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राज्य स्थापना दिवस के मौके पर सीएम धामी ने दिया स्वच्छता का संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस के पूर्व दिवस पर रेसकोर्स में स्वच्छता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया और झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देहरादून नगर निगम के अंतर्गत स्ट्रीट लाइट की शिकायत के लिए बनाए गए क्यू आर स्कैनर का शुभारंभ भी किया। यह स्कैनर देहरादून नगर निगम के अंतर्गत लगी स्ट्रीट लाइट के खंभों पर लगाया जाएगा। स्ट्रीट लाइट खराब होने पर कोई भी व्यक्ति इसे स्कैन कर शिकायत दर्ज कर सकता है।

साकार हो रही स्वच्छ भारत की संकल्पना

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा के मार्चुला में बस हादसे में दिवंगत लोगों की स्मृति में आज प्रदेशभर में स्वच्छता और सेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बस हादसे में मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से कामना की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 साल पहले चलाए गए स्वच्छ भारत अभियान के परिणामस्वरूप पूरे देश में स्वच्छता के  प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी।  प्रधानमंत्री की स्वच्छ और स्वस्थ भारत की परिकल्पना साकार हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड पर्यटन और तीर्थाटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से आह्वाहन किया है कि स्वच्छता को अपनी नियमित दिनचर्या बनाकर देवभूमि उत्तराखंड को स्वच्छ रखने में सरकार के सहयोगी बने।

उत्तराखंड अग्रणी राज्यों की श्रेणी में

मुख्यमंत्री ने कहा की उत्तराखंड राज्य रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इन 24 सालों में हमारी देवतुल्य जनता के सहयोग से हर क्षेत्र में राज्य तेजी से आगे बढ़ा है। इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने के लिए जन सहभागिता से राज्य सरकार द्वारा हर क्षेत्र में अल्पकालिक, लघुकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं पर कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अनेक क्षेत्रों में उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान मिला है। ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में राज्य को एचीवर्स और स्टार्टप में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। जीएसडीपी में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उत्तराखण्ड युवाओं को रोजगार देने में भी अग्रणी राज्य बना है। एक वर्ष में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत कमी लाई गई है।

उत्तराखंड में होगा प्रवासी परिषद का गठन, सीएम धामी ने की घोषणा

उत्तराखंड में जल्द ही प्रवासी उत्तराखंडी परिषद का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय में “प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन“ के दौरान इसकी घोषणा की है। सीएम धामी ने कहा है कि प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन सभी को उत्तराखंड की मिट्टी से पुनः जोड़ने का एक प्रयास है।

अपनी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा दे रहे

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की माटी से जुड़े हुए प्रवासियों ने शिक्षा, अनुसंधान, ब्यूरोक्रेसी, फिल्म निर्माण, उद्योग, व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान उत्तराखंड से हैं। भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस विपिन रावत भी इसी भूमि से थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति अपने आप में विशिष्ट है। हमारे प्रवासी देश के विभिन्न राज्यों में अपनी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं।

उत्तराखंड सदैव साथ रहता है

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन सालों में उन्हें देश के अनेक राज्यों में पर्वतीय समाज के लोगों से मिलने का अवसर मिला और उन्होंने महसूस किया कि हमारे प्रवासियों के भीतर बसा उत्तराखंड सदैव उनके साथ रहता है। उन्होंने उत्तराखंड की भाषा, संस्कृति और संस्कारों को कभी नहीं छोड़ा। यह यह ऐसा समागम है जहां सभी प्रवासी भाई बहन न सिर्फ राज्य के अधिकारियों के साथ संवाद कर सकेंगे बल्कि उन्हें विभिन्न राज्यों में निवासरत अन्य उत्तराखंडी प्रवासियों से भी मिलने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यहां से निकलने वाला संदेश लाखों उत्तराखंडी प्रवासियों तक पहुँचेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूर्ण करने में उत्तराखंड भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं सहयोग से प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, पेयजल सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों का इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से मजबूत हो रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य भी तेजी से चल रहा है। एयर कनेक्टिविटी को मजबूत बनाया जा रहा है। 30 से अधिक नई नीतियां लाकर उत्तराखंड को निवेश और रोजगार सृजन के लिए अनुकूल बनाया है। प्रदेश में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी प्राथमिकता के साथ कार्य हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश हित में कई कठोर एवं ऐतिहासिक निर्णय लिये गये हैं। यूसीसी का कानून राज्य में जल्द लागू होगा। देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण रोधी कानून और दंगा रोधी कानून लागू किया गया है। लैंड जिहाद के खिलाफ भी मुहिम चलाकर प्रदेश भर में 5000 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करवाया है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत् विकास के लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। राज्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी में है। एक वर्ष में बेरोजगारी दर 4.4 प्रतिशत कम हुई है। राज्य में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नई फिल्म नीति को भी मंजूरी दी है जिसमें राज्य में फिल्मों की शूटिंग करने पर कई प्रकार की सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंड़ियों को प्रदेश की विभिन्न जानकारियां उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से एक डेडीकेटेड वेबसाइट भी तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रवासियों से अपील की कि कम से कम वर्ष में एक बार अपने गांव और पैतृक घर पर जरूर आएं और अपनी-अपनी विशेषज्ञता के हिसाब से अपने क्षेत्र के विकास में योगदान दें। आपके सुझावों एवं कार्यों के आधार पर विशिष्ट नीतियां बनाकर उन पर कार्य किया जायेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आज होने वाले मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह अवश्य ही उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

बॉबी पंवार पर सनसनीखेज आरोप, इस IAS के साथ की मारपीट, जान से मारने की धमकी भी दी !

उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष और युवा नेता बॉबी पंवार पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। बॉबी पंवार और उनके साथियों पर राज्य के सीनियर आईएएस और उत्तराखंड सरकार के सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम पर मारपीट करने और उन्हे जान से मारने की धमकी देने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है।

बॉबी पंवार ने दी गाली, धमकाया भी !

दरअसल देहरादून पुलिस को मिली एक तहरीर में राज्य के सीनियर आईएएस आर मीनाक्षी सुंदरम के वरिष्ठ निजि सचिव कपिल कुमार ने आरोप लगाया है कि बुधवार शाम करीब 6 बजकर 25 मिनट पर सचिवालय में बॉबी पंवार अपने दो साथियों के साथ सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम से मिलने पहुंचे थे। सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने जब उक्त व्यक्ति को मिलने के लिए अपने कक्ष में बुलाया गया तो उसके द्वारा सचिव के सामने दुर्व्यवहार गाली-गलौच, डराने-धमकाने और जान से मारने की धमकी दी गई. जिसके बाद सचिव ने अपने वरिष्ठ निजी सचिव और अपर सचिव को बुलाकर उन्हें बाहर भेजने के निर्देश दिए।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू

आईएएस मीनाक्षी सुंदरम (IAS Meenakshi Sundaram) के प्राइवेट सेक्रेटरी ने इस मामले में देहरादून कोतवाली को एक तहरीर सौंपी है। इस तहरीर पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इस मामले में जल्द ही बॉबी पंवार की गिरफ्तारी हो सकती है।

राज्य के वरिष्ठ IAS हैं मीनाक्षी सुंदरम

मीनाक्षी सुंदरम राज्य के वरिष्ठ आईएएस हैं। मीनाक्षी सुंदरम की गिनती राज्य के प्रभावशाली अधिकारियों में होती है। वो कई सरकारों में बेहद अहम पदों पर रह चुके हैं। सुलझे व्यक्तित्व के धनी माने जाने वाले मीनाक्षी सुंदरम धामी सरकार में भी बेहद ताकतवर अधिकारी के तौर पर माने जाते हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने लंबे समय तक उन्हे सचिव मुख्यमंत्री का पद भी सौंपा।

बॉबी पंवार लड़ चुके हैं चुनाव

उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने हाल ही में राजनीति में कदम रखा है। उन्होंने इस लोकसभा चुनावों में टिहरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हे हार का सामना करना पड़ा था। बॉबी पंवार का ताजा विवाद उनकी छवि को खासा नुकसान पहुंचा सकता है।

PPP मोड पर नहीं चलेंगे उत्तराखंड के सरकारी अस्पताल, सरकार ने बदला फैसला

अल्मोड़ा हादसे के बाद अब उत्तराखंड सरकार की नींद टूटी है। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में पीपीपी मोड पर संचालित हो रहे अस्पतालों का अनुबंध समाप्त करने का फैसला लिया है। स्वास्थय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा है कि आधा दर्जन चिकित्सा इकाईयों का अनुबंध समाप्त कर सरकार शीघ्र ही अपने नियंत्रण में लेगी।

तीन अस्पतालों को सरकार ने लिया वापस

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार ने विश्व बैंक द्वारा पोषित उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत पीपीपी मोड़ में संचालित सभी नौ चिकित्सा इकाईयों को वापस लेने का निर्णय लिया गया है। इसी फैसले के तहत टिहरी गढ़वाल में संचालित जिला चिकित्सालय बौराड़ी सहित दो अन्य चिकित्सा इकाईयों बिलकेश्वर व देवप्रयाग को हाल ही में वापस ले लिया गया है।

जबकि जिला चिकित्सालय पौड़ी तथा संयुक्त चिकित्सालय पाबौं, घिण्डियाल के साथ ही रामदत्त जोशी संयुक्त चिकित्सालय रामनगर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भिकियासैंण व बीरोंखाल को भी पीपीपी मोड़ से हटाकर सरकार अपने नियंत्रण में लेने जा रही है। उन्होंने बताया इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिये गये हैं।

PPP मोड से खुश नहीं जनता, सरकार ने बदला फैसला

डॉ. रावत ने कहा कि पीपीपी मोड़ में संचालित अस्पतालों को लेकर स्थानीय जनता द्वारा लगातार शिकायतें की जा रही थी जिसके आधार पर राज्य सरकार ने पीपीपी मोड़ में संचालित समस्त चिकित्सा इकाईयों को वापस लेकर स्वयं संचालित करने का निर्णय लिया है ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा सके।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने मीडिया में जारी बयान में बताया कि पीपीपी मोड़ में संचालित सभी चिकित्सालयों को वापस लेने से पूर्व परियोजना के तहत उपलब्ध सभी चिकित्सकीय उपकरणों एवं ढांचागत व्यवस्था को परखते हुये हस्तांतरण की कार्रवाही सम्पन्न करनी होती है जिसके तहत परियोजना के दौरान उपलब्ध सभी उपकरण एवं अन्य आवश्यक सामग्री चिकित्सा इकाई के पास ही रखी जायेगी। जिसकी सूची तैयार करने के निर्देश संबंधित जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारियों एवं प्रभारी अधिकारियों को दे दिये गये हैं।

हस्तांतरण की कार्रवाई पूर्ण होते ही राज्य सरकार इन चिकित्सा इकाईयों को माह दिसम्बर तक अपने नियंत्रण में लेकर चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती कर दी जायेगी। जिसके लिये विभागीय अधिकारियों को कार्रवाही के निर्देश दे दिये गये हैं।

दिल्ली में ‘उत्तराखंड निवास’ का लोकार्पण, सीएम धामी ने बताया समृद्ध परंपराओं का प्रतीक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में उत्तराखण्ड राज्य अतिथि गृह ‘उत्तराखण्ड निवास’ का लोकार्पण किया। इस भव्य उत्तराखण्ड निवास का निर्माण लगभग 120 करोड़ 52 लाख की लागत से किया गया है। इस अवसर पर सबसे पहले मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद के मार्चुला बस दुर्घटना में दिवंगत आत्माओं की शांति और उनके परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

उत्तराखंड भवन है समृद्ध परंपराओं का प्रतीक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज हम सब उत्तराखण्ड निवास के लोकार्पण के ऐतिहासिक पल के साक्षी बन रह हैं। उत्तराखण्ड निवास में राज्य की संस्कृति, लोक कला और वास्तुकला का समावेश किया गया है। उत्तराखण्ड की अद्वितीय कला की छाप उत्तराखण्ड निवास संजोये हुए है। इसकी दीवार पारंपरिक रूप से पहाड़ी शैली के सुंदर पत्थरों से निर्मित है, जो हमारी सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवंत करने का का कार्य करती है। यह भवन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक पंरपराओं को एक नई ऊंचाई प्रदान करने के साथ ही उत्तराखण्ड और देश-विदेश से आने वाले अतिथियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा।

उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पाद भी मिले

मुख्यमंत्री ने कहा कि आरामदायी आवास व्यवस्था तथा उत्तराखण्ड की संस्कृति की झलक को समेटे यह भवन राष्ट्रीय राजधानी में हमारे प्रदेश की गरिमा का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड निवास में हमारे पारंपरिक व्यंजनों की व्यवस्था की जाए। श्रीअन्न उत्पादों और जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए भी यहां पर एक विशेष काउंटर की व्यवस्था की जाए। उत्तराखण्ड की पहचान टोपी, पिछोड़ा, शॉल, जैकेट एवं राज्य के प्रसिद्ध उत्पादों की बिक्री की भी व्यवस्था हो। राज्य की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उच्च गुणवत्ता के उत्पाद बनाये जा रहे हैं। यह हमारे आने वाले अतिथियों के लिए एक विशेष प्रकार का अनुभव होगा। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड भवन के निर्माण में योगदान देने वाले सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। सभी श्रमिकों के समर्पण भाव की भी उन्होंने सराहना की।

उत्तराखंड में बेरोजगारी दर में कमी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 09 नवम्बर को हम उत्तराखण्ड राज्य की रजत जयंती वर्ष में प्रवेश करने जा रहे हैं। ऐसे में उत्तराखण्ड भवन का लोकार्पण श्रेष्ठ उत्तराखण्ड बनाने का हमारे संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा और राज्य को आगे बढ़ाने में हम सबको प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए पिछले सालों में कई महत्वपूर्ण योजनाएं और नीतियां लागू की गई हैं। यही कारण है कि नीति आयोग द्वारा इस वर्ष जारी सतत विकास के लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखण्ड को देश प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में राज्य को एचीवर्स और स्टार्टप में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। जीएसडीपी में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उत्तराखण्ड युवाओं को रोजगार देने में भी अग्रणी राज्य बना है। एक वर्ष में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत कमी लाई गई है। फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी सबसे अनुकूल राज्य होने के लिए भी उत्तराखण्ड को देश में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्यहित में अनेक निर्णय लिये हैं। समान नागरिक संहिता की दिशा में कदम उठाने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। जल्द ही यूसीसी राज्य में लागू करने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। राज्य में देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। जिससे प्रदेश के युवाओं में नया आत्मविश्वास जगा है। हर जनपद से युवाओं का चयन हो रहा है। विगत तीन वर्षों में राज्य में 18500 सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं। राज्य में धर्मान्तरण को रोकने के लिए सख्त कानून लागू किया गया है। जो देवभूमि की पवित्रता और संस्कृति की रक्षा करेगा। 05 हजार से भी अधिक सरकारी जमीन जो गैरकानूनी रूप से कब्जे में थी, उसको अतिक्रमण से मुक्त कराया है। प्रदेश में लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घटिया मानसिकता के खिलाफ भी कड़ा रूख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले बजट सत्र में एक सख्त भू-कानून भी लाया जायेगा। जिसकी काफी लंबे समय से प्रतिक्षा है। राज्य सरकार उत्तराखण्ड के अंतिम छोर के व्यक्ति तक विकास की धारा से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सासंद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, सांसद अजय भट्ट, राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सासद डॉ. कल्पना सैनी, विधायकगण, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु एवं सचिवगण उपस्थित थे।

छठ पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग, राजीव महर्षि ने सीएम से किया अनुरोध

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उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी एवं मुख्य मीडिया समन्वयक राजीव महर्षि ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से छठ पूजा के मद्देनजर आठ नवंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की है। राजीव महर्षि ने कहा है कि पहले भी छठ के मौके पर सार्वजनिक अवकाश घोषित होता रहा है।

उत्तराखंड में होता है सभी का समादर

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी एवं मुख्य मीडिया समन्वयक राजीव महर्षि ने कहा है कि अनेकता में एकता की संस्कृति से ओत प्रोत देवभूमि उत्तराखंड ने भारत की सभी आंचलिक संस्कृतियों का समादर किया है। दशकों से बिहारी समाज उत्तराखंड के नवनिर्माण में भागीदार बना है और कोई ऐसा उदाहरण नहीं मिलता कि इस समाज ने किसी तरह का अप्रिय आचरण किया हो। सभी संस्कृतियों का सम्मान करने और उन्हें पुष्पित पल्लवित होने का अवसर देवभूमि में सदा से मिलता रहा है। इस बार छठ पूजा पर सार्वजनिक अवकाश घोषित न होने से बिहारी महासभा निराश है, और इसीलिए महासभा ने सरकार को प्रत्यावेदन दिया है।

सरकार करे छठ पर छुट्टी का विचार

राजीव महर्षि ने कहा है कि 36 घंटे का निर्जला उपवास करके व्रत करने वाले लोगों को सरकारी अथवा निजी प्रतिष्ठानों में योगदान देने में अत्यंत असुविधा होगी। महर्षि ने कहा कि छठ पूजा का प्रमुख अंग 36 घंटे का निर्जला उपवास आज से शुरू हो गया है और शुक्रवार को 8:00 बजे सुबह सूर्य नारायण की अर्घ्य देने के बाद यह लोकपर्व संपन्न होगा। उस स्थिति में तत्काल बाद कार्यालय अथवा प्रतिष्ठान में 9:00 बजे योगदान देने में लोगों को असुविधा होगी। लिहाजा आठ नवम्बर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाना जनहित में होगा। महर्षि ने मुख्यमंत्री से लोक महत्व के इस विषय पर अविलम्ब सहानुभूतिपूर्वक विचार कर आठ नवम्बर को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की है।

अल्कलाइन वॉटर क्या होता है? क्या हैं अल्कलाइन वॉटर पीने के फायदे

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आजकल हेल्थ एक्सपर्ट्स अल्कलाइन वॉटर पीने की सलाह देते हैं, आइए जानते हैं कि अल्कलाइन वॉटर क्या होता है ? (what is alkaline water) और साथ ही ये जानते हैं अल्कलाइन वॉटर के फायदे (benefits of alkaline water)  क्या होते हैं ?

अल्कलाइन वॉटर क्या होता है?

अल्कलाइन वॉटर (Alkaline Water) पानी का एक प्रकार है जिसका पीएच लेवल 7 से ज्यादा होता है. इसका मतलब है कि ये है कि पानी अधिक बेसिक होता है, जिसका तात्कालिक मतलब होता है कि इसमें अधिक ऑक्सीजन होते हैं और ये नुकसान पहुंचाने वाले एसिडिक तत्वों को न्यूट्रलाइज़ कर सकता है.

अल्कलाइन वॉटर पीने के फायदे

1. शरीर में एसिडिटी को कम करता है 

अल्कलाइन वॉटर का सेवन करने से, शरीर की एसिडिटी को कम किया जा सकता है, जिससे पेट की समस्याओं को कंट्रोल करने में मदद मिलती है.

2. हाइड्रेशन को बेहतर बनाता है

इस तरह का पानी हमारे शरीर को अधिक समय तक हाइड्रेटेड रखता है, जिससे हमारे एनर्जी लेवल में सुधार होता है और थकान में भी कमी आती है.

3. एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर

अल्कलाइन वॉटर में अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो फ्री रेडिकल्स को रोकने में मदद करते हैं और स्वस्थ त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं.

4. वजन कम करने में मदद

कुछ स्टडीज के मुताबिक अल्कलाइन वॉटर का सेवन वजन को कम करने में मदद कर सकता है, क्योंकि यह शरीर के फैट मेटाबोलिज्म को बढ़ा सकता है.

अल्कलाइन वॉटर का सेवन करने से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित किया जा सकता है और दिल की सेहत को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है.

धामी कैबिनेट में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर, हो गए ये बड़े फैसले

बुधवार को उत्तराखंड की धामी सरकार की कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कुल तीस प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। आइए देखते हैं धामी कैबिनेट ने क्या फैसले लिए हैं।

-चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी में स्थित आईटीबीपी की बटालियनें, मांस के लिए, स्थानीय पशुपालकों से भेड़, बकरी, कुकुट और मछली खरीदेंगी। यह खरीद सहकारी संघों के माध्यम से की जाएगी, किसानों को तत्काल मूल्य उपलब्ध कराने के लिए कैबिनेट द्वारा पांच करोड़ रुपए के रिवाल्विंग फंड की मंजूरी।

-उत्तराखण्ड मानव वन्यजीव संघर्ष राहत वितरण निधि नियमावली में संशोधन, इसके तहत अब आयुष्मान कार्ड से इलाज के साथ ही आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी पालतू जानवरों के मारे जाने की स्थिति में वन रक्षक और ग्राम प्रधान के प्रमाणपत्र के आधार पर पशुपालक को मुआवजा मिल सकेगा। उत्तराखंड मानव वन्य जीव संघर्ष निवारण निधि संचालन नियमावली के संचालन को मंजूरी।

-सिविल न्यायालय विकासनगर के पास पछुवादून बार एसोसिएशन को 358 वर्ग मीटर भूमि 30 साल की लीज पर दिये जाने का निर्णय।

-चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विभाग टैक्नीशियन संवर्ग सेवा संशोधन नियमावली 2024 को दी गई मंजूरी, सीएसएसडी के पदों के लिए अब पैरामैडिकल काउंसिल में पंजीकृत संस्थानों से ओटी में डिग्री या डिप्लोमा, या सीएसएसडी में डिग्री या डिप्लोमा को भी मंजूरी प्रदान की गई।

-खाद्य संरक्षा औषधि प्रशासन विभाग में उप औषधि नियंत्रक के पद की स्वीकृति का निर्णय।

-उत्तराखण्ड सामान्य भविष्य निधि नियमावली 2006 में संशोधन, अब सालाना अधिकतम पांच लाख रुपए तक ही जीपीएफ में जमा करने की अनुमति दिये जाने का निर्णय।

मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शेवेनिंग छात्रवृत्ति को मंजूरी

-निदेशालय लेखा परीक्षा (ऑडिट), के अंतर्गत अधीनस्थ लेखा परीक्षा सेवा संवर्ग संविलियन (संशोधन) नियमावली, 2024 को मंजूरी।

-कौशल विकास विभाग के अधीन स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत संचालित, विदेश रोजगार प्रकोष्ठ, में प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं के लिए रहने और भोजन की व्यवस्था विभाग द्वारा किये जाने का निर्णय।

-मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शेवेनिंग छात्रवृत्ति को मंजूरी, प्रदेश के पांच मेधावी छात्र छात्राओं को मिलेगा ब्रिटेन में पढ़ने का मौका।

-हरिद्वार के सिडकुल में हैलीपोर्ट निर्माण की मंजूरी, भूमि चयन के लिए कैबिनेट ने मुख्यमंत्री को किया अधिकृत।

-उत्तराखण्ड सोसायटी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्वेस्टमेंट स्टॉर्टअप एंड एंटरप्रन्योरशिप (यूके स्पाइस) में 17 पदों की मंजूरी।

-उच्चत्तर न्यायिक सेवा नियमावली 2004 में संशोधन, भर्ती के लिए पाठ्यक्रम का प्रस्ताव हाईकोर्ट द्वारा दिया जाएगा, जिसे राज्य सरकार द्वारा मंजूर किये जाने का निर्णय।

-उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग की वित्तीय वर्ष 2022- 23 वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में पेश करने को मंजूरी मिली।

-उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के केंद्रीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा -181 के अंतर्गत अधिसूचित किए गए विनियमों को अधिनियम की धारा 182 के अंतर्गत विधानसभा पटल पर प्रस्तुत किए जाने की मंजूरी।

  • पशु सेवा केंद्र चौड़ा मेहता, पाटी, चम्पावत को को पशु चिकित्सालय में उच्चीकृत करने की मंजूरी, चार पद सृजित किए जाने का निर्णय।
  • अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र, शौर्य चक्र प्राप्त भारतीय सैनिकों और उनकी वीरागनाओं को रोडवेज की बस में निशुल्क यात्रा के लिए बजट अब सीधे परिवहन विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा।

-वित्त विभाग में वरिष्ठ व्यैक्तिक अधिकारी की सेवा नियमावली को मिली मंजूरी।

-जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन के सुचारू संचालन के लिए राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की शीर्ष समिति के पुनर्गठन को मंजूरी।

-उत्तराखण्ड स्टेट सीड्स एवं ऑगेर्निक प्रोडक्शन सर्टिफिकेशन एजेंसी में संयुक्त निदेशक का पद स्वीकृत किये जाने का निर्णय।

-उत्तराखण्ड उत्तर प्रदेश नगर पालिका, अकेंद्रीयित सेवानिवृत्ति लाभ नियमावली 1994 संशोधन विनियमावली 2024 के प्रख्यापन को मंजूरी, नगर निकायों में 2007 से पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दस साल से कम अवधि के बावजूद पेंशन का लाभ दिये जाने का निर्णय।

-उत्तराखण्ड नगर निकाय एवं प्राधिकरणों हेतु विशेष प्राविधान संशोधन अध्यादेश 2024 के प्रख्यापन को मंजूरी, पूर्व की समयावधि को छह की जगह नौ वर्ष किया गया।

-कृषि और कृषि संबंधित कार्यों और राजकीय पेयजल वयवस्था को छोड़कर, भूजल की निकासी और स्प्रिंग्स जल पर एक दिसंबर 2024 से अलग अलग दरों पर शुल्क लिये जाने का निर्णय।

-पॉलिटेक्निक संस्थानों में पुस्तकालयाध्क्ष भर्ती में अब स्नातक के साथ ही डिप्लोमाधारी युवाओं के साथ ही बैचलर इन लायब्रेरी साइंस, बैचलर इन लायब्रेरी एंड इंफोरमेंशन साइंस के साथ ही एमलिब को भी सम्मिलित किये जाने का निर्णय।

-अन्त्योदय राशन कार्ड धारकों के लिए मुख्यमंत्री निशुल्क गैस रिफिल योजना 2027 तक बनाये रखने का निर्णय।

-प्रकाष्ठ प्रजातियों की रायल्टी में संशोधन के लिए आईआईएम काशीपुर के जरिए अध्ययन किये जाने का निर्णय।

‘मेरी पत्नी का लिंग परीक्षण कराओ’, शख्स ने लगाई कोर्ट से गुहार, बोला, धोखा हुआ है

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दिल्ली हाईकोर्ट में एक ऐसी अर्जी दाखिल हुई है जिसमें एक व्यक्ति ने कोर्ट से अपनी पत्नी की लिंग जांच कराने का आदेश दिए जाने की गुहार लगाई है. दरअसल, शख्स का कहना है कि उसे लग रहा है कि उसकी शादी धोखे से ट्रांसजेंडर युवती से करा दी गई है. ऐसे में वह कभी भी न तो बच्चा पैदा कर सकेगा और न ही अपने परिवार को बढ़ा पाएगा.

शादी से पहले छिपाई बात

शख्स ने याचिका दायर कर अपनी पत्नी का लिंग परीक्षण कराने के लिए केन्द्र सरकार के किसी अस्पताल में उसकी चिकित्सा जांच कराने का अनुरोध किया है. उसका दावा है कि शादी से पहले उससे ये बात छुपाई गई कि उसकी होने वाली पत्नी एक ट्रांसजेंडर है. इस छल कपट से उसे मानसिक सदमा लगा है.ऐसे में उसकी शादी अधूरी और इललीगल है.

पत्नी ने लगाए घरेलू हिंसा के आरोप

शख्स के वकील अभिषेक कुमार चौधरी और जितेन्द्र कुमार तिवारी ने दलील दी कि जानकारी छिपाए जाने के चलते ही युवक के खिलाफ कई झूठी कानूनी कार्रवाई हुई हैं. इनमें घरेलू हिंसा और दहेज कानून के तहत भी आरोप लगाए गए हैं. याचिका में जीवन और सम्मान के मौलिक अधिकारों के बीच बैलेंस बनाने के महत्व को हाईलाइट किया गया है.संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए इस बात पर जोर दिया गया है कि विवाह में दोनों पक्ष निष्पक्षता और पारदर्शिता के हकदार हैं.

‘भरण पोषण के लिए योग्य नहीं’

याचिका में कहा गया है कि यूं तो जेंडर की पहचान बहुत निजी मामला है लेकिन शादी के मामले में यह पति-पत्नी दोनों के अधिकारों को अफेक्ट करता है. पति ने तर्क दिया कि उसकी पत्नी को भरण-पोषण, या महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से बनाए गए कानूनों के तहत आरोप लगाने का अधिकार नहीं है क्योंकि वह इन कानूनों के तहत ‘महिला’ के रूप में योग्य ही नहीं है.

जज साहब, मेडिकल जांच कराओ

याचिका में कहा गया है, ‘शख्स अपनी पत्नी की मेडिकल जांच का खर्च वहन करने के लिए तैयार है और अगर जरूरत पड़ी तो वह खुद की भी मेडिकल जांच कराने को तैयार है.युवक ने पहले ट्रायल कोर्ट में याचिका दायर कर अपनी पत्नी के लिंग की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने की मांग की थी.हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी.अब, वह हाईकोर्ट से इस मामले में दखल देने की गुहार लगा रहे हैं.उनका कहना है कि जांच के उनके अधिकार से समझौता किया जा रहा है.लेकिन न्याय के लिए ये मेडिकल जांच जरूरी है.

PVC Adhar Card कैसे बनवाएं ? यहां जानिए ये आसान प्रॉसेस

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आधार कार्ड की जरूरत आजकल कई जगहों पर पड़ती है। ऐसे में लोग आधार कार्ड को हमेशा अपनी जेब में रखना चाहते हैं। लेकिन पेपर आधार कार्ड (paper adhar card) होने की वजह से कई बार ये कार्ड फट जाते हैं। आइए जानते हैं कि कैसे आप इस पेपर आधार कार्ड को पीवीसी आधार कार्ड (pvc adhar card) में बदल सकते हैं। आपको ये भी बताते हैं कि आप घर बैठे कैसे पीवीसी आधार कार्ड ऑनलाइन (pvc adhar card online) मंगा सकते हैं।

PVC Aadhaar Card कैसे बनवाएं ?


1. UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट https://uidai.gov.in पर जाएं।

2. इसके बाद My Aadhaar सेक्शन पर टैप करें, जहां आपोक Order Aadhaar PVC Card ऑप्शन पर टैप करें।

3. इसके बाद आधार नंबर और कैप्चा दर्ज करें और Send OTP ऑप्शन पर टैप करें।

4. इसके बाद आपको ओटीपी दर्ज करना होगा। फिर आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP जाएगा, जिसे वेरिफाई करना होगा।

5. फिर आधार कार्ड की डिजिटल कॉपी दिखेगी। इसके बाद डिटेल वेरीफाई करनी होगी।

6. इसके बाद Place Order बटन पर क्लिक करना होगा।इसके बाद 50 रुपये का पेमेंट करना होगा।

7. फिर डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या UPI से पेमेंट करना होगा।

इसके बाद PVC Aadhaar Card स्पीड को घर तक भेज पाएंगे।कार्ड 15 दिनों में स्पीड पोस्ट के जरिए आपके घर तक पहुंच जाएगा।


कैसे डाउनलोड करें ई-आधार कार्ड


ई-आधार डाउनलोड करने के लिए मोबाइल नंबर से वेरिफिकेशन करना होगा। इसके लिए आपको रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। आधार यूजर्स को यूआईडीएआई के MyAadhaar पोर्टल https://myaadhaar.uidai.gov.in/genricDownloadAadhaar/hi पर जाना होगा। इसके बाद mAadhaar ऐप का उपयोग करके ई-आधार डाउनलोड कर सकते हैं।

पीवीसी आधार कार्ड के फायदे


पीवीसी आधार कार्ड सुरक्षा की नजर से काफी अहम होते हैं। इसके आसानी से डेबिट और क्रेडिट कार्ड की तरह रख सकते हैं। इसे बनवाने के मामूली खर्च मात्र 50 रुपये खर्च करने होंगे। इसका ऑनलाइन प्रॉसेस बेहत आसान है।