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CM Dhami का ‘महा-फैसला- चौखुटिया प्रतिनिधिमंडल से भेंट के बाद लिया ये निर्णय!

देहरादून: CM Dhami से आज उनके शासकीय आवास पर चौखुटिया क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए आंदोलन कर रहे एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस बैठक के बाद, क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण और त्वरित निर्णय लिए गए हैं।

चौखुटिया की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार: CM Dhami ने दिया आश्वासन

तत्काल हुआ अस्पताल का उन्नयन

प्रतिनिधिमंडल ने CM Dhami का विशेष आभार व्यक्त किया, क्योंकि उन्होंने चौखुटिया क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभाव से अस्पताल के उन्नयन (अपग्रेडेशन) हेतु शासनादेश जारी करवा दिया है।

  • क्षमता वृद्धि: चौखुटिया अस्पताल की क्षमता 30 बेड से बढ़ाकर 50 बेड कर दी गई है।
  • सुविधाओं का विस्तार: विभिन्न आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं को चरणबद्ध रूप से सुदृढ़ करने का निर्णय लिया गया है।

जन आकांक्षाओं के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएँ

CM Dhami ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि जनहित की प्रत्येक मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा: “सरकार संवेदनशील है और जन आकांक्षाओं के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

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CM Dhami करेंगे सीधी मॉनिटरिंग

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की गति सुनिश्चित करने के लिए CM Dhami ने स्वयं जिम्मेदारी ली है:

  • वह स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक करेंगे।
  • सुधार की प्रगति की सीधे मॉनिटरिंग करेंगे।
  • उन्होंने पुष्टि की कि चौखुटिया एवं आसपास के क्षेत्रवासियों की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं

एम्स ऋषिकेश में विशेष सुविधा का वादा

प्रदेशवासियों को त्वरित एवं सरल चिकित्सा सेवा सुनिश्चित करने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया गया है:

  • मुख्यमंत्री ने एम्स ऋषिकेश में उत्तराखण्डवासियों के लिए विशेष काउंटर स्थापित करने हेतु तत्काल वार्ता करने की घोषणा की।

जल्द होगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार प्रदेश की संपूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए ठोस स्वास्थ्य नीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने चौखुटिया क्षेत्र के लिए एक व्यक्तिगत प्रतिबद्धता व्यक्त की:

  • वह स्वयं जल्द ही चौखुटिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करेंगे और वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।

Chaukhutiya BIG BREAKING: रंग लाया जन-आंदोलन ‘ऑपरेशन स्वास्थ्य’! सीएम धामी ने चौखुटिया को दी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सौगात

चौखुटिया (Chaukhutiya) में ऑपरेशन स्वास्थ्य के तहत एक महीने से आंदोलन चल रहा है। अल्मोड़ा की गेवाड़ घाटी में बसे चौखुटिया (Chaukhutiya) से देहरादून अपनी मांगों को लेकर आ रहे आंदोलनकारियों की मेहनत आखिरकार रंग लाई और सीएम धामी ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा बड़ा ऐलान किया है। बता दें कि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लगभग 8 दिनों से आंदोलनकारी पदयात्रा कर रहे थे।

उत्तराखंड राज्य के गठन को 25 साल पूरे हो रहे हैं, लेकिन आज भी पहाड़ी इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुधर नहीं पाई है। पहाड़ के तमाम अस्पताल रेफरल सेंटर बने हुए हैं। इसी कारण इन दिनों स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग को लेकर चौखुटिया से ‘ऑपरेशन स्वास्थ्य’ अभियान चलाया जा रहा है। वहीं,अब इस अभियान के बीच सीएम धामी ने चौखुटिया अस्पताल में व्यवस्थाएं मुकम्मल कर 50 बेड का अस्पताल बनाने की घोषणा कर दी है।

दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य क्रांति! चौखुटिया अस्पताल 30 से 50 बेड का होगा, मिलेगी डिजिटल एक्स-रे मशीन

उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा जनपद के चौखुटिया (Chaukhutiya) स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की क्षमता को 30 बेड से बढ़ाकर 50 बेड किया जाएगा, जिससे यह एक बड़े उप जिला चिकित्सालय के रूप में विकसित होगा। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उनके घर के पास ही मिल सकेंगी।

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Chaukhutiya स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्षमता विस्तार और अत्याधुनिक उपकरण

मुख्यमंत्री धामी ने घोषणा की कि अस्पताल में बिस्तरों की संख्या में वृद्धि के साथ ही अत्याधुनिक डिजिटल एक्स-रे मशीन भी उपलब्ध कराई जाएगी।

  • बेड क्षमता वृद्धि: 30 बेड से 50 बेड का अस्पताल बनेगा, जिससे अधिक मरीजों को भर्ती कर उपचार प्रदान किया जा सकेगा।
  • डिजिटल एक्स-रे मशीन: यह मशीन स्थानीय नागरिकों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करेगी, जिससे उन्हें जांच के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

निर्माण कार्यों में आएगी तेजी: जिम्मेदारी सौंपी गई

मुख्यमंत्री ने पहाड़ के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता खत्म करने की अपनी सरकार के प्रयास को दोहराया।

  • समयबद्ध कार्य: चौखुटिया (Chaukhutiya) में उप जिला चिकित्सालय के निर्माण से संबंधित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया है।
  • कार्यदायी संस्था: निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन परिषद को कार्यदायी संस्था नियुक्त किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सीएम धाी का कहना है कि “सरकार प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है.. पहाड़ के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े, इसी उद्देश्य से यह विस्तार किया जा रहा है।”

बताया जा रहा है कि इस अस्पताल के विस्तार से चौखुटिया (Chaukhutiya) और आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोगों को तत्काल लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य उपचार में होने वाली देरी को रोका जा सकेगा। यह कदम उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक व्यापक और निर्णायक पहल है।

Honouring Women power: उत्तराखंड के महिला सशक्तिकरण को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सराहा

Honouring Women power: उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी  मुर्मू की मौजूदगी ने खुशी और गर्मजोशी का माहौल बना दिया। यह अवसर राज्य की स्थापना की रजत जयंती के साथ-साथ एक दिन पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम के विश्व विजेता बनने की खुशी से भरा था।

उत्तराखंड में नारी सशक्तिकरण की सराहना

राष्ट्रपति द्रौपदी  मुर्मू ने अपने अभिभाषण में उत्तराखंड में नारी सशक्तिकरण के प्रयासों की खुले मन से सराहना की। उन्होंने राज्य सरकार के प्रयासों पर अपनी मुहर लगाई और महिला सशक्तिकरण (Women power) के विषय को प्रभावी ढंग से संबोधित किया। गुजरे 25 वर्षों की समीक्षा में यह विषय बेहद महत्वपूर्ण माना गया है, खासकर राज्य के निर्माण में आधी आबादी के योगदान को देखते हुए।

प्रमुख महिला विभूतियों का उल्लेख

राष्ट्रपति ने उत्तराखंड की महिला शक्ति का (Women power) सम्मान करते हुए विभिन्न पीढ़ियों की प्रमुख महिलाओं का उल्लेख किया:

  • पुरानी पीढ़ी: स्वर्गीय गौरा देवी और स्वर्गीय सुशीला बलूनी (उत्तराखंड आंदोलन में प्रमुख चेहरा)।
  • नई पीढ़ी: वंदना कटारिया
  • अन्य प्रमुख हस्तियाँ: बछेंद्री पाल और राधा भट्ट
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महिला शिक्षा और स्वास्थ्य पर चर्चा

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में राज्य में हुए महिला उत्थान (Women power) के विशिष्ट पहलुओं पर भी चर्चा की:

  • महिला शिक्षा के विस्तार की बात की।
  • मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयासों को प्रमुखता से उभारा।

प्रथम महिला स्पीकर पर गौरव

राष्ट्रपति ने उत्तराखंड विधानसभा की पहली महिला स्पीकर ऋतु खंडूरी भूषण की नियुक्ति पर विशेष टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इससे उत्तराखंड विधानसभा ने अपना गौरव बढ़ाया है। साथ ही, उन्होंने विधानसभा में महिला सदस्यों की संख्या में वृद्धि की अपेक्षा भी जाहिर की।

क्रिकेट विश्व विजेता बेटियों पर खुशी

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन की शुरुआत में बेटियों के विश्व विजेता बनने की बात कहकर उन्हें बधाई दी।
  • इस पर पूरे सदन के साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी ताली बजाकर अपनी खुशी जाहिर की।

समान नागरिक संहिता (UCC) का विशेष जिक्र

राष्ट्रपति द्रौपदी  मुर्मू ने अपने संबोधन में समान नागरिक संहिता (UCC) का खास तौर पर जिक्र किया।

  • उन्होंने समानता की मजबूत पैरवी करने वाले संविधान के अनुच्छेद-44 का उल्लेख करते हुए यूसीसी लागू किए जाने की चर्चा की।
  • उन्होंने यूसीसी कानून में योगदान करने पर सदस्यों की सराहना भी की।

UK Foundation Day: 25 साल का जश्न! PM मोदी संग FRI में होगा भव्य उत्तराखंड स्थापना दिवस

उUK Foundation Day: त्तराखंड राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में, इस वर्ष 9 नवम्बर को प्रदेशभर में भव्य रजत जयंती उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर, मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम देहरादून स्थित फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआई) में आयोजित होगा।

UK Foundation Day पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी होंगे मुख्य अतिथि

रजत जयंती समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक अवसर बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह आयोजन उत्तराखंड की 25 वर्ष की विकास यात्रा, संघर्ष और उपलब्धियों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सान्निध्य में यह रजत जयंती समारोह प्रदेश के लिए प्रेरणादायक अवसर होगा।”

मुख्यमंत्री धामी ने UK Foundation Day की तैयारियों का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को विधानसभा के विशेष सत्र में प्रतिभाग करने के तुरंत बाद एफआरआई पहुंचकर UK Foundation Day के कार्यक्रम की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने सुनिश्चित किया कि सभी व्यवस्थाएं व्यवस्थित और गरिमामय हों।

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निरीक्षण और दिए गए निर्देश:

  • सुरक्षा व्यवस्था: प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करना।
  • आयोजन स्थल: समारोह के मुख्य स्थल का जायजा लिया।
  • यातायात प्रबंधन: आमजन की सुविधा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यातायात और पार्किंग की विस्तृत समीक्षा।
  • दर्शक दीर्घा: दर्शकों के लिए समुचित व्यवस्था।
  • सांस्कृतिक मंच और स्वागत तैयारियां: सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अतिथियों के स्वागत की तैयारियों की समीक्षा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य स्थापना दिवस (UK Foundation Day) का यह ऐतिहासिक अवसर गरिमामय और व्यवस्थित तरीके से मनाया जाए।

उच्चाधिकारियों की रही उपस्थिति

निरीक्षण के दौरान शासन और प्रशासन के कई प्रमुख अधिकारी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद थे, जिनमें सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय, गढ़वाल कमिश्नर श्री विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरुप, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी एवं अन्य अधिकारी शामिल थे। उत्तराखंड के 25 वर्षों के गौरवशाली इतिहास को दर्शाने वाला यह रजत जयंती उत्सव राज्य के विकास और भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

Breaking: नवाबों के शहर के व्यंजनों को मिला UNESCO का Global Tag, PM Modi ने भी की तारीफ

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UNESCO की सूची में अब लखनऊ के लजीज व्यंजनों को भी जगह मिल गई है।नवाबों के शहर लखनऊ ने अपनी सदियों पुरानी पाक कला की विरासत के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने लखनऊ को अपनी प्रतिष्ठित ‘क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क’ (UCCN) की सूची में ‘पाककला (गैस्ट्रोनॉमी)’ श्रेणी में शामिल किया है। यह सम्मान शहर के समृद्ध खान-पान और ‘अवधी’ व्यंजनों की वैश्विक पहचान का प्रतीक है।

UNESCO की सूची में शामिल होने की घोषणा

UNESCO की महानिदेशक ऑड्रे अजोले ने 31 अक्टूबर को उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित यूनेस्को के 43वें महासम्मेलन में विश्व नगर दिवस के अवसर पर लखनऊ सहित 58 नए शहरों को UCCN में शामिल करने की घोषणा की।

  • श्रेणी: लखनऊ को ‘पाककला’ (Gastronomy) की श्रेणी में यह मान्यता दी गई है।
  • वैश्विक पहचान: यह सम्मान लखनऊ की खानपान परंपरा, सांस्कृतिक विविधता और नवाचार को विश्व पटल पर स्थापित करता है।
  • नेटवर्क की स्थिति: इस घोषणा के बाद यूसीएन में अब 100 से अधिक देशों के 408 शहर शामिल हो गए हैं।

नामांकन और प्रक्रिया

लखनऊ को UNESCO का यह सम्मान दिलाने में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और भारत सरकार के प्रयास सराहनीय रहे।

  • प्रारंभिक प्रस्ताव: उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने लखनऊ के लिए नामांकन 31 जनवरी 2025 को केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय को भेजा था।
  • अंतिम डॉज़ियर: विस्तृत समीक्षा के बाद भारत सरकार ने 3 मार्च 2025 को यूनेस्को को अंतिम डोजियर प्रस्तुत किया था।
  • औपचारिक स्वीकृति: 31 अक्टूबर को आयोजित सम्मेलन में लखनऊ को औपचारिक रूप से ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ नेटवर्क में शामिल किया गया।

लखनऊ का लजीज जायका: एक पाककला जन्नत

UNESCO में शामिल होने के बाद, लखनऊ का लजीज खाना अब विश्व मंच पर एक ब्रांड के तौर पर उभरेगा। लखनऊ की पाककला नवाबों के जमाने से चली आ रही ‘दम पुख्त’ (धीमी आंच पर पकाना) जैसी विशिष्ट अवधी विरासत का जीवंत प्रमाण है।

  • प्रमुख व्यंजन:
    • मुंह में पानी लाने वाले गलाउटी कबाब (Tunday Kebab) और कुल्चा-निहारी
    • स्वाद से भरपूर अवधी बिरयानी
    • स्वादिष्ट चाट, गोलगप्पे और बास्केट चाट
    • मनमोहक मिठाइयाँ जैसे मक्खन मलाई और मलाई गिलौरी
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भारत के लिए गर्व का क्षण और पर्यटन पर प्रभाव

UNESCO में भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल ने इसे ‘गर्व का क्षण’ बताया है। उत्तर प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग भी इस उपलब्धि से काफी उत्साहित हैं।

  • गौरव: यह सम्मान शहर की समृद्ध पाक परंपराओं और अवधी विरासत का प्रतीक है।
  • पर्यटन वृद्धि: पर्यटन और संस्कृति विभाग की प्रमुख सचिव अमृत अभिजात के अनुसार, यह चयन व्यंजन परंपरा और पाक कला धरोहर को एक नई अंतर्राष्ट्रीय पहचान देगा।
  • आंकड़े: साल 2024 में लखनऊ में 82.74 लाख पर्यटक आए थे, जबकि 2025 के पहले 6 महीनों में ही 70.20 लाख पर्यटक पहुंच चुके हैं, जो पर्यटन में खान-पान की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई और किया आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर लखनऊ की इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की। “लखनऊ एक जीवंत संस्कृति का पर्याय है, जिसके मूल में एक शानदार पाक कला संस्कृति है। मुझे खुशी है कि UNESCO ने लखनऊ के इस पहलू को भी मान्यता दी है।”उन्होंने दुनिया भर के लोगों से लखनऊ आने और इसकी पाक कला की विशेषता को जानने का आह्वाहन भी किया है।

लखनऊ का जायका सदियों पुरानी अवधी परंपराओं से जुड़ा हुआ है। भारत में संयुक्त राष्ट्र की इकाई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कहा कि “मुंह में पानी लाने वाले गलावटी कबाब से लेकर अवधी बिरयानी, स्वादिष्ट चाट और गोलगप्पे, इसके साथ ही मक्खन मलाई जैसी मिठाइयाँ और भी बहुत कुछ… उत्तर प्रदेश का लखनऊ लजीज खाने के लिए एक जन्नत है।”

इस उपलब्धि के बाद, अब टुंडे कबाब से लेकर कुल्चा-निहारी और नवाबी रसोई से निकले अन्य व्यंजन विश्व मानचित्र पर प्रदेश की पहचान को और ऊंचा उठाएंगे।

President Draupadi Murmu In Uttarakhand: रजत जयंती वर्ष पर विधान सभा के विशेष सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ऐतिहासिक संबोधन

देहरादून, 3 नवंबर, 2025 – President द्रौपदी मुर्मू ने आज उत्तराखंड राज्य की रजत जयंती (25 वर्ष) के ऐतिहासिक अवसर पर देहरादून स्थित उत्तराखंड विधान सभा के विशेष सत्र को संबोधित किया। लोकतन्त्र के इस मंदिर में President का आगमन राज्य के लिए एक गौरवशाली क्षण रहा। उन्होंने इस अवसर पर पूर्व और वर्तमान विधानसभा सदस्यों के साथ-साथ राज्य के सभी निवासियों को बधाई दी।

उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश भर में रजत जयंती मना रहा है। सोमवार को दो दिवसीय विधानसभा के विशेष सत्र में President द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता समस्याओं के समाधान और विकास के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कार्य करें। राष्ट्रपति ने 25 मिनट तक अपना संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को वर्ल्ड कप जीतने पर बधाई भी दी। राष्ट्रपति मुर्मू ने राज्य की 25 वर्ष की विकास यात्रा की सराहना की और उत्तराखंड के लोगों को बेहतर प्रशासन तथा संतुलित विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

President द्रौपदी मुर्मू ने 25 वर्षों की विकास यात्रा की सराहना की

अपने संबोधन में President द्रौपदी मुर्मू ने उल्लेख किया कि उत्तराखंड की स्थापना (नवंबर 2000) यहां के जनमानस की आकांक्षा के अनुरूप बेहतर प्रशासन और संतुलित विकास के उद्देश्य से तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल के दौरान की गई थी। उन्होंने कहा कि विगत 25 वर्षों में राज्य ने विकास के प्रभावशाली लक्ष्य हासिल किए हैं।

  • सराहनीय प्रगति के क्षेत्र: पर्यावरण, ऊर्जा, पर्यटन, स्वास्थ्य-सेवा और शिक्षा।
  • आधारभूत संरचना: Digital और physical connectivity तथा infrastructure development के क्षेत्रों में उल्लेखनीय विकास हुआ है।
  • मानव विकास सूचकांक (Human Development Indices): राज्य में साक्षरता में वृद्धि हुई है, महिलाओं की शिक्षा का विस्तार हुआ है, तथा मातृ एवं शिशु-मृत्यु-दर में कमी आई है।

महिला सशक्तीकरण और विधानसभा में गौरव

President द्रौपदी मुर्मू ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में राज्य द्वारा किए जा रहे प्रयासों की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से सुशीला बलूनी, बछेन्द्री पाल, गौरा देवी, राधा भट्ट और वंदना कटारिया जैसी असाधारण महिलाओं की गौरवशाली परंपरा आगे बढ़ेगी।

उन्होंने विधान सभा अध्यक्ष, ऋतु खंडूरी भूषण, को राज्य की पहली महिला विधान सभा अध्यक्ष नियुक्त करने के लिए उत्तराखंड विधान सभा के कदम को सराहा और उम्मीद जताई कि सभी हितधारकों के सक्रिय प्रयास से विधान सभा में महिलाओं की संख्या में और बढ़ोतरी होगी।

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देव-भूमि की शौर्य और संवैधानिक परंपरा

President द्रौपदी मुर्मू ने उत्तराखंड को अध्यात्म और शौर्य की परम्पराओं की देव-भूमि बताया। उन्होंने Kumaon Regiment और Garhwal Regiment का उल्लेख करते हुए यहां के युवाओं में भारतीय सेना में सेवा करने के प्रति उत्साह की प्रशंसा की।

President द्रौपदी मुर्मू ने समान नागरिक संहिता (UCC) और विधायक कार्यों की प्रशंसा की

President द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत ‘नागरिकों के लिए एक समान सिविल संहिता’ के निर्माण हेतु उत्तराखंड विधान सभा के सदस्यों की सराहना की। इसके अलावा, उन्होंने पारदर्शिता, नैतिकता और सामाजिक न्याय से प्रेरित विधेयकों जैसे कि उत्तराखंड लोकायुक्त विधेयक, उत्तराखंड जमीन्दारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था विधेयक तथा नकल विरोधी विधेयक पारित करने के लिए वर्तमान और अतीत के सभी विधायकों की सराहना की।

President द्रौपदी मुर्मू का जनप्रतिनिधियों के लिए मार्गदर्शन

विधायक-गण को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने उन्हें जनता और शासन के बीच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताया। अपने नौ वर्ष के विधायक अनुभव को साझा करते हुए, उन्होंने जनप्रतिनिधियों को सलाह दी कि:

  • जन-सेवा का महत्व: विधायक सेवा-भाव से निरंतर जनता की समस्याओं के समाधान तथा उनके कल्याण में सक्रिय रहें, जिससे जनता और जन-प्रतिनिधि के बीच विश्वास का बंधन अटूट बना रहेगा।
  • दलगत राजनीति से ऊपर: विकास तथा जन-कल्याण के कार्यों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाएं।
  • प्राथमिकता: समाज के वंचित वर्गों के कल्याण पर विशेष संवेदनशीलता और युवा पीढ़ी को विकास के अवसर प्रदान करना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए।

राष्ट्रपति ने उत्तराखंड विधान सभा में हाल ही में शुरू हुई National Electronic Vidhan Application (NeVA) की व्यवस्था पर भी प्रसन्नता व्यक्त की, जिससे विधायकों को अन्य विधानसभाओं के ‘best practices’ को जानने और अपनाने का अवसर मिलेगा।

मंगलकामना और ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ का संदेश

अपने संबोधन के अंत में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तराखंड में विद्यमान अनुपम प्राकृतिक संपदा और सौन्दर्य के संरक्षण के साथ विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना के साथ सभी जन-प्रतिनिधि राज्य को तथा देश को विकास-पथ पर तेजी से आगे ले जाएंगे और उत्तराखंड के सभी निवासियों के स्वर्णिम भविष्य की मंगलकामना की।

Uttarakhand Silver Jubilee: इगास पर्व पर सितारों का समागम, सीएम धामी से मिले कलाकार

उत्तराखंड के पारंपरिक लोक पर्व इगास के शुभ अवसर पर, देश भर के प्रमुख फ़िल्म और कॉमेडी कलाकारों ने देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला, जिसमें ‘कला उत्सव’ भी शामिल है, के तहत हुई। इन उत्सवों में भाग लेने के लिए ही ये लोकप्रिय कलाकार राजधानी पहुंचे हैं।

मुख्यमंत्री ने किया कलाकारों का स्वागत और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत पर ज़ोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी कलाकारों का गर्मजोशी से स्वागत और सम्मान किया। उन्होंने इस अवसर पर उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को नए आयाम देने, स्थानीय परंपराओं को संरक्षित करने तथा देवभूमि की नवाचार और पर्यटन क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने के लिए राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक आयोजनों में देश के प्रख्यात कलाकारों की भागीदारी युवा पीढ़ी को नई प्रेरणा देती है और इससे राज्य की कला एवं संस्कृति को वैश्विक पहचान मिलती है।

इगास: आस्था, परंपरा और सामूहिक उत्सव का प्रतीक

मुख्यमंत्री ने लोक पर्व इगास के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह उत्तराखंड की आस्था, परंपरा और सामूहिक उत्सव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्वों के माध्यम से हमारी सांस्कृतिक जड़ें और भी मजबूत होती हैं। श्री धामी ने हास्य कला के माध्यम से समाज में सकारात्मकता, सौहार्द और उत्साह बढ़ाने के लिए कलाकारों के योगदान की भी सराहना की।

हास्य एवं फ़िल्म जगत के प्रसिद्ध कलाकारों की उपस्थिति

इस खास मुलाकात के दौरान कॉमेडी जगत के प्रसिद्ध कलाकार कृष्णा अभिषेक, हेमंत पांडे, हिमानी शिवपुरी सहित अनेक अन्य चर्चित कलाकार उपस्थित रहे। कलाकारों ने मुख्यमंत्री के साथ सांस्कृतिक संवाद साझा किया और प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक ऊर्जा की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति, प्रकृति और लोगों के उत्साह से उन्हें अत्यंत प्रेरणा मिली है।

स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया सम्मान

अंत में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। यह शिष्टाचार भेंट उत्तराखंड की कला और संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

IGAS Festival: मुख्यमंत्री आवास में लोक संस्कृति के साथ मनाया गया भव्य इगास पर्व

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री आवास में इगास पर्व (बूढ़ी दीवाली) को आज बड़े हर्षोल्लास, पारंपरिक आस्था और सांस्कृतिक गौरव के साथ भव्य रूप से मनाया गया। देवभूमि की समृद्ध लोक परंपराओं को समर्पित इस विशेष अवसर पर राज्यपाल ले. ज. गुरमीत सिंह (से नि) की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इगास हमारी सांस्कृतिक अस्मिता, लोक आस्था और सामूहिक भावना का प्रतीक है।

लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ और पारंपरिक ‘भेलों’

कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोक कलाकारों, गायकों और सांस्कृतिक दलों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। हारुल, झूमेंलो, चांचरी, थड़िया, जागर और अन्य पारंपरिक नृत्य-गायन ने पूरे परिसर को लोकधुनों की गूंज से सराबोर कर दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं कलाकारों के बीच उपस्थित होकर उनकी प्रस्तुति का आनंद लिया और उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि “हमारी लोक संस्कृति और परंपराएँ हमारी सबसे बड़ी धरोहर हैं, उन्हें बचाना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हमारा सामूहिक दायित्व है।”

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इगास उत्सव के पारंपरिक क्रम में, मुख्यमंत्री ने लोक मान्यताओं के अनुसार परंपरागत रूप से “भेलों” भी खेला, जिससे वहाँ मौजूद बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया। पूरा वातावरण पर्वतीय संस्कृति की खुशियों से भर गया।

लोकसंस्कृति के संरक्षण और प्रोत्साहन पर सीएम का ज़ोर

इगास, बूढ़ी दीवाली और देव दीपावली के शुभ अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराएँ, वेश-भूषा और व्यंजन हमारी अनमोल धरोहर हैं और इन्हें संरक्षित करना हम सभी का दायित्व है।

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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड सरकार लोक कलाकारों के उत्थान, लोक परंपराओं को बढ़ावा देने और ‘कल्चर बेस्ड रोज़गार’ को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इगास केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सामूहिकता, प्रकृति के प्रति आभार और सांस्कृतिक गर्व का प्रतीक है।

जड़ों से जुड़ने और राज्य के विकास का आह्वान

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रवासी उत्तराखंडियों के सक्रिय योगदान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने खुशी व्यक्त की कि प्रवासी उत्तराखंडी अब इगास पर अपने पैतृक गाँवों का रुख कर रहे हैं। उन्होंने विश्वभर में बसे उत्तराखंडियों से अपील की कि वे भी अपने गाँवों और परिवारों के साथ लोक पर्व मनाएं और अपनी जड़ों से जुड़े रहें।

मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान किया कि हम सब मिलकर न सिर्फ अपनी संस्कृति को समृद्ध करें, बल्कि “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में योगदान दें।

“तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा” – संकल्प को साकार करने का दायित्व

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संकल्प–वाक्य को याद करते हुए कहा कि “तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा” यह केवल घोषणा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की इस पवित्र भूमि के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने जो विश्वास उत्तराखंड पर जताया है, उसे साकार करना हम सभी का दायित्व है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह दशक उत्तराखंड के समग्र विकास, रोज़गार-सृजन, पर्यटन और आध्यात्मिक-पर्यटन विस्तार, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा युवा शक्ति के सशक्तिकरण का दशक होगा। उन्होंने अंत में कहा, “इस इगास पर संकल्प लें कि न केवल अपने घरों में दीप जलाएँ, बल्कि अपने मन में भी अपनी संस्कृति के प्रति गर्व का दीप प्रज्ज्वलित रखें।”

इस भव्य कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोशियारी, रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, मुख्य सचिव एवं अन्य अधिकारी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि व विभिन्न क्षेत्रों के लोग उपस्थित रहे।

इगास पर्व पर मुख्यमंत्री धामी ने आपदा प्रभावितों के साथ मनाया त्योहार, प्रभावितों के लिए ₹5-5 लाख की मदद

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के लोकपर्व इगास के मौके पर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी खुशी आपदा प्रभावित परिवारों के बीच बांटी। वह आज (इगास के दिन) रुद्रप्रयाग के तहसील वसुकेदार क्षेत्र के भौंर गाँव पहुँचे, जहाँ उन्होंने हाल ही में आई आपदा से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।

प्रभावितों के साथ भोजन, मिला आत्मीय सहारा

मुख्यमंत्री ने गाँव पहुँचकर न सिर्फ आपदा से हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया, बल्कि प्रभावित परिवारों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन भी किया। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है और किसी को भी अकेला महसूस नहीं होने दिया जाएगा।

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मृतक परिवारों को ₹5-5 लाख की आर्थिक मदद

मुख्यमंत्री ने आपदा के दौरान जान गंवाने वाले वन श्रमिक कुलदीप सिंह नेगी और सते सिंह के परिवारों से भेंट की और अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। दोनों परिवारों को पाँच-पाँच लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक प्रदान किए गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित परिवारों को समयबद्ध तरीके से राहत पहुंचाई जाए।

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भौंर गाँव के लिए मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएँ

मुख्यमंत्री धामी ने प्रभावितों की समस्याओं को सुनने के बाद क्षेत्र के पुनर्वास और विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की:

  • स्थाई हेलीपैड: आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए क्षेत्र में एक स्थाई हेलीपैड बनाया जाएगा।
  • आंगनवाड़ी केंद्र: ग्रामीणों की मांग पर ग्राम भौंर में आंगनवाड़ी केंद्र का निर्माण किया जाएगा।
  • मोटर सड़क: गाँव तक दोपहिया वाहन आवाजाही के लिए सड़क निर्माण हेतु एक करोड़ रुपये की धनराशि दी जाएगी।
  • पुनर्निर्माण कार्य: सभी क्षतिग्रस्त संरचनाओं (सड़क, बिजली, पानी) का पुनर्निर्माण प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाएगा।
  • छेनागाड़ बाज़ार: छेनागाड़ बाज़ार को फिर से बसाने और पुनर्जीवित करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाएगी।
  • वाहन मुआवजा: आपदा में क्षतिग्रस्त हुए वाहनों के मालिकों को भी मुआवजा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं और राहत कार्यों में पारदर्शिता, तत्परता और संवेदनशीलता बरती जाए। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के आगमन पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और सरकार द्वारा किए जा रहे त्वरित राहत कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया।

Uttarakhand silver jubilee event: PM Modi दौरे से पहले FIR में चाक-चौबंद व्यवस्था

देहरादून: Uttarakhand silver jubilee event में PM Modi के दैरे के मद्देनज़र चाक चौबंद व्यवस्थाओं का जायजा मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने लिया।बता दें कि उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शनिवार को वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई), देहरादून का दौरा किया और 09 नवम्बर को आयोजित होने वाले उत्तराखण्ड रजत जयंती समारोह के मुख्य कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों से तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

PM Modi के संभावित दौरे के मद्देनजर सुरक्षा और व्यवस्थाएं होंगी चाक-चौबंद

मुख्य सचिव बर्द्धन ने आगामी 9 नवंबर को PM Modi के संभावित दौरे के मद्देनजर सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस गरिमामय अवसर के लिए किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में लगभग 60 से 70 हज़ार लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए, मुख्य सचिव ने सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा कि आमजन को कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश और निकासी में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

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यातायात और पार्किंग के लिए वृहद प्लान बनाने के निर्देश

भीड़ की संभावित संख्या को देखते हुए, मुख्य सचिव ने यातायात और पार्किंग व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि PM Modi के कार्यक्रम को देखते हुए यातायात और पार्किंग प्लान को वृहद स्तर पर बनाया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आमजन के कार्यक्रम में पहुंचने के साथ ही, शहर के सामान्य यातायात में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ, सचिव शैलेश बगौली, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, ज़िलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने मुख्य सचिव को चल रही तैयारियों से अवगत कराया और उनके निर्देशों के अनुसार कार्य करने का आश्वासन दिया।

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