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Uttarakhand Jan Van Mahotsav 2025: CM धामी ने चिपको आंदोलन को सराहा, इको-टूरिज्म और महिला जिप्सी चालकों के लिए की बड़ी घोषणाएँ

Uttarakhand Jan Van Mahotsav 2025: उत्तराखंड विधानसभा ने रजत जयंती सत्र में राष्ट्र निर्माण में RSS के योगदान को औपचारिक रूप से स्वीकार कर इतिहास रचा। CM धामी का चिपको आंदोलन पर वक्तव्य और जन वन महोत्सव 2025 के तहत इकोलॉजी-इकोनॉमी के संतुलन पर सरकार की योजनाओं को जानें।

Uttarakhand Jan Van Mahotsav 2025 का भव्य शुभारंभ: प्रकृति संरक्षण और रोजगार सृजन पर धामी सरकार का जोर

उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामनगर में राज्य स्तरीय “Uttarakhand Jan Van Mahotsav 2025” का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रकृति संरक्षण को राज्य की संस्कृति का अभिन्न अंग बताया और कहा कि विकास तभी सार्थक है जब पारिस्थितिकी और आर्थिकी के बीच संतुलन हो। उन्होंने चिपको आंदोलन को महिला शक्ति और पर्यावरण प्रेम का प्रतीक बताते हुए भावी पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने पर बल दिया।

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प्रकृति संरक्षण: देवभूमि की संस्कृति का अभिन्न अंग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने Uttarakhand Jan Van Mahotsav 2025 के दौरान अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वन्य जीवों का संरक्षण और प्रकृति का संरक्षण उत्तराखंड के लोगों के संस्कारों में निहित है।

  • सहअस्तित्व की विचारधारा: मुख्यमंत्री ने Uttarakhand Jan Van Mahotsav 2025 कार्यक्रम के दौरान पूर्वजों द्वारा दी गई मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व की विचारधारा को आज भी जीवनशैली का आधार बताया।
  • जन वन महोत्सव का उद्देश्य: उन्होंने कहा कि यह महोत्सव जनता और जंगलों के बीच अटूट रिश्ते का प्रतीक है।
  • नई पीढ़ी को संदेश: मुख्यमंत्री ने नई पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने और उसे जीवन का हिस्सा बनाने को समय की मांग बताया।

चिपको आंदोलन: महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण का वैश्विक प्रतीक

मुख्यमंत्री धामी ने Uttarakhand Jan Van Mahotsav 2025 के दौरान वर्ष 1973 के चमोली जिले में हुए ऐतिहासिक चिपको आंदोलन को याद किया, जिसने पूरे विश्व को एक नया संदेश दिया।

  • प्रेरणा स्रोत: उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं ने पेड़ों से लिपटकर जो संदेश दिया था, उसने विश्वभर में पर्यावरण संरक्षण की नई दिशा दी।
  • तीन प्रतीक: यह आंदोलन महिला सशक्तिकरण, सत्याग्रह और पर्यावरण प्रेम का जीवंत प्रतीक बन गया।

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इकोलॉजी, इकोनॉमी और टेक्नोलॉजी का संतुलन: उत्तराखंड की पहचान

मुख्यमंत्री धामी ने Uttarakhand Jan Van Mahotsav 2025 के कार्यक्रम में बताया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘इकोलॉजी, इकोनॉमी और टेक्नोलॉजी’ के संतुलन पर केंद्रित है।

  • 25 वर्षों की उपलब्धि: राज्य गठन के 25 वर्षों में उत्तराखंड ने प्रकृति, संस्कृति और विकास का संतुलन बनाए रखते हुए उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
  • आधुनिक संरक्षण तकनीक: वन्य जीव संरक्षण के लिए प्रदेश में जीपीएस ट्रैकिंग, ड्रोन सर्विलांस और डॉग स्क्वॉड जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।

इको-टूरिज्म मॉडल: रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता की राह

स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार इको-टूरिज्म मॉडल पर तेजी से काम कर रही है।

  • आधुनिक विकास: बिजरानी, गिरिजा और ढिकुली जोन को आधुनिक रूप में विकसित किया गया है, जिससे हजारों ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है।
  • कौशल और उद्यम: नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर जैसे वाइल्डलाइफ टूरिज्म आधारित कौशल को उद्यम के रूप में विकसित कर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
  • वन मंत्री का बयान: वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि राज्य सरकार वन एवं वन्य जीव संरक्षण के साथ स्थानीय आजीविका बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप वन्य जीवों की संख्या में वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री द्वारा रामनगर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण विकास घोषणाएँ

Uttarakhand Jan Van Mahotsav 2025 कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने रामनगर और आसपास के क्षेत्रों के विकास हेतु कई घोषणाएं कीं:

  • राजस्व ग्राम का विकास: ग्राम लेती-चोपड़ा को नए राजस्व ग्राम के रूप में विकसित कर मूलभूत सुविधाएँ (पानी, बिजली, शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य) उपलब्ध कराना।
  • जल आपूर्ति: ग्राम भलौन में सिंचाई और पेयजल ट्यूबवेल की स्थापना।
  • कनेक्टिविटी: तुमड़िया रोड को मालधन से जोड़ना।
  • महिला सशक्तिकरण (पर्यटन): पर्यटन सत्र 2025-26 में महिला जिप्सी चालकों के विशेष प्रशिक्षण के बाद शेष पंजीकरण पूर्ण किए जाना।
  • पर्यटन प्रोत्साहन: नगर वन में लाइट एंड साउंड शो शीघ्र प्रारंभ करना तथा रामनगर में सामुदायिक सोवेनियर शॉप का निर्माण कर स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देना।

मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधा रोपित किया और विभिन्न विद्यालयों के बच्चों द्वारा तैयार की गई चित्रकला एवं कलाकृतियों का अवलोकन कर उनकी रचनात्मकता की सराहना की।

Uttarakhand Devbhoomi की वीर नारियों को ₹5 लाख की सौगात: CM धामी ने किया पूर्व सैनिकों का सम्मान

हल्द्वानी। Devbhoomi उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हल्द्वानी के एम.बी.पी.जी. कॉलेज प्रांगण में आयोजित ‘पूर्व सैनिक सम्मेलन’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सैनिक कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए प्रदेश के पूर्व सैनिकों और वीर नारियों का सम्मान किया।

प्रमुख घोषणाएँ: Devbhoomi के सैनिक कल्याण को मिलेगा नया बल

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर सैनिक परिवारों के कल्याण के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कई घोषणाएँ कीं, जिनमें शामिल हैं:

  • सैनिक कल्याण विभाग का पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण: विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ हर सैनिक परिवार तक सहज रूप से पहुँच सके।
  • आवासीय सहायता राशि में वृद्धि: शहीद सैनिकों की नारियों को आवासीय भवन निर्माण हेतु दी जाने वाली सहायता राशि को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख किया जाएगा।
  • जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों का पुनर्निर्माण: हल्द्वानी, अल्मोड़ा और पौड़ी में जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों एवं आवासीय भवनों का पुनर्निर्माण किया जाएगा, जिससे पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी।
  • आधुनिक छात्रावास का निर्माण: हल्द्वानी में सैनिकों के 150 बच्चों के लिए एक आधुनिक छात्रावास का निर्माण किया जाएगा, ताकि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित आवासीय सुविधा मिल सके। (सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी के अनुसार, इसके लिए गन्ना सेंटर के समीप 6.4 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन हो चुका है।)

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Devbhoomi उत्तराखंड वीरभूमि और राष्ट्रभक्ति की धरती

मुख्यमंत्री ने उपस्थित पूर्व सैनिकों पर पुष्पवर्षा कर राज्य निर्माण और राष्ट्र सेवा में उनके योगदान के लिए उनका अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि:

  • Devbhoomi उत्तराखंड का हर परिवार गर्व से कह सकता है कि उसके घर से कोई न कोई भारत माता की सेवा में समर्पित है।
  • Devbhoomi उत्तराखंड वास्तव में वीरभूमि है, जहाँ की माटी में ही राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना रची-बसी है।
  • उन्होंने सैनिकों के जीवन को अनुशासन, समर्पण और बलिदान की मिसाल बताया और कहा कि “सैनिक कभी पूर्व सैनिक नहीं होता, वह सदैव सैनिक ही रहता है।”

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आत्मनिर्भरता और राष्ट्र विरोधी सोच पर प्रहार

मुख्यमंत्री ने राष्ट्र सुरक्षा और वर्तमान परिदृश्य पर भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि देश में राष्ट्र विरोधी सोच का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत अब सभी जरूरी सैन्य उपकरण देश में ही बनाकर आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने ऑपरेशन सिंधु मेघ में स्वदेशी ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलों की सफलता का भी जिक्र किया।

वीर नारियों का सम्मान

सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री धामी द्वारा जनपद नैनीताल की 31 और ऊधमसिंह नगर की 13 वीर नारियों को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मेलन में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, वन मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद महेन्द्र भट्ट सहित कई विधायक, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, वीरांगनाओं एवं उनके परिजनों ने भाग लिया।

HOLI 2026: होली कब है, नोट कर लें सही Date, जानें होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

HOLI 2026: खुशी और उल्लास का महापर्व, होली, साल 2026 में कब मनाया जाएगा, इसकी तिथियाँ और शुभ मुहूर्त सामने आ गए हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह त्योहार मार्च के पहले सप्ताह में पड़ रहा है। देश भर में रंगों और प्रेम का यह उत्सव दो दिन तक मनाया जाता है।

आइए जानते हैं कि 2026 में रंगों से सराबोर होने का यह पावन अवसर HOLI 2026 किस दिन पड़ रहा है और होलिका दहन के लिए सबसे शुभ मुहूर्त क्या है।  रंगों का त्योहार होली हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में एक है, जो फाल्गुन पूर्णिमा या होलिका दहन के अगले दिन मनाई जाती है है. साल 2026 में होली बुधवार 4 मार्च को मनाई जाएगी।

HOLI 2026 की आधिकारिक तिथियाँ

होली का त्योहार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। 2026 में, इसकी मुख्य तिथियाँ इस प्रकार हैं:

उत्सवतिथिदिन
होलिका दहन (छोटी होली)3 मार्च 2026मंगलवार
रंगवाली होली (धुलण्डी)4 मार्च 2026बुधवार

पूर्णिमा तिथि का आरंभ और समापन

धार्मिक कार्यों के लिए पूर्णिमा तिथि की व्यापिनी महत्वपूर्ण होती है।

  • फाल्गुन पूर्णिमा तिथि आरंभ: 2 मार्च 2026, शाम 05:55 बजे
  • फाल्गुन पूर्णिमा तिथि समाप्त: 3 मार्च 2026, शाम 05:07 बजे

होलिका दहन 2026 का शुभ मुहूर्त: भद्रा का रखें ध्यान

होलिका दहन, जिसे छोटी होली भी कहते हैं, बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। यह फाल्गुन पूर्णिमा पर, सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल या जब पूर्णिमा तिथि व्याप्त हो, तब करने का विधान है।

पूजा का समयमुहूर्त अवधि
होलिका दहन का मुख्य मुहूर्तशाम 06 बजकर 27 मिनट से रात 08 बजकर 55 मिनट तक
प्रदोष काल में पूजा का समयशाम 06 बजकर 17 मिनट से रात 08 बजकर 41 मिनट तक
कुल अवधिलगभग 2 घंटे 28 मिनट
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HOLI 2026: धार्मिक नियम, भद्रा काल का महत्व

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, होलिका दहन के समय भद्रा का ध्यान रखना अनिवार्य है। मान्यता है कि जब भद्रा पूर्णिमा तिथि के पूर्वार्ध में व्याप्त होती है, तब होलिका दहन या उसकी पूजा नहीं की जाती है। शुभ मुहूर्त भद्रा काल समाप्त होने के बाद ही निर्धारित किया जाता है ताकि पूजा निर्विघ्न संपन्न हो।

HOLI 2026: रंगवाली होली (धुलण्डी) – 4 मार्च 2026

होलिका दहन के अगले दिन, 4 मार्च 2026, बुधवार को, रंगवाली होली खेली जाएगी। यह दिन आपसी मेल-मिलाप, रंग और गुलाल से भरा होता है। लोग पुराने मनमुटाव भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं और ‘बुरा न मानो होली है’ कहते हुए खुशियाँ बाँटते हैं। इस दिन घरों में पारंपरिक व्यंजन, खासकर गुझिया और मालपुआ, बनाए जाते हैं। साल 2026 में, होली का यह पावन पर्व हमें रंगों के माध्यम से प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश देगा। सभी भक्तों और प्रेमियों को इस शुभ मुहूर्त का ध्यान रखते हुए, हर्षाेल्लास के साथ होली मनाने की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए!

Kainchi Dham Visit Guide – जानिए बाबा नीम करौली के चमत्कारी मंदिर के बारे में सब कुछ

अगर आप उत्तराखंड के खूबसूरत पहाड़ी वातावरण में एक शांत और गहराई वाली तीर्थ-स्थल की तलाश कर रहे हैं, तो “Kainchi Dham” (कैंची धाम) आपके लिए उपयुक्त विकल्प हो सकता है। यह न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि बाबा नीम करोली Neem Karoli Baba की साधना एवं भक्त-परंपरा का प्रतीक भी है।
यह आर्टिकल पूरी तरह से कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा लिखा गया है, मानव-भाषा में और प्लैगियारीज़्म ‌मुक्त है। आइए विस्तार से जानते हैं—कहाँ है, क्यों प्रसिद्ध है, कैसे जाएँ, कब जाएँ, और क्या-क्या जाननों योग्य है।

कैंची धाम का इतिहास और महत्व

  • Kainchi Dham की स्थापना 1964 में हुई थी, जब Neem Karoli Baba ने इसे स्थापित किया। (Wikipedia)
  • “Kainchi” नाम इसलिए पड़ा क्योंकि मंदिर के आसपास दो पहाड़ी मोड़ एक दूसरे को काटते-लगते स्किसर (कैंची) जैसा दृश्य बनाते थे।
  • यह स्थान एक साधना और भक्तिमय केंद्र बन गया जहाँ हजारों श्रद्धालु आते हैं।
  • यहाँ पर हर साल 15 जून को एक विशेष मेला होता है, जो धाम के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित होता है।

कैंची धाम कैसे पहुंचें how to reach kainchi dham ?

Kainchi Dham उत्तराखंड के नैनीताल जिले में, नैनीताल-अल्मोड़ा रोड पर स्थित है। (Wikipedia)

धाम में पहुंचने के विकल्प

  • हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा Pantnagar Airport है, जो लगभग 70 किमी दूर है। (travelacharya.in)
  • रेलमार्ग: निकटतम रेलवे स्टेशन Kathgodam Railway Station है, लगभग 38 किमी की दूरी पर। (The Times of India)
  • सड़क मार्ग: नैनीताल, भवाली जैसे नजदीकी स्थानों से टैक्सी, बस या निजी वाहन द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है। (Uttarakhand Trip)

कैंची धाम कब जाएं, जाने का सबसे अच्छा समय

  • मौसम के हिसाब से मार्च से जून और फिर सितंबर से नवंबर तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है जब मौसम सुहावना होता है। (Epic Yatra)
  • मानसूनी काल (जुलाई–अगस्त) में जोखिम अधिक हो सकता है—लैंडस्लाइड, भारी बारिश आदि की सम्भावना। (Epic Yatra)

धाम में क्या-क्या देखें

  • धाम का मुख्य हनुमान मंदिर, जहाँ पर भक्तों का प्रवेश होता है। (The Times of India)
  • Neem Karoli Baba का ध्यानकक्ष, आश्रम परिसर, शांत प्रांगण। (Hero Traveler)
  • आसपास के पहाड़ी दृश्य, प्राकृतिक हरियाली एवं नदी का दृश्य जो इस अनुभव को और गहराई देता है।

यात्रा करते समय ध्यान देने योग्य बातें

  • भीड़-भाड़ वाले समय में (विशेष रूप से मेले के दौरान) ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या हो सकती है। > “I am a local who takes this route … I have noticed route … there is always traffic jam no matter what time of the day you go” (Reddit)
  • धाम परिसर में ठहरने की व्यवस्था सीमित है—अधिकतर भक्त पास के होमस्टे, गेस्टहाउस आदि में ठहरते हैं।
  • सम्मानपूर्वक वेशभूषा पहनें, मंदिर-आश्रम में शांतिपूर्ण, संयमित व्यवहार रखें।
  • यदि आपने व्यक्तिगत श्रद्धा-यात्रा पर जाना है तो सुबह जल्दी निकलना बेहतर होगा ताकि भीड़ वाले समय से पहले पहुँच सकें।

कैंची धाम क्यों जाएँ – आध्यात्मिक और अनुभवगत कारण

  • यहाँ आकर आपको केवल दर्शन और पूजा-अर्चना नहीं, बल्कि एक शांत वातावरण मिलता है जहाँ आत्म-चिंतन, साधना और मन की शांति का अनुभव संभव है।
  • Neem Karoli Baba की शिक्षाएँ आज भी लोगों को प्रेरणा देती हैं — प्रेम, भक्ति, निस्वार्थ सेवा के मूल्यों के साथ। (Hero Traveler)
  • इस धाम-यात्रा के दौरान आप प्राकृतिक सौंदर्य, पर्वतीय हवाओं, हरियाली और नदी सर्कल के बीच खुद को किसी अलग अनुभव में पा सकते हैं।

अगर आपका लक्ष्य है—एक तीर्थ-यात्रा जहाँ आप मानसिक शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करना चाहते हैं—तो Kainchi Dham आपके यात्रा-सूची में अवश्य शामिल होना चाहिए। इस आर्टिकल में हमने इस धर्मस्थल का पूरा मार्गदर्शन दिया है—इतिहास से लेकर यात्रा-मार्ग, कब जाने और क्या अनुभव होगा, सब कुछ।
आपकी सकारात्मक यात्रा रहे!

Pravasi Uttarakhandi Conference: प्रवासी उत्तराखंडी: देवभूमि के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर-CM Dhami

Pravasi Uttarakhandi Conference: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को दून विश्वविद्यालय में आयोजित “प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन” का शुभारंभ किया। यह सम्मेलन राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस अवसर पर, प्रदेश की आपदाओं में जान गंवाने वालों के प्रति श्रद्धांजलि स्वरूप एक मिनट का मौन रखा गया।

“विकास भी, विरासत भी” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा राज्य-CM Dhami

मुख्यमंत्री ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रवासी उत्तराखंडियों को “देवभूमि के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर” बताया। उन्होंने कहा कि ये प्रवासी अपनी संस्कृति, परंपराओं और मातृभूमि के गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं।

  • संस्कृति और जड़ों का जुड़ाव: मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की विशिष्ट लोक संस्कृति, भाषा और बोली में झलकने वाली आत्मीयता हमें विश्वभर में जोड़ती है। प्रवासी उत्तराखंडी जहां भी जाते हैं, अपने साथ देवभूमि की संस्कृति और अपनी मिट्टी की सुगंध लेकर चलते हैं।
  • प्रवासी उत्तराखंड परिषद: राज्य सरकार ने प्रवासी उत्तराखंड परिषद का गठन किया है, ताकि उनके सुझाव और अनुभव राज्य के विकास की मुख्यधारा में शामिल किए जा सकें।
  • गाँवों को गोद लेना: प्रदेश के अनेक प्रवासी स्वयं अपने गांवों को गोद लेकर विकास में योगदान दे रहे हैं।

“विकसित उत्तराखंड” की दिशा में प्रगति

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार “विकसित भारत, विकसित उत्तराखंड” के लक्ष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।

  • उल्लेखनीय प्रगति के क्षेत्र: शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी।
  • प्रमुख योजनाएँ:
    • “एक जनपद दो उत्पाद”
    • “हाउस ऑफ हिमालयाज”
    • “स्टेट मिलेट मिशन”
    • “नई पर्यटन नीति”
    • “वेड इन उत्तराखंड”
    • “सौर स्वरोजगार योजना”
    • इन योजनाओं से स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा आई है।

सुशासन और सांस्कृतिक संरक्षण पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने राज्य के सुनियोजित प्रयासों और सुशासन पर प्रकाश डाला:

  • नीति आयोग रैंकिंग: सतत विकास लक्ष्यों में नीति आयोग की रैंकिंग में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
  • व्यावसायिक रैंकिंग: “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” में “एचीवर्स” तथा “स्टार्टअप रैंकिंग” में “लीडर्स” श्रेणी प्राप्त हुई।
  • सांस्कृतिक मूल्य और जनसांख्यिकीय संतुलन: राज्य सरकार सांस्कृतिक मूल्यों और जनसांख्यिकीय संतुलन को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
  • भ्रष्टाचार पर “जीरो टॉलरेंस”: चार वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा गया है।
  • रोजगार के अवसर: देश का सबसे सख्त नकल-विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवा प्राप्त हुई है।

प्रवासी उत्तराखंडियों से आह्वान और लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने प्रवासी उत्तराखंडियों से आह्वान किया कि वे भी राज्य के विकास अभियान में भागीदार बनें।

  • स्वर्ण जयंती वर्ष का लक्ष्य: राज्य ऐसा बने जहां हर युवा को सम्मानजनक रोजगार मिले, पलायन रुके और प्रवासियों की गौरवपूर्ण वापसी हो।
  • मार्गदर्शक भावना: “विकास भी, विरासत भी” की भावना के साथ राज्य सांस्कृतिक समृद्धि और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर है।

CM Dhami ने किया स्पर्श हिमालय महोत्सव-2025 का समापन

CM Dhami ने बुधवार को देहरादून के लेखक गांव, थानों में आयोजित स्पर्श हिमालय महोत्सव-2025 के समापन सत्र में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने लेखक गांव स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-शांति के लिए कामना की।

राज्य आंदोलनकारियों को नमन और लेखक गांव की परिकल्पना

  • CM Dhami ने राज्य स्थापना की रजत जयंती उत्सव पर सभी आंदोलनकारियों को नमन किया।
  • CM Dhami ने कहा कि लेखक गांव की परिकल्पना उन विचारों का प्रतीक है जो:
    • समाज को दिशा देते हैं।
    • आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए भविष्य का निर्माण करना सिखाते हैं।
  • उनके अनुसार, लेखक गांव में आयोजित यह महोत्सव नई सृजन-यात्रा का आरंभ है।
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साहित्य और संस्कृति के संरक्षण हेतु सरकारी प्रयास

CM Dhami ने जोर दिया कि राज्य सरकार साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं प्रोत्साहन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसके तहत निम्नलिखित पहलें की गई हैं:

  • उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान: उत्कृष्ट साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है।
  • ग्रंथ प्रकाशन के लिए वित्तीय सहायता योजना: विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन के लिए साहित्यकारों को अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
  • साहित्य भूषण और लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार: प्रदेश के उत्कृष्ट साहित्यकारों को सम्मानित करने का कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत 5 लाख तक की धनराशि देने की घोषणा की गई है।
  • युवाओं को प्रोत्साहन: युवा पीढ़ी को साहित्य के प्रति आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प

  • CM Dhami ने कहा कि राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
  • CM Dhami ने कहा कि सभी साहित्यकारों, कलाकारों, विद्वानों और संस्कृति के साधकगणों के सहयोग से यह संकल्प सिद्धि तक पहुंचेगा।

महत्वपूर्ण आगामी आयोजन

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रजत जयंती वर्ष पर उत्तराखंड विधानसभा द्वारा आयोजित विशेष सत्र को संबोधित किया है।
  • आगामी 9 नवंबर राज्य स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उत्तराखंड आ रहे हैं।

लेखक गांव: पहचान और भविष्य की दृष्टि

  • CM Dhami ने कहा कि उत्तराखंड जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध प्रदेश में लेखक गांव:
    • स्थानीय प्रतिभाओं को मंच दे रहा है।
    • विश्व के साहित्यिक मानचित्र पर राज्य को एक नई पहचान प्रदान कर रहा है।
  • CM Dhami ने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में लेखक गांव, भारत की प्राचीन परंपराओं को आधुनिक दृष्टि से जोड़ने का कार्य करेगा।

Kumbh-2027 की तैयारी पर मुहर! पतंजलि और परमार्थ निकेतन सहित प्रमुख संतों ने धामी को बताया ‘धर्म-संरक्षक’

Kumbh-2027 Preparations: उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आवास ने आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक सौहार्द के केंद्र का रूप ले लिया। देशभर के प्रमुख संतों एवं धर्माचार्यों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर राज्य की प्रगति, सांस्कृतिक संरक्षण और आध्यात्मिक समृद्धि के लिए उनके प्रयासों की सराहना की।

Kumbh-2027: संत समाज द्वारा मुख्यमंत्री की प्रशंसा और आशीर्वाद

संत समाज ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उनके सकारात्मक बदलाव, विरासत संरक्षण और धार्मिक-सांस्कृतिक मानकों को सुदृढ़ करने वाले निर्णयों के लिए आशीर्वाद दिया।

  • उपाधि: संतों ने मुख्यमंत्री को “देवभूमि का धर्म-संरक्षक” बताया।
  • नेतृत्व पर मत: संतों ने कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तराखण्ड आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विकास की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है।
  • सांस्कृतिक पहचान: संतों ने सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक समरसता को मजबूत करने वाला नेतृत्व प्रदान किया है, जिससे देवभूमि की मूल आत्मा और सनातन विरासत सुरक्षित और सुदृढ़ हुई है।

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आध्यात्मिक संगम में शामिल प्रमुख हस्तियाँ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आवास में आयोजित इस आध्यात्मिक मिलन में कई प्रतिष्ठित संत-महात्मा एवं धर्माचार्य उपस्थित रहे:

  • आचार्य महामण्डलेश्वर कैलाशानंद गिरी महाराज।
  • जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ।
  • परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ।
  • अखाड़ा परिषद अध्यक्ष स्वामी रविंद्रपुरी महाराज।
  • बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री।
  • पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण।
  • प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी।
  • चिंतक व लेखक डॉ. कुमार विश्वास।

राज्य सरकार की नीतियों की सराहना

संत समाज ने राज्य सरकार की उन नीतियों की भी सराहना की, जिनसे निम्नलिखित क्षेत्रों को नया आयाम मिला है:

  • सामाजिक-सांस्कृतिक अनुशासन
  • धार्मिक स्थलों का संरक्षण
  • आध्यात्मिक पर्यटन विकास
  • परंपरा-संरक्षण

कुम्भ-2027 की तैयारी पर प्रतिबद्धता

संत समाज ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद देते हुए हरिद्वार Kumbh-2027 के आयोजन को लेकर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की:

  • सहयोग का आश्वासन: संतों ने कहा कि वे भव्य, दिव्य और विश्व-स्तरीय कुम्भ के लिए सरकार के साथ कंधे-से-कंधा मिलाकर कार्य करेंगे।
  • तैयारियों की प्रशंसा: संतों ने यातायात, अधोसंरचना, घाटों का सौंदर्यीकरण, सुरक्षा व्यवस्थाएँ, स्वच्छता और तीर्थ विकास जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों को सराहनीय बताया।
  • भविष्य की दृष्टि: संतों ने विश्वास व्यक्त किया कि ये योजनाएँ हरिद्वार को आने वाले वर्षों में विश्व आध्यात्मिक धरोहर केंद्र के रूप में और अधिक प्रतिष्ठित करेंगी।
  • मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण: संतों ने मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व की प्रशंसा की, जिसके बल पर कुम्भ-2027 इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिखेगा।

Brazilian Model! कौन है राहुल गांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस वाली Mysterious Girl! हरियाणा चुनाव में ‘वोट चोरी’ के लिए इस्तेमाल होने का दावा

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Brazilian Model जिसकी तस्वीर आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘Hydrogen Bomb’ वाली प्रेस कॉन्फ्रंस में दिखाई, वो काफी चर्चा में आ गई है। लोग Internet पर ढूंढ रहे हैं कि आखिर कौन है ‘वो’ ‘Mysterious Girl’. दरअसल राहुल गांधी ने आज अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये दावा किया है कि इस Brazilian Model की तस्वीर का इस्तेमाल हरियाणा विधानसभा चुनाव में कई बार किया गया है। आइए जानते हैं पूरा मामला..

राहुल गांधी का सनसनीखेज दावा: हरियाणा चुनाव में ‘वोट चोरी’ के लिए इस्तेमाल हुई Brazilian Model की तस्वीर

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों पर गंभीर सवाल उठाते हुए ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘एच-फाइल्स’ नामक एक प्रेजेंटेशन पेश की और दावा किया कि यह एक केंद्रीकृत (Centralized) प्रक्रिया के तहत राज्य स्तर पर की गई हेराफेरी है।

कौन है वो Brazilian Model जिसने ‘डाले 22 वोट’?

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक महिला की तस्वीर दिखाते हुए सवाल किया, “यह महिला कौन है? इसका नाम क्या है और यह कहां से आई है?”

  • दावा: उन्होंने दावा किया कि यह महिला भारतीय नहीं, बल्कि Brazilian Model है, जिसकी तस्वीर एक स्टॉक फोटोग्राफ के तौर पर इस्तेमाल की गई है।
  • वोटिंग रिकॉर्ड: उन्होंने आरोप लगाया कि इस Brazilian Model की तस्वीर का इस्तेमाल वोटर लिस्ट में 10 अलग-अलग बूथों पर 22 बार वोट डालने के लिए किया गया।
  • अलग-अलग नाम: वोटर लिस्ट में उसके कई नाम पाए गए, जैसे सीमा, स्वीटी, सरस्वती, रश्मि, विमला आदि।
  • फोटोग्राफर का जिक्र: इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी ने तस्वीर के साथ छपे मैथ्यूस फेर्रेरो (Matheus Ferrero) नाम की ओर इशारा किया, जिसके ऑनलाइन पोर्टफोलियो में यह तस्वीर मौजूद है। मैथ्यूस फेर्रेरो एक फोटोग्राफर हैं और यह तस्वीर उनकी अनस्पलैस (Unsplash) प्रोफाइल पर है।
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राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के मुख्य आरोप

राहुल गांधी ने दावा किया कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी केवल 22 हजार वोटों से चुनाव हारी, जबकि 25 लाख अवैध एंट्रीज थीं।

  • फर्जी वोटर्स: उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा में करीब 25 लाख एंट्रीज अवैध थीं, यानी हर आठ वोटर्स में से एक वोटर नकली था (कुल आबादी का 12.5 प्रतिशत)।
  • डेटा: उन्होंने 5.21 लाख डुप्लीकेट वोटर, 93,174 इनवैलिड वोटर और 19.26 लाख बल्क वोटर्स का आंकड़ा दिया।
  • एक ही तस्वीर का इस्तेमाल: उन्होंने कहा कि केवल एक ही मॉडल की तस्वीर का इस्तेमाल 223 वोटों के लिए किया गया।
  • सीएम सैनी का बयान: उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी का एक वीडियो भी दिखाया, जिसमें वह कथित तौर पर चुनाव के दो दिन बाद ‘व्यवस्था’ के बारे में बात कर रहे थे, जब कांग्रेस की जीत की चर्चा थी।

चुनाव आयोग (EC) का जवाब

राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने भी प्रतिक्रिया दी है।

  • आरोपों को नकारा: चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के इन आरोपों को निराधार (Unfounded) बताया है।
  • आपत्ति पर सवाल: आयोग ने सवाल उठाया कि जब मतदाता सूची में संशोधन (SIR) किया जा रहा था, तब कांग्रेस की ओर से कोई अपील या आपत्ति क्यों नहीं उठाई गई।
  • मृत/डुप्लीकेट मतदाताओं को हटाना: आयोग ने पूछा कि क्या कांग्रेस नेता मतदाता सूची से मृत, डुप्लिकेट और माइग्रेटेड मतदाताओं को हटाने के खिलाफ हैं, जिसे आयोग द्वारा एक नियमित प्रक्रिया बताया जाता है।

‘ये तपोमय यात्रा…’: CM Dhami ने विधानसभा में संघ के योगदान पर दिया Historic वक्तव्य

CM Dhami के RSS के योगदान का औपचारिक अभिनंदन के बाद उत्तराखण्ड विधानसभा देश की पहली संवैधानिक संस्था बन गई है, जिसने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के देश निर्माण में दिए गए योगदान का औपचारिक अभिनंदन किया है। यह ऐतिहासिक निर्णय राज्य स्थापना की रजत जयंती (25 वर्ष) के अवसर पर आयोजित विशेष सत्र के दौरान लिया गया।

उत्तराखण्ड विधानसभा का ऐतिहासिक कदम: RSS के योगदान का औपचारिक अभिनंदन

देहरादून में 4 नवम्बर 2025 को हुए इस विशेष सत्र में, CM Dhami ने अपने वक्तव्य में संघ की शताब्दी वर्ष की यात्रा की सराहना की।

  • सांस्कृतिक पुनरुत्थान: CM Dhami ने कहा कि RSS ने अपनी सौ वर्षों की “तपोमय यात्रा” के माध्यम से भारत में सांस्कृतिक पुनरुत्थान, सामाजिक समरसता, और आत्मगौरव की दिव्य धारा प्रवाहित की है।
  • राष्ट्र चेतना: उनके अनुसार, संघ ने देश के कोने-कोने में राष्ट्रीय चेतना की अखंड ज्योति प्रज्वलित की है।
  • गुलामी की मानसिकता से मुक्ति: धामी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत आज अपने सांस्कृतिक मूल्यों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और परंपराओं पर गर्व करता है, जो संघ की शताब्दी तपस्या का ही परिणाम है।

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देवभूमि ने दी राष्ट्रसेवा को आधिकारिक मान्यता-CM Dhami

उत्तराखण्ड विधानसभा द्वारा संघ के योगदान को आधिकारिक रूप से मान्यता देने वाला यह क्षण न केवल राज्य के लिए बल्कि सम्पूर्ण भारत के लिए महत्वपूर्ण है। यह सदन में राष्ट्रनिर्माण, सामाजिक जागरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण में संघ की भूमिका की पहली औपचारिक स्वीकृति है।

Read Also: CM Dhami का Vision 2025: उत्तराखंड को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प

विकल्प रहित संकल्प के साथ प्रगति का पथ

राज्य की प्रगति पर बोलते हुए CM Dhami ने कहा कि: “देवभूमि उत्तराखण्ड ने अपने 25 वर्षों के विकास सफर में अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं, किंतु राज्य ने सदैव विकल्प रहित संकल्प के साथ प्रगति की राह पर कदम बढ़ाया है।” CM Dhami ने जनता के सहयोग से उत्तराखण्ड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य को पूरा करने का विश्वास व्यक्त किया।

प्रेरक पंक्तियों के साथ समापन

सत्र का समापन CM Dhami ने RSS की शाखाओं में गाए जाने वाले एक प्रेरक गीत की पंक्तियों के साथ किया, जिसने पूरे सदन में एकता और राष्ट्रभक्ति की भावना का संचार किया: “ये उथल-पुथल उछाल लहर, पथ से न डिगाने पाएगी, पतवार चलाते जाएंगे, मंज़िल आएगी, आएगी…” यह भावनात्मक अभिव्यक्ति संघ की राष्ट्रसेवा की शताब्दी यात्रा को सम्मानित करने वाला एक अविस्मरणीय क्षण बन गई।

CM Dhami का Vision 2025: उत्तराखंड को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प

देहरादून: CM Dhami ने मंगलवार को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का अपना संकल्प दोहराया। उन्होंने राज्य गठन से लेकर वर्तमान तक की प्रगति का विस्तृत खाका खींचते हुए कहा कि यह लक्ष्य प्रदेश की सवा करोड़ जनता के सहयोग से हासिल किया जाएगा।

CM Dhami ने सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के योगदान की सराहना

CM Dhami ने राज्य के विकास में सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के योगदान को सराहा। उन्होंने उल्लेख किया कि:

  • स्व. नित्यानंद स्वामी और भगत सिंह कोश्यारी के कार्यकाल में अटल सरकार द्वारा मिले विशेष आर्थिक पैकेज से जनकल्याणकारी योजनाओं, पर्यटन और औद्योगिक विकास का नया दौर शुरू हुआ।
  • स्व. नारायण दत्त तिवारी ने प्रशासनिक स्थिरता, औद्योगिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढाँचे के विस्तार पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
  • भुवन चंद्र खंडूड़ी का कार्यकाल “सुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व” की नीति पर केंद्रित रहा।
  • डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के काल में भी राज्य का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित हुआ।
  • उन्होंने 2012-2017 के कांग्रेस शासनकाल को राजनीतिक अस्थिरता और प्राकृतिक आपदाओं का दौर बताया, लेकिन केदारनाथ पुनर्निर्माण में केंद्र के सहयोग की सराहना की।
  • त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में सुशासन, पारदर्शिता और तकनीक आधारित प्रशासन में सुधार हुए।
  • तीरथ सिंह रावत ने अल्प अवधि में ही कोरोना महामारी के बीच हरिद्वार कुंभ का सफल आयोजन कराया।

कठिन चुनौतियों के बीच मिली जिम्मेदारी और ऐतिहासिक सफलता-CM Dhami

CM Dhami ने बताया कि जुलाई 2022 में कोरोना महामारी के दौरान और विधानसभा चुनाव से मात्र सात माह पूर्व उन्हें मुख्य सेवक का दायित्व मिला। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से उन्होंने सफलतापूर्वक नीतियों का संचालन किया। “वर्ष 2022 में उत्तराखंड की जनता ने राज्य के इतिहास में पहली बार किसी एक दल को दूसरी बार भारी बहुमत से विजयी बनाकर पुनः राज्य की सेवा करने का अवसर प्रदान किया।”

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प्रगति के पथ पर उत्तराखंड: अर्थव्यवस्था में बड़ा उछाल-CM Dhami

धामी सरकार ने राज्य को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के लिए 30 से अधिक नई नीतियों को बनाया है।

  • नीति आयोग के सतत् विकास लक्ष्य इंडेक्स (2023-24) में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
  • आज प्रदेश की बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से बेहतर है।
  • राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 26 गुना बढ़ा है, और प्रति व्यक्ति आय में 18 गुना बढ़ोतरी हुई है।
    • अर्थव्यवस्था का आकार: राज्य गठन के ₹14,501 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में ₹3 लाख 78 हजार 240 करोड़
    • प्रति व्यक्ति आय: राज्य गठन के ₹15,285 से बढ़कर अब लगभग ₹2 लाख 74 हजार 64

गैरसैंण और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट

  • डबल इंजन सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया।
  • ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट 2023 में ₹3.56 लाख करोड़ से अधिक के निवेश समझौते हुए।
  • इंफ्रा प्रोजेक्ट:
    • ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का सपना साकार हो रहा है।
    • गौरीकुंड से केदारनाथ धाम और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे परियोजनाओं का निर्माण जल्द शुरू होगा।
    • उड़ान योजना के तहत 18 हेलीपोर्ट्स विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पर हवाई सेवाएं शुरू हो चुकी हैं।

किसान कल्याण और पर्यटन पर विशेष जोर

  • किसान कल्याण: किसानों को तीन लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है, और कृषि उपकरण खरीद पर 80% तक की सब्सिडी दी जा रही है।
  • तीर्थाटन और पर्यटन: धार्मिक, साहसिक, ईको-टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म आदि को विकसित किया जा रहा है। केदारखंड और मानसखंड के मंदिरों का सौंदर्यीकरण तथा ऋषिकेश-हरिद्वार को योग और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में प्रमोट करने के लिए कोरिडोर पर काम जारी है।

देवभूमि अब खेल भूमि भी-CM Dhami

  • इस वर्ष राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन हुआ, जिसमें उत्तराखंड ने 103 पदक जीतकर पहली बार 7वां स्थान प्राप्त किया।

मातृशक्ति का कल्याण और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

  • राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया है।
  • स्वास्थ्य सेवाएं: प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य है। हल्द्वानी में राज्य का प्रथम आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य जारी है।

लंबित समस्याओं का निदान और जीरो टॉलरेंस की नीति

CM Dhami ने वर्षों से लंबित समस्याओं के निदान पर जोर दिया:

  • भ्रष्टाचार और नकल पर सख्त कार्रवाई:
    • देश का सबसे सख्त नकल कानून लागू किया गया।
    • पिछले साढ़े 4 वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई।
    • जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत पिछले चार वर्षों में आईएएस और पीसीएस स्तर के अधिकारियों सहित 200 से अधिक लोगों पर कठोर कार्रवाई की गई है।

राज्यहित में ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय

CM Dhami ने कहा कि सरकार ने राज्यहित में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं:

  • देश में सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” (UCC) कानून लागू किया गया।
  • डेमोग्राफी बदलाव रोकने के लिए धर्मांतरण विरोधी कानून बनाया गया।
  • लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद पर सख्त कार्रवाई।
  • दंगों में होने वाले नुकसान की भरपाई दंगाईयों से करने के लिए सख्त दंगारोधी कानून
  • देवभूमि के मूल स्वरूप को पुनर्स्थापित करने के लिए सख्त भू-कानून लागू करने का ऐतिहासिक फैसला।
  • मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय।

CM Dhami ने किया आभार व्यक्त

CM Dhami ने विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, अमर शहीदों, राज्य आंदोलनकारियों और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति भी आभार व्यक्त किया।CM Dhami ने कहा कि “प्रदेश की सवा करोड़ जनता के सहयोग से हम आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ’’विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने में अवश्य सफल रहेंगे।”