उत्तराखंड में SIR की विसंगतियों पर सुनवाई जारी, 20 लाख से अधिक नोटिस जारी

देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने गुरुवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस कांफ्रेंस कर प्रदेश में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के सम्बंध में प्रेस कांफ्रेंस कर विस्तार पूर्वक जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में एसआईआर प्रक्रिया के तहत नोटिस फेज में 24 लाख 30 हजार के सापेक्ष 20 लाख 27 हजार नोटिस मतदाताओं तक पंहुचा दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 14 जुलाई से 5 अगस्त तक दावे और आपत्तियों के फेज में अबतक फार्म 6 के 57 हजार, फार्म 7 के 22 हजार 668 एवं फार्म 8 के 26 हजार 145 आवेदन बीते 20 दिन में प्राप्त हो चुके हैं।

नियमित बैठकों का दौर जारी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राजनैतिक दलों से भी एसआईआर को लेकर लगातार फीडबैक लिया जा रहा है। विधानसभा स्तर पर ईआरओ, जनपद स्तर पर डीईओ और प्रदेश स्तर पर सीईओ द्वारा नियमित रुप से बैठकें की जा रही हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नोटिसों की सुनवाई के लिए सक्षम अधिकारियों द्वारा लगाता फील्ड विजिट की जा रही है। उन्होंने बताया कि नोटिस सुनवाई के दौरान मतदाताओं को परेशानी ना हो इसके लिए आवश्य निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी जनपदों के डीईओ को निर्देश दिए कि 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं के घर पर जाकर जारी नोटिसों की सुनवाई करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि विसंगति वाले नोटिसों के मामलों में बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं को अनावश्यक बूथ पर ना आना पड़े। इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास उपस्थित रहे।

विकास कार्यों के लिए खुला सरकार का खजाना, 1967 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति जारी

उत्तराखंड सरकार ने राज्य में विकास कार्यों के लिए अपना खजाना खोला है। राज्य में कई विकास कार्यों के लिए तकरीबन दो हजार करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में शहरी आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा जीआईएस आधारित जल-निकासी योजना के लिए कुल ₹1967 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में जीआईएस आधारित जल-निकासी योजना के अंतर्गत शामिल 15 योजनाओं हेतु ₹1960 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत के अन्तर्गत टनकपुर में शारदा नदी के दाहिने किनारे पर स्थित खेत खेड़ा गाँव की सुरक्षा के लिए बाढ़ सुरक्षा योजना हेतु ₹6.82 करोड, की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद उधमसिंहनगर के जिलाधिकारी कार्यालय में स्थित चकबंदी कार्यालय के सामने इंटर लॉकिंग टाईल्स द्वारा स्टाफ कार पार्किंग निर्माण हेतु कुल लागत ₹70.21 लाख के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹42.12 लाख, की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं आधुनिक आधारभूत संरचना के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत योजनाओं का कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, जिससे आमजन को इन योजनाओं का लाभ शीघ्र प्राप्त हो सके।

उत्तराखंड में बुजुर्गों और दिव्यांगों के घर पर होगी SIR नोटिस की सुनवाई

देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को कुमांऊ-गढ़वाल के मंडल आयुक्तों सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांन्फ्रेंस कर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जनपदों के डीईओ को निर्देश दिए कि 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं के घर पर जाकर जारी नोटिसों की सुनवाई करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रहे कि विसंगति वाले नोटिसों के मामलों में बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं को अनावश्यक बूथ पर ना आना पड़े।

ससमय निस्तारण जरूरी

समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जनपदों के डीईओ को फार्म 6, फार्म 7 एवं फार्म 8 के तहत अबतक प्राप्त आवेदनों को नियमानुसार जांच कर ससमय निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि दावे एवं आपत्तियों के चरण में किसी एक मतदाता द्वारा 5 से अधिक मामलों में दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत की जा रही हैं तो इसके लिए नियत प्रावधानों के अनुसार ईआरओ स्वंय अपने स्तर विधिवत जांच एवं सत्यापन की कार्रवाही करें।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने आयुक्त कुमांऊ दीपक रावत एवं आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरुप को अपने-अपने मंडलों में स्वयं जिलेवार विजिट कर सुपर चैकिंग के निर्देश दिए हैं। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास के अतरिक्त दोनों मंडलायुक्त एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में भारी बारिश का पूर्वानुमान, सीएम धामी ने हाई अलर्ट पर रहने के दिए निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही वर्षा तथा आगामी दिनों के लिए जारी मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार की सुबह सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से दूरभाष पर वार्ता कर प्रदेश के विभिन्न जनपदों की स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने संभावित आपदा की किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्य की सभी आपदा प्रबंधन एवं राहत एजेंसियों को पूर्ण सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

विभागों को समन्वय बनाकर चलने की ताकीद

सीएम धामी ने निर्देश दिए हैं कि राज्य आपदा प्रतिवादन बल, राष्ट्रीय आपदा प्रतिवादन बल, जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ हाई अलर्ट पर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में बिना विलंब राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर निगरानी रखी जाए, नदी-नालों के जलस्तर पर सतत दृष्टि बनाए रखी जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जनहानि रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र चौबीसों घंटे सक्रिय रहें तथा प्रत्येक घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में जनहानि को रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसके लिए सभी अधिकारी पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।

देहरादून, चमोली और बागेश्वर में आरेंज अलर्ट जारी

सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा गुरुवार के लिए देहरादून, चमोली एवं बागेश्वर जनपदों में ऑरेंज अलर्ट तथा राज्य के शेष जनपदों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग द्वारा कुछ स्थानों पर तीव्र वर्षा, आकाशीय बिजली तथा तेज हवाओं की संभावना व्यक्त की गई है। ऐसी परिस्थितियों में सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है तथा राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा प्रदेशभर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

चेतावनी को गंभीरता से लें

सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने प्रदेशवासियों एवं राज्य में आए पर्यटकों से अपील करते हुए कहा कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लें तथा सावधान, सचेत एवं सतर्क रहें। अनावश्यक यात्रा से बचें तथा अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व मौसम एवं मार्ग की अद्यतन जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

सचिव विनोद सुमन ने कहा कि प्रदेश सरकार की सभी आपदा प्रबंधन एजेंसियां पूरी तरह तैयार हैं तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों एवं राहत दलों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल प्रशासन एवं अधिकृत सरकारी माध्यमों से जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करें।

संस्कृत को मिलकर आगे बढ़ाएंगे भारत और नेपाल, उत्तराखंड करेगा अगुवाई

भारत और नेपाल दुनिया में संस्कृत को मिलकर आगे बढ़ाएंगे। इस पहल की अगुवाई उत्तराखंड करेगा। बुधवार को दिल्ली में उत्तराखंड के संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने नेपाल के भारत में कार्यवाहक राजदूत डा. सुरेंद्र थापा से मुलाकात की है और इस पहल पर विस्तृत चर्चा की है। इस दौरान संस्कृत के बढ़ते वैश्विक महत्व को रेखांकित करते हुए भारत और नेपाल के मध्य गहन शैक्षणिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि संस्कृत के क्षेत्र में अनुसंधान, विद्वत्ता तथा शैक्षिक अवसरों को नई गति प्रदान की जा सके।

संस्कृत को वैश्विक स्तर पर मिलेगी और अधिक प्रतिष्ठा

सचिव, संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार ने बताया कि इस दौरान नेपाल के कार्यवाहक राजदूत महामहिम डॉ. सुरेन्द्र थापा ने संस्कृत के संवर्धन हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए नेपाल की संस्कृत विद्वत्ता और साहित्यिक परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देशों के मध्य शैक्षणिक सहयोग शिक्षण पद्धतियों के आदान-प्रदान तथा भारतीय संस्कृत विद्वानों के सतत मार्गदर्शन से नेपाल में संस्कृत शिक्षा एवं अनुसंधान को नई गति मिलेगी तथा इसे वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिष्ठा प्राप्त होगी।

ग्लोबल स्तर पर संस्कृत को लोकप्रिय बनाने की तैयारी

भेंट के दौरान सचिव दीपक कुमार ने नेपाल के राजदूत को अवगत कराया कि उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह सदैव इस बात पर विश्वास रखते हैं कि संस्कृत सीखना अत्यंत सरल है। उन्होंने युवाओं के बीच संस्कृत एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के समन्वय के महत्व पर भी विशेष बल दिया है, जिससे संस्कृत के शुद्ध उच्चारण को सभी के लिए सहज बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि उत्तराखंड संस्कृत को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाने में अग्रणी भूमिका निभाए।

उत्तराखंड में हो रहे प्रयासों की दी जानकारी

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, संस्कृत साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति सदैव समर्पित रहे हैं। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में राज्य के सभी 13 जनपदों में 13 संस्कृत ग्रामों की स्थापना की गई है। 28 अगस्त 2026 को संस्कृत दिवस के अवसर पर संस्कृत ग्राम, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम् तथा राज्यभर के विभिन्न गुरुकुल संगोष्ठियों, व्याख्यानों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कार्यशालाओं एवं जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से आधुनिक समाज में संस्कृत की शाश्वत प्रासंगिकता का व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगे।

नेपाल द्वारा जून 2025 में आयोजित 19 वें विश्व संस्कृत सम्मेलन में विश्वभर के प्रतिष्ठित संस्कृत विद्वानों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं संस्कृत प्रेमियों ने सहभागिता की। इस सम्मेलन ने, संस्कृत अध्ययन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान की। श्री दीपक कुमार ने कहा कि उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय एवं नेपाल संस्कृत विश्वविद्यालय के मध्य होने वाला समझौता ज्ञापन शैक्षणिक आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान, शिक्षक एवं छात्र सहयोग तथा संस्कृत अध्ययन के संवर्धन के लिए नए अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल का संबंध संस्कृत, सनातन परंपराओं, दर्शन, साहित्य तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर आधारित एक अद्वितीय सभ्यतागत संबंध है। सदियों से संस्कृत दोनों देशों के लोगों को एक साझा बौद्धिक एवं आध्यात्मिक आधार प्रदान करती रही है।

इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कॉलेज के संस्कृत विभाग के सहायक आचार्य एवं वरिष्ठ संस्कृत पत्रकार डॉ. सुनील जोशी भी उपस्थित रहे। बैठक में दोनों देशों के युवा शोधार्थियों एवं विद्वानों को संयुक्त शोध परियोजनाओं, शैक्षणिक आदान-प्रदान तथा संयुक्त प्रकाशनों के लिए प्रोत्साहित करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई. जिससे भारत-नेपाल के सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

कश्मीर में आतंकी हमला, नाम पूछकर मारी गोली, एक की मौत

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दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार देर शाम आतंकियों ने एक बार फिर आतंकी हमला हुआ है। आतंकियों ने नाम पूछकर एक प्रवासी मजदूर की जान ले ली। वहीं एक घायल है। ये हमला कुलगाम के केल्लम इलाके में स्थित ईंट भट्ठा 77बी के पास हुआ, जहां काम कर रहे मजदूरों पर आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की। इस हमले में छत्तीसगढ़ निवासी 24 वर्षीय दीपक रात्रे की मौके पर मौत हो गई, जबकि 28 वर्षीय भूपेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए।

आतंकी हमले की जिम्मेदारी TRF ने ली

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार घटना की जिम्मेदारी लश्कर-ए-ताइबा (एलईटी) के शैडो संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। सूत्रों के अनुसार मजदूरों को गोली मारने से पहले उनके इनके नाम भी पूछे गए। घाटी में महज 10 दिनों के भीतर टारगेट किलिंग की यह दूसरी बड़ी घटना है, जिसने सुरक्षाबलों के सामने एक बार फिर नया ट्रेंड और गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। इससे पहले 22 जुलाई 2026 को अनंतनाग के व्यस्त लाल चौक बाजार में आतंकियों ने हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी को निशाना बनाया था, जिसमें वे बलिदान हो गए थे। उस हमले की भी जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली थी

पहले भी हुई है टारगेट किलिंग

इससे पहले 2024 में 7 फरवरी को श्रीनगर के शहीद गंज इलाके में पंजाब के दो मजदूरों अमृतपाल सिंह और रोहित मसीह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ताज़ा हमले के बाद प्रशासन ने प्रवासी मजदूरों के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है। सुरक्षाबलों के अनुसार आतंकियों की इस बदलती रणनीति और नए ट्रेंड को देखते हुए सुरक्षा रणनीति को नए सिरे से तैयार किया जाएगा, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा पुख्ता की जा सके ।

10 दिनों में दूसरा हमला

दक्षिण कश्मीर में गैर-स्थानीय नागरिकों और सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अनंतनाग जिले में एक बड़ा आतंकवादी हमला देखने को मिला था। अनंतनाग में सबसे हालिया आतंकवादी हमला 22 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे हुआ था, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था।

वह हमला दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग शहर के व्यस्त और मुख्य बाजार लाल चौक पर हुआ था। उस हमले में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस के बहादुर हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी निशाना बने थे और देश की रक्षा करते हुए बलिदान हो गए थे। बाद में कुख्यात आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े शैडो ग्रुप द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने अनंतनाग में हुए उस हमले की जिम्मेदारी ली थी। 

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू, EVM पहुंची, ट्रेनिंग जल्द

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी गई है। राज्य में चुनावों के लिए EVM मंगा ली गईं हैं। चुनावों के मद्देनजर जल्द ही अधिकारियों और कर्मचारियों की ट्रेनिंग भी शुरू करा दी जाएगी। माना जा रहा है कि राज्य में विधानसभा चुनाव समय से पहले भी हो सकते हैं।

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के लिए मंगा ली EVM

उत्तराखंड में 2027 में विधानसभा के चुनाव होने है। इसके लिए विभाग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। राज्य में बिहार से 2500 बैलेट यूनिट, 6000 वीवीपैट और 12,500 कंट्रोल यूनिट्स मंगाई गईं हैं। ये मशीनें उत्तराखंड पहुंच चुकी हैं। इन्हे जिलों में भेज दिया गया है। इसके साथ ही राज्य में पहले से भी कुछ मशीनें उपलब्ध हैं। वहीं माना जा रहा है कि अगले महीने डीईओ, आरओ व अन्य अधिकारियों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण भी शुरू हो जाएगा।

इसके साथ ही जिलेवार जल्द ही वोटिंग यूनिट्स की जांच शुरू हो जाएगी। जो मशीने खराब होंगी उन्हे प्रक्रिया से अलग कर दिया जाएगा।

लंबे समय से टिके अफसरों की लिस्ट तलब

उत्तराखंड में चुनावी प्रक्रिया के तहत ही लंबे समय से एक ही स्थान पर डटे अफसरों की लिस्ट तैयार कर ली गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही ऐसे अफसरों के तबादले के लिए प्रक्रिया प्रारंभ होगी। आमतौर पर ऐसा होता रहा है। तीन साल से एक ही पोस्ट पर जमे अफसरों को चुनाव के दौरान हटा दिया जाता है।

उत्तराखंड में समय से पूर्व होंगे चुनाव!

सियासी गलियारों में चर्चा है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि राज्य में समय से पहले ही चुनाव होने जा रहे हैं। इसके पीछे सबसे अहम वजह 2027 में हरिद्वार में कुंभ का होना बताया जा रहा है। दरअसल हरिद्वार में अगले साल कुंभ का आयोजन होना है। इस आयोजन में बड़े पैमाने पर सरकारी मशीनरी लगती है। इसके साथ ही सुरक्षा बलों की भी तैनाती होती है। ऐसे में कुंभ और चुनाव दोनों को एक साथ संपन्न कराना राज्य के लिए मुश्किल हो सकता है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं ऐसा तो नहीं कि उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव नवंबर या दिसंबर में संपन्न करा लिए जाएं।

लापरवाह अधिकारियों को सीएम धामी की चेतावनी, CM Helpline की समीक्षा के दौरान जताई नाराजगी

उत्तराखंड मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (Uttarakhad CM Helpline) पर आ रही शिकायतों पर हीलाहवाली करना अब उत्तराखंड के अधिकारियों को भारी पड़ सकता है। सीएम धामी ने गुरुवार को सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। सीएम ने कहा है कि हेल्पलाइन पर आ रही शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दास्त नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने की CM Helpline की समीक्षा, हुए नाराज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक जन शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम है। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा जवाबदेही हर स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी।

पेयजल विभाग का काम ढीला, मिली चेतावनी

मुख्यमंत्री ने पेयजल विभाग एवं जल जीवन मिशन से संबंधित अधिक संख्या में प्राप्त शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित शिकायतों का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समय पर जन शिकायतों का निस्तारण न होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अब जारी होगा कारण बताओ नोटिस

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में जिन अधिकारियों की कार्यवाही शून्य प्रतिशत है, उन्हें संबंधित विभागाध्यक्ष तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करें। यदि संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन शिकायतों का निर्धारित समयावधि में समाधान नहीं हो पा रहा है, उनकी नियमित समीक्षा विभागाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी स्तर पर की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि स्पेशल क्लोज, डिमांड, सजेशन तथा अन्य श्रेणियों में परिवर्तित की गई शिकायतों का भी गंभीरता से परीक्षण किया जाए, ताकि किसी भी वास्तविक शिकायत का निस्तारण प्रभावित न हो।

नियमित सुनवाई और समाधान करें सुनिश्चित

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक सोमवार को जनपद स्तर पर जिलाधिकारी, मंडल स्तर पर दोनों मंडलायुक्त तथा शासन स्तर पर सभी सचिव समाधान दिवस के माध्यम से जन समस्याओं की नियमित सुनवाई एवं समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस को प्रभावी जनसेवा के मंच के रूप में विकसित किया जाए तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा एवं भारतीय वन सेवा के अधिकारियों को पूर्व में निर्देश दिए गए थे कि वे अपने सेवाकाल की शुरुआत वाले क्षेत्रों में जनसुविधाओं के दृष्टिगत नवाचार करें। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सभी नवाचारों की विस्तृत सूची 50 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए।

रिटायर्ड कर्मियों को पहली महीने से मिले पेंशन

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्मिकों को सेवानिवृत्ति के उपरांत प्रथम माह से ही पेंशन प्राप्त होनी प्रारंभ हो जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी तथा इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागाध्यक्ष की होगी।

मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण विभाग, पर्यटन, स्वास्थ्य तथा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं सुचारु बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने भूमि संबंधी विवादों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा अनावश्यक रूप से लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।

स्पेशल क्लोज की दर घटी

समीक्षा बैठक में सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने अवगत कराया कि 18 अप्रैल से 28 जुलाई 2026 तक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर कुल 67,843 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 20,461 शिकायतों का पूर्ण निस्तारण, 31,363 का आंशिक निस्तारण, 7,404 शिकायतें प्रक्रियाधीन, 4,061 शिकायतें लंबित तथा 3,738 शिकायतें स्पेशल क्लोज श्रेणी में हैं। इस अवधि में स्पेशल क्लोज की दर घटकर 5.5 प्रतिशत रह गई है, जो पूर्व अवधि की तुलना में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाती है।

बैठक में यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की संख्या में वृद्धि हुई है, जबकि प्रमुख विभागों में शिकायतों के औसत निस्तारण समय में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। साथ ही शिकायतों के समाधान के उपरांत शिकायतकर्ताओं से फीडबैक प्राप्त करने एवं विभागवार मॉनिटरिंग व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने सभी सचिवों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की अगली समीक्षा बैठक से पूर्व अपने-अपने स्तर पर व्यापक समीक्षा कर लें। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में केवल शिकायतों की संख्या नहीं, बल्कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि तथा विभागीय उत्तरदायित्व के आधार पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

सीएम धामी ने खुद मिलाया फोन

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न जनपदों के शिकायतकर्ताओं से फोन पर वार्ता कर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली।

अल्मोड़ा के मोहम्मद सलमान ने मुख्यमंत्री को बताया कि कूड़ा निस्तारण संबंधी उनकी शिकायत का समाधान हो गया है। उन्होंने नाली निर्माण की समस्या भी बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को 24 घंटे के भीतर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। टिहरी गढ़वाल के श्री आकाश रमोला ने बताया कि चम्बा स्थित सुमन कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति संबंधी उनकी शिकायत का समाधान हो गया है। हरिद्वार के श्री जुल्फिकार खान द्वारा राजस्व विभाग से संबंधित समस्या बताने पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने उधम सिंह नगर के नजम खान तथा अल्मोड़ा के नंदन सिंह से भी बातचीत की। दोनों शिकायतकर्ताओं ने हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी शिकायतों के संतोषजनक निस्तारण पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

पेपर लीक हुआ तो विश्वविद्यालय होगा जिम्मेदार, शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत की दो टूक

देहरादून। उत्तराखंड में सभी शिक्षण संस्थानों में परीक्षा प्रबंधन की सम्पूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। इसके लिये विश्वविद्यालय प्रशासन को एक विश्वसनीय तंत्र विकसित करना होगा ताकि किसी भी प्रकार की परीक्षाओं में सुचिता, पारदर्शिता एवं गोपनियता बनी रहे। राज्य के शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने इस संबंध में निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश तकनीकी शिक्षण संस्थानों में पठन-पाठन व प्रशिक्षण कार्यक्रमों के सुचारू संचालन को शैक्षणिक कैलेंडर तथा शिक्षकों के प्रशिक्षण को फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडपी) कैलेंडर लागू करना होगा।

शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने ली बैठक

सूबे के तकनीकी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज विधानसभा स्थित सभाकक्ष में तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने कहा कि सभी प्रकार की परीक्षाओं के संचालन की सम्पूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। अपने अधीन शिक्षण संस्थानों में सभी प्रकार की परीक्षाओं को सुचिता, पारदर्शिता एवं गोपनियता के साथ सम्पन्न कराना विश्वविद्यालय प्रशासन का प्रमुख कार्य होगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की अनियमित्तताओं के लिये कुलपति, कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक को पूर्ण रूप से जिम्मेदार माना जायेगा और उनके खिलाफ नकल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की जायेगी।

डाॅ. रावत ने बैठक में राजकीय पाॅलीटेक्निक संस्थानों में 480 गेस्ट फैकल्टी के पदों पर नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव एक माह से शासन स्तर पर लम्बित रहने पर कड़ी नाराजगी जताई और अधिकारियों को फटकार लगाते हुये नियुक्ति प्रक्रिया में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिये ताकि पाॅलीटेक्निक संस्थानों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। डाॅ. रावत ने तकनीकी शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिये शैक्षणिक कैलेंडर अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दिये। साथ ही उन्होंने प्रत्येक संस्थान में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडपी) कैलेंडर लागू करने को भी कहा ताकि शिक्षकों को देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में नियमित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने तकनीकी संस्थानों में लम्बे समय से रिक्त शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर पदों को शीघ्र भरने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।

तकनीकि संस्थानों की समीक्षा भी की

बैठक में विभागीय मंत्री ने राजकीय पाॅलीटेक्निक संस्थानों एवं प्रौद्योगिकी संस्थानों में चल रहे निर्माण कार्यों के प्रगति की संस्थानवार समीक्षा की और सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ तय समय पर पूरा करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। उन्होंने कि नियत समय पर निर्माण कार्य पूर्ण न होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जायेगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य समय पर पूरा न होने से सबसे ज्यादा नुकसान छात्रों को उठाना पड़ता है, लिहाजा निर्माण कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा किया जाय। बैठक में निदेशक तकनीकी शिक्षा एवं निदेशक राजकीय प्रौद्योगिकी गोपेश्वर, उत्तरकाशी, टिहरी, पंतनगर, टनकपुर, पिथौरागढ़ सहित पौड़ी व अल्मोड़ा ने अपने-अपने संस्थानों चल रहे निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी साझा की।

बैठक में कुलपति उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय प्रो. तृप्ता ठाकुर, अपर सचिव तकनीकी शिक्षा मनुज गोयल, निदेशक तकनीकी शिक्षा देश राज, निदेशक राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थान गोपेश्वर अमित अग्रवाल, निदेशक राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थान बौन उत्तरकाशी एच एस भदौरिया, निदेशक राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थान टनकपुर प्रो. एच.एल. मंडोरिया, निदेशक टीएचडीसी राजकीय हाइड्रोपावर अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, टिहरी प्रो. शरद के. प्रधान, निदेशक गोविंद बल्लभ पंत अभियान्त्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, पौड़ी प्रो. वी.के. बग्गा, निदेशक विपिन त्रिपाठी कुमाऊ प्रौद्योगिकी संस्थान प्रो. संतोष कुमार, राजकीय नन्ही परी सीमान्त प्रौद्यौगिक संस्थान पिथौरागढ़ अजित सिंह, डीन प्रौद्योगिक महाविद्यालय पंतनगर एस.एस. गुप्ता, उप सचिव तकनीकी शिक्षा ब्योमकेश दुबे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

देहरादून में भारी बारिश का पूर्वानुमान, सतर्क रहने के निर्देश

उत्तराखंड में मानसून परेशानी का सबब बना हुआ है। भारी बारिश ने राज्य में जनजीवन को प्रभावित किया है। वहीं आपको बता दें कि मौसम विभाग ने देहरादून में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके साथ ही कुछ अन्य जिलों में भी भारी बारिश की आशंका जताई है।

देहरादून में भारी बारिश, इन जिनों में भी अलर्ट

मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए जारी अपने पूर्वानुमान में देहरादून में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही राज्य के चार अन्य जिलों बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ में भी भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने इन जिलों में प्रशासन को अलर्ट किया है। इन जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान भी जारी किया गया है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में बिजली चमकने की भी संभावना है।

अनावश्यक यात्रा से बचें

मौसम विभाग ने कहा है कि पर्वतीय जिलों में खराब मौसम के चलते अनावश्यक यात्रा से बचें और इसके साथ ही नदी नालों से दूरी बनाकर रखें। सुरक्षित स्थानों पर रहें। खासतौर पर पर्वतीय जिलों में यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता बरतें।

मौसम विभाग की माने तो आने वाले कुछ दिनों तक मौसम के ऐसे ही बने रहने की संभावना है।