उत्तराखंड में सरकार ने कई अधिकारियों के तबादले किए हैं। राज्य के कई IAS और PCS अफसरों के कामकाज में सरकार ने बदलाव किया है। आईएएस अफसरों के साथ ही सरकार ने कई पीसीएस अफसरों का भी तबादला कर दिया है।
उत्तराखंड में सरकार ने कई अधिकारियों के तबादले किए हैं। राज्य के कई IAS और PCS अफसरों के कामकाज में सरकार ने बदलाव किया है। आईएएस अफसरों के साथ ही सरकार ने कई पीसीएस अफसरों का भी तबादला कर दिया है।
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने उच्च शिक्षा ग्रहण करने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक बड़ी योजना शुरू की है. इस योजना के शुरू होने से छात्रों को खासी मदद मिलने की उम्मीद है. आइए आज आपको बताते हैं कि पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के नाम से शुरू हुई इस योजना के क्या लाभ हैं और इसका फायदा कौन उठा सकता है.
प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना (PM Vidya Lakshmi education loan yojana ) के अंतर्गत कोई भी छात्र जो क्वालिटी हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन में प्रवेश लेता है, वह छात्र शिक्षा हासिल करने के लिए लगने वाले पूरे खर्च के लिए बैंक या अन्य वित्तीय संस्थानों से बिना लोन या जमानत के लोन प्राप्त कर पाएंगे.
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना को मंजूरी दी है. जिसे शुरू करने का उद्देश्य मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है. ताकि कोई भी विद्यार्थी पैसे नहीं होने के कारण उच्च शिक्षा हासिल करने से वंचित नहीं रह पाए.
प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के अंतर्गत कोई भी छात्र जो क्वालिटी हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन में प्रवेश लेता है. वह छात्र शिक्षा हासिल करने के लिए लगने वाले पूरे खर्च के लिए बैंक या अन्य वित्तीय संस्थानों से बिना लोन या जमानत के लोन प्राप्त कर पाएंगे.
वित्तीय सहायता हासिल करने के लिए छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. छात्रों के लिए इसके सिस्टम को बहुत ही आसान और ट्रांसपेरेंट बनाया गया है. जिसका डिजिटली ऑपरेट किया जा सकेगा.
इस योजना के अंतर्गत छात्र 10 लाख रुपये के लोन पाने के हकदार होंगे. जिसमें से छात्र 7.5 लाख रुपये तक का लोन यानी 75 फीसदी अमाउंट के डिफॉल्ट की क्रेडिट गारंटी पाने के भी हकदार होंगे. यानी यदि छात्र लोन की 75 फीसदी अमाउंट का भुगतान किया जाएगा.
ऐसे छात्र जिनके परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपये से कम है या ऐसे छात्र जो अन्य किसी छात्रवृत्ति योजना के लिए पात्र नहीं हैं, उन छात्रों को मॉरेटोरियम पीरियड में दस लाख रुपये तक के लोन पर तीन प्रतिशत ब्याज की भी छूट दी जाएगी.
इस योजना के अंतर्गत ब्याज छूट का लाभ हर साल लगभग एक लाख छात्रों को देने का प्लान बनाया गया है. इनके लिए ऐसे छात्रों को प्राथमिकता मिलेगी जो सरकारी संस्थानों से टेक्निकल/प्रोफेशनल कोर्स कर रहे हैं.
सरकार ने इस योजना के लिए बजट बनाया है कि वे वित्त वर्ष 2024-25 से 2030-31 तक 3600 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे. इस अवधि में कम से कम सात लाख नए छात्रों को वित्तीय सहायता दी जाएगी.
आपके लिए उपयोग लिंक – https://www.vidyalakshmi.co.in/Students/index
केंद्र की मोदी सरकार ने PAN 2.O (Pan Card 2.0) प्रोजेक्ट लॉन्च कर दिया है. इस प्रोजेक्ट के तहत अब लोगों को क्यूआर कोड वाले पैन कार्ड दिए जाएंगे. इस प्रोजेक्ट के लॉन्च होने के बाद लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं जैसे पुराने पैन कार्ड का क्या होगा ? नया पैन कार्ड कैसे मिलेगा या कैसे आवेदन करना होगा ?
सरकार ने PAN 2.O प्रोजेक्ट लॉन्च कर दिया है. इस प्रोजेक्ट के तहत अब लोगों को क्यूआर कोड वाले पैन कार्ड दिए जाएंगे, जिससे नकली पैन कार्ड की पहचान हो सके. इस प्रोजेक्ट के लॉन्च होने के बाद लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं जैसे पुराने पैन कार्ड का क्या होगा, नया पैन कार्ड कैसे मिलेगा या कैसे आवेदन करना होगा. आज हम आपको PAN 2.O से जुड़ी हुई सभी बातों के बारें में बताएंगे.
इस नए प्रोजेक्ट के तहत अब नागरिकों को नया पैन कार्ड दिया जाएगा, जिसमें एक क्यूआर कोड होगा. इस नए पैन कार्ड से टैक्सपेयर्स रजिस्ट्रेशन सर्विसेज को मॉडिफाई किया जाएगा. साथ में PAN/TAN 1.0 इको-सिस्टम को अपग्रेड भी किया जाएगा. इसके अलावा नए पैन कार्ड से आईटीआर फाइल करने में भी आसानी होगी. अपने नए पैन कार्ड के लिए आपको कोई शुल्क नहीं देना होगा. आधार कार्ड की तरह ही आप अपने पैन को ई-मेल आईडी पर मंगवा सकते हैं. फिजिकल कॉपी मंगवाने के लिए आपको 50 रुपये का शुल्क देना होगा.

नए पैन कार्ड के लिए आप इनकम टैक्स विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जा सकते हैं. आप चाहे तो ऑनलाइन अपनी कुछ डिटेल्स अपडेट भी कर सकते हैं जैसे इमेल आईडी, मोबाइल नंबर, पता, नाम या जन्मतिथि आदि. इसके लिए आपको कोई खर्च नहीं देना होगा.
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उत्तराखंड में पुलिस अधिकारियों के तबादलों की लिस्ट आ गई है। हाल ही में राज्य के नए डीजीपी दीपम सेठ ने ज्वाइन किया है। इसके बाद से ही माना जा रहा था कि राज्य में पुलिस अधिकारियों के तबादले होंगे फिलहाल सरकार ने इन तबादलों की स्वृकित दे दी है।
उत्तराखंड में आईपीएएस अफसरों के भी तबादले हुए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ (Uttarakhand DGP Deepam Seth) ने शिष्टाचार भेंट की।
मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था के साथ ही पुलिस को स्मार्ट पुलिसिंग की ओर ले जाना है। उन्होंने कहा पुलिस के सशक्तिकरण के साथ उन्हें एडवांस टेक्नोलॉजी के माध्यम से भी जोड़ना है।
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प ड्रग्स फ्री उत्तराखंड बनाना है, जिसमें पुलिस की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा समाज में नशे के खिलाफ तेजी से अभियान चलाना है। और ड्रग्स माफिया और तस्करों को जेल में डालना है। यातायात सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना है।
दिल्ली दौरे से लौटे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून में यमुना कॉलोनी चौक में काफिला रुकवाकर पुराने परिचित दुकानदारों एंव आम जन से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए मुख्यमंत्री दुकानों में खरीदारी करने पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने उपकर पान भंडार में ‘ राजेश कुमार ‘ राजू भैया’ से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री को अपने बीच में पाकर राजेश कुमार भावुक नज़र आए। मुख्यमंत्री ने अन्य लोगों से भी मुलाकात कर उनके हाल चाल जाना एवं सरकार की विभिन्न योजनाओं का फीडबैक भी लिया।
उत्तराखंड की रोडवेज बसों की दिल्ली में इंट्री रोके जाने के बाद लोगों को हो रही असुविधा को देखते हुए शासन ने बड़ी पहल की है। राज्य की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस संबंध में एक विशेष बैठक बुला कर अधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली रूट पर रोडवेज बसों की किल्लत के बीच मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मंगलवार को आपात बैठक बुलाई। उन्होंने सचिव परिवहन को निर्देश दिए कि 175 नई बस खरीद के प्रस्ताव पर तत्काल वार्ता करें। उन्होंने दिल्ली रूट पर बस संचालन के लिए शॉर्ट टर्म एक्शन प्लान बनाने के निर्देश भी दिए।
मंगलवार को सचिवालय में हुई बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिव परिवहन को सचिव परिवहन को 175 बसों के खरीद के प्रस्ताव के निर्णय पर उचित स्तर पर आज ही वार्ता के निर्देश दिए। इसके साथ ही कहा, जिन 100 सीएनजी बसों की खरीद की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं और 30 बसें प्राप्त हो चुकी हैं, उनका संचालन शीघ्र शुरू किया जाए।
आमजन की असुविधा के तत्काल समाधान को लेकर मुख्य सचिव रतूड़ी ने परिवहन निगम को तत्काल शॉर्ट टर्म एक्शन प्लान पर कार्य करते हुए दिल्ली के लिए रोडवेज बसों के फेरे बढ़ाने, विशेषकर वीकेंड पर बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए यूपी से भी समन्वय के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को निगम की बसों का संचालन गाजियाबाद में मोहन नगर के साथ ही कौशांबी तक करने के लिए उत्तर प्रदेश से बात करने को भी कहा। बैठक में परिवहन निगम ने जानकारी दी कि दिल्ली में प्रदूषण के कारण पुराने मॉडल की डीजल बसों पर लगी रोक से पहले रोडवेज की दिल्ली रूट पर 504 सेवाएं प्रतिदिन संचालित होती थीं।
आखिरकार उत्तराखंड के आंदोलनकारी विधायक विनोद चमोली की नाराजगी रंग ले आई है। सरकार ने जन प्रतिनिधियों को प्रदान किए जाने वाले प्रोटोकॉल के संबंध में एक एसओपी बनाने के निर्देश अधिकारियों को दे दिए हैं। इस संबंध में विनोद चमोली ने भी पत्र लिखा था।
शुक्रवार को धर्मपुर से विधायक विनोद चमोली अपनी नाराजगी लेकर सीएम धामी से मिलने पहुंच गए। विनोद चमोली ने सरकारी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की गरिमा के अनुकूल आमंत्रित करने, उनके प्रतिभाग करने के साथ ही बैठने के क्रम की व्यवस्था सहित प्रोटोकॉल के संबंध में एसओपी जारी किए जाने के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया। इसके बाद सीएम धामी ने तुरंत ही जन प्रतिनिधियों को प्रदान किए जाने वाले प्रोटोकॉल के संबंध में एसओपी जारी करने के लिए मुख्य सचिव को निर्देशित कर दिया गया।
आपको बता दें कि राज्य स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में उचित स्थान न मिलने से नाराज विधायक विनोद चमोली ने कार्यक्रम बीच में ही छोड़ दिया था और बाहर आ गए थे। विनोद चमोली ने इस संबंध में शासन को पत्र भी लिखा था।
देहरादून में हुए एक भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की मौत हो गई है जबकि एक युवक घायल है। हादसे की वजह तेज रफ्तार कार का कंटेनर ट्रक से टकराना रहा। हादसा इतना भीषण था कि कार सवार युवक और युवतियों के शरीर के कुछ हिस्से शरीर से अलग हो गए।
देहरादून के कैंट थाना इलाके के ओएनजीसी चौक पर सोमवार देर रात एक तेज रफ्तार इनोवा कार वहां से गुजर रहे एक कंटेनर ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गया। कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि वो इस टक्कर के बाद कई बार पलटते हुए चौक की दूसरी ओर सड़क के दूसरे हिस्से में जाकर एक पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार के परखच्चे उड़ गए।
देहरादून में हुआ हादसा (Dehradun Accident) इतना खतरनाक था कि कार में सवाल युवक युवतियों के शव बुरी तरफ फंस गए। कुछ के शव गाड़ी से बाहर आ गए थे। एक युवती की गर्दन ही शरीर से अलग हो गई थी। कुछ शव कार में बुरी तरह फंसे हुए थे। इन्हे निकालने में पुलिस कर्मियों का खासी मेहनत करनी पड़ी। किसी तरह पुलिस ने इन शवों को कार से बाहर निकाल कर मोर्चरी में भिजवाया। जबकि इस हादसे में एक घायल एक युवक को अस्पताल में एडमिट कराया गया है।
जिस इनोवा कार का एक्सिडेंट हुआ वो महंगी गाड़ियों में शामिल है। इसके साथ ही कार में सेफ्टी फीचर्स भी हैं। कार में छह एअरबैग भी थे। हादसे के वक्त ये एअर बैग खुले भी लेकिन इसके बावजूद कार सवार लोगों की जान नहीं बच पाई। बताया जा रहा है कि कार की स्पीड अधिक होने की वजह से वो कई गोते खाकर सड़क की दूसरी तरफ चली गई। इसकी वजह से कार के एअर बैग भी फट गए।
1-कुणाल कुकरेजा (23) S/O जसवीर कुकरेजा निवासी राजेंद्र नगर देहरादून, मूलनिवासी चंबा हिमाचल प्रदेश (मृत)
2-गुनीत (19) D/o तेज प्रकाश सिंह साई लोक जीएमएस रोड देहरादून
3-नव्या गोयल (23) पुत्री पल्लव गोयल निवासी 11 आनंद चौक तिलक रोड
4-अतुल अग्रवाल (24) पुत्र सुनील अग्रवाल निवासी कालिदास रोड
5-कामाक्षी (20) पुत्री तुषार सिंघल निवासी कावली रोड देहरादून
6-ऋषभ जैन (24) S/O ऑफ तरुण जैन निवासी राजपुर रोड
उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने उत्तराखंड सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। सूर्यकांत धस्माना ने कहा है कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुंच गया है और भ्रष्टाचारी अधिकारियों को भाजपा सरकार का पूरा संरक्षण है इसीलिए राज्य की भाजपा सरकार लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं कर रही है।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के एम डी अनिल यादव को दूसरी बार सेवा विस्तार देना राज्य में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा को दर्शाता है। धस्माना ने कहा कि जिस अधिकारी के ऊपर आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच रिपोर्ट लंबित हो उसे दूसरी बार सेवा विस्तार दे देना वह भी दो वर्ष के लिए अपने आप में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य की भाजपा सरकार के लिए भ्रष्टाचार कोई बड़ा मुद्दा नहीं है और इसीलिए सरकार किसी ना किसी बहाने राज्य में लोकायुक्त की नियुक्ति को लगातार टालती आ रही है।
धस्माना ने कहा कि राज्य में ऊर्जा विभाग के मंत्री स्वयं मुख्य मंत्री हैं और उनकी बिना सहमति व अनुमति के यूपीसीएल जैसे महत्वपूर्ण विभाग के एमडी का सेवा विस्तार संभव नहीं है । ऐसे में सरकार को यह भी जनता को बताना चाहिए कि अनिल यादव ने अपने एमडी के कार्यकाल में ऐसा कौन सा उपलब्धि वाला या जनता को राहत देने वाला कम किया है जो उनको बार बार सेवा विस्तार का इनाम दिया जा रहा है।
सूर्यकांत धस्माना ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से दो सवाल पूछे हैं – पहला ये कि राज्य में लोकायुक्त कब नियुक्त होगा और दूसरा अनिल यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच सार्वजनिक कब होगी और बिना उस जांच के नतीजे के अनिल यादव को दो साल का सेवा विस्तार किस आधार पर दिया गया।
सूर्यकांत धस्माना से जब यह सवाल किया गया कि राज्य सचिवालय में ऊर्जा सचिव से बेरोजगार संघ के अध्यक्ष के साथ विवाद में कांग्रेस का क्या स्टैंड है तो उन्होंने कहा कि, इस संबंध में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी पक्ष दोषी हो उसके खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए किंतु कांग्रेस किसी के विरुद्ध भी एक तरफा कार्यवाही के पक्ष में नहीं है दोनों पक्षों की शिकायत की जांच होनी चाहिए और तत्पश्चात कार्यवाही हो।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात मर्यादा में रहते हुए कहने का अधिकार है।