सीआरपी – बीआरपी की भर्ती में देरी से नाराज हुए मंत्री धन सिंह रावत, अधिकारियों को फटकार

Alka Tiwari
3 Min Read
Dhan_Singh_Rawat_ धन सिंह रावत

समग्र शिक्षा के अंतर्गत लम्बे समय से लटकी सीआरपी-बीआरपी भर्ती पर विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाते हुये भर्ती प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग से समन्वय स्थापित कर प्रयाग पोर्टल में आ रही व्यवहारिक दिक्कतों का शीघ्र निस्तारण करायें ताकि शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सके।

नियुक्ति में देरी से नाराज हुए मंत्री

विद्यालयी शिक्षा विभाग में शैक्षणिक गतिविधियों के सुधार के लिये समग्र शिक्षा के तहत ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (बीआरपी) के कुल 285 पदों तथा संकुल स्तर पर संकुल रिसोर्स पर्सन (सीआरपी) के 670 रिक्त पदों पर कार्मिकों की तैनाती न होने पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को आड़े हाथ लिया। उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही लेटलतीफी पर कड़ी नाराजगी जताते हुये लम्बित प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। उन्होंने विगत सोमवार को सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक का हवाला देते हुये बताया कि प्रयाग पोर्टल के माध्मय से सीआरपी-बीआरपी के कुल 955 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि प्रयाग पोर्टल की आ रही व्यवहारिक दिक्कतों को लेकर स्वयं कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग संबंधित शासनादेश में आंशिक संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में प्रस्तुत करेगा ताकि पोर्टल के माध्यम से होने वाली सभी आउटसोर्स भर्ती में आ रही व्यवहारिक अड़चनों को दूर किया जा सके।

टीचर्स को मिलेगी राहत, बेहतर होगी शिक्षा

डॉ. रावत ने बताया कि प्रायग पोर्टल पर प्रदेश के हजारों छात्र-छात्राओं ने सीआरपी-बीआरपी के लिये अपना पंजीकरण कराया है, पोर्टल की विसंगतियां दूर होते ही एक माह के भीतर सीआरपी-बीआरपी के रिक्त पदों के सापेक्ष चयनित आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से युवाओं को मेरिट के आधार पर तैनाती दी जायेगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को इसके लिये अन्य सभी तैयारियां पुख्ता रखने के निर्देश दे दिये हैं। डा. रावत ने बताया कि बीआरपी-सीआरपी की नियुक्ति से विद्यालयों में अनुश्रवण कार्यों में तेजी आयेगी साथ ही बीआरपी-सीआरपी की जिम्मेदारी से सैकड़ों शिक्षकों को भी मुक्त किया जा सकेगा, जिससे विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार के साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि होगी।

Share This Article
Follow:
अलका तिवारी पिछले तकरीबन बीस वर्षों से पत्रकारिता से जुड़ी हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ ही अलका तिवारी प्रिंट मीडिया में भी लंबा अनुभव रखती हैं। बदलते दौर में अलका अब डिजिटल मीडिया के साथ हैं और खबरदेवभूमि.कॉम में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।
1 Comment