17विक्रम सिंह नेगी
18आदेश सिंह चौहान
19मदन सिंह बिष्ट
20गोपाल सिंह राणा
21खुशहाल सिंह अधिकारी
22रवि बहादुर

महासचिव (General Secretaries)

क्रमांकनाम (हिंदी)
1राजेंद्र भंडारी
2नवीन जोशी
3अभिषेक सिंह
4विजय गुनसोला
5तेलू राम
6पुष्कर जैन
7राकेश लाल शाह
8दीप शर्मा
9मकबूल कुरैशी
10अमरजीत सिंह
11याकूब सिद्दीकी
12राजेंद्र शाह
13जसवंत सिंह चौहान
14सुमित्तर भुल्लर
15श्रीमती अनीता शर्मा
16जयेंद्र रमोला
17संजय किरोला
18राजेंद्र टंगड़िया

सचिव (Secretaries)

क्रमांकनाम (हिंदी)
1मुकेश नेगी
2धर्मपाल सिंह
3भूपेंद्र नेगी
4प्रदीप चौधरी

प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य के नाम

क्रमांकनाम (हिंदी)
5संदीप सहगल
6सागर मरवाह
7प्रेम सिंह कोठारी
8राकेश थापा
9मूलचंद शर्मा
10गोपाल सिंह बिष्ट
11कुंदन कुमार कोली
12राजीव चौधरी
13कंवर सिंह सयाना
14बृजेश कोठारी
15भरत सिंह झिंकवान
16मनीष राणा
17मोहन खोलिया
18सौरभ बी. एल.
19दिनेश पंत
20बिमला सेमवाल
21श्याम सिंह चौहान
22सुंदर दत्त जोशी
23त्रिलोक वर्मा
24इंदर पाल आर्या
25सूर्य प्रकाश
26दान सिंह राणा
27नेहर सिंह
28संजय सैनी
29एडवोकेट मुकेश चंद
30अरविंद राज
31नरेश द्विवेदी
32जय सिंह राणा
33सुरेंद्र पंवार
34सुरेंद्र सिंह रावत
35उज्ज्वल रावत
36सुदर्शन साहा

प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य बने ये

राजेश वालिया, संदीप कुमार मित्तल, देवेंद्र कन्याल, वीरेंद्र रावत, देवेंद्र पाल सिंह, गुरमीत सिंह प्रिंस, मनोज बलूनी, जगदीश चौयार, नरेंद्र औसुरा, सुरेंद्र (सुशांत) बोरा, संदीप गोस्वामी, संदीप चौधरी, संजय शर्मा, सतीश नाथ गोस्वामी, जितेंद्र वाधवा, अंकित कोहली, सीमा आर्या, सोफिया नाज़, स्वाति नेगी, भगवती बिष्ट, नजमा खान, कवलजीत शाह, विनोद प्रसाद भट्ट, गौरव अग्रवाल, अभय सिंह नयाल, सुरेंद्र बिष्ट, सोहन लाल ध्यानी, शेखर त्यागी, वरुण कपूर, गुंजन सिंह, ओम प्रकाश सती, ललित बिष्ट, विपिन खाबू, अशोकन कोका, भूपिंदर मुयाल, जोहार सिंह जुयाल तथा प्रताप प्रताप सिंह शामिल हैं।

इसके साथ ही गोदावरी थापली को कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है।

बनबसा में रुकेगी ये ट्रेन, रेल मंत्री ने दी स्वीकृति, सीएम धामी ने किया था अनुरोध

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री के अनुरोध पर बनबसा रेलवे स्टेशन पर गाड़ी संख्या 15093/15094 अछनेरा-टनकपुर एक्सप्रेस के ठहराव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में रेल मंत्री ने मुख्यमंत्री को आधिकारिक पत्र भेजकर जानकारी दी है।

रेल मंत्री ने जनसुविधा के दृष्टिगत बनबसा रेलवे के संबंध में मुख्यमंत्री के सिफारिश पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए रेलवे ने बनबसा स्टेशन पर अछनेरा-टनकपुर एक्सप्रेस के नियमित ठहराव को मंजूरी दे दी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस निर्णय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे सीमांत क्षेत्र के लोगों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, सैनिक परिवारों तथा श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी।

बनबसा रेलवे स्टेशन पर इस ट्रेन के ठहराव से कुमाऊँ क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी तथा स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा होगी।