World Cancer Day : ‘Be the Lala’ से फैलेगी जागरुकता, कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन की नई पहल

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देहरादून। विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन ने महिलाओं में स्तन कैंसर की रोकथाम और शुरुआती पहचान के महत्व को उजागर करने के लिए “बी द लाला” नामक एक एनिमेटेड जागरुकता फिल्म लॉन्च की है। यह फिल्म एक रचनात्मक और प्रभावी तरीके से स्तन कैंसर के प्रति जागरुकता बढ़ाने का प्रयास है।

देर से चलता है पता, बढ़ता है खतरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और ग्लोबोकैन 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 2 लाख से अधिक नए स्तन कैंसर के मामले सामने आते हैं, जिनमें से अधिकांश का पता देर से चलता है। इस वजह से इलाज प्रभावी नहीं हो पता है, जिससे मृत्यु दर बढ़ती जा रही है।

नियमित जांच है जरूरी

फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ. सुमिता प्रभाकर के अनुसार, स्तन कैंसर से जुड़ी जागरुकता की कमी, नियमित जांच न कराना और शुरुआती लक्षणों की अनदेखी इसके बढ़ते मामलों के मुख्य कारण हैं। यदि महिलाएं नियमित रूप से स्वयं स्तन परीक्षण (Breast Self-Examination) करें और किसी भी असामान्य बदलाव पर चिकित्सकीय सलाह लें, तो इस बीमारी का इलाज जल्दी और प्रभावी रूप से किया जा सकता है।

“बी द लाला” – जागरूकता बढ़ाने की अनूठी पहल

“बी द लाला” नामक एनिमेटेड फिल्म यूट्यूब पर उपलब्ध है। यह फिल्म सरल, रोचक और प्रभावशाली तरीके से महिलाओं को स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षण पहचानने और समय पर जांच कराने के लिए प्रेरित करती है।

इस फिल्म की कहानी “लाला” नामक एक छोटी मधुमक्खी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने आसपास के बदलावों को बारीकी से देखती और समझती है। यह रूपक महिलाओं को अपने शरीर में होने वाले छोटे-छोटे परिवर्तनों पर ध्यान देने का संदेश देता है ताकि वे स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को शुरुआती चरण में पहचान सकें।

फिल्म का उद्देश्य स्तन कैंसर से जुड़े मिथकों को दूर करना, महिलाओं को स्वयं स्तन परिक्षण की आदत डालना और उन्हें शीघ्र चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए प्रेरित करना है।

स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षण जिन पर ध्यान देना ज़रूरी (Early symptoms of Breast Cancer)

  • स्तन या बगल में गांठ का महसूस होना
  • त्वचा में गड्ढे पड़ना या खिंचाव आना
  • निप्पल से असामान्य स्त्राव या रंग बदलना
  • स्तनों के आकार या बनावट में असामान्य बदलाव
  • स्तन की सभी गाँठ कैंसर नहीं होती परन्तु इन्हे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए और तुरंत चिकित्सीय परामर्श लेना चाहिए।

कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. सुमिता प्रभाकर ने कहा, “स्तन कैंसर को लेकर महिलाओं में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। ‘बी द लाला’ फिल्म के माध्यम से हमने यह संदेश देने की कोशिश की है कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और नियमित रूप से स्तन परीक्षण करें। जागरूकता और समय पर जांच से कई महिलाओं की जान बचाई जा सकती है।”

कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए निःशुल्क स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर जांच शिविरों, स्क्रीनिंग अभियानों और जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन करता आ रहा है।
इस विश्व कैंसर दिवस पर, कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन सभी महिलाओं से अपील करता है कि वे अपना ध्यान रखें, नियमित जांच कराएं और स्तन कैंसर को रोकने के लिए एक जागरूक कदम उठाएं।

📺 फिल्म देखने के लिए यूट्यूब पर सर्च करें: ‘Be the Lala’
यहां देखें फिल्म –

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