धामी कैबिनेट विस्तार। इस चेहरे ने चौंकाया तो कुछ की बहुप्रतिक्षित इंट्री, क्या 2027 की राह होगी आसान ?

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dhami cabinet धामी कैबिनेट

उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट का बहुप्रतिक्षित विस्तार आखिरकार हो गया है। धामी कैबिनेट में पांच विधायकों को शामिल किया गया है। इनमें से दो विधायक पहले भी कैबिनेट मंत्री का पद संभाल चुके हैं।

इन विधायकों को मिला मंत्री पद

धामी कैबिनेट में पांच विधायकों को मंत्री पद दिया गया है। ये इस तरह हैं –

खजान दास — देहरादून की राजपुर सीट से दो बार विधायक, संगठन और सरकार दोनों का अनुभव रखते हैं। पहले भी कैबिनेट मंत्री पद संभाल चुके हैं।

प्रदीप बत्रा — रुड़की से तीन बार के विधायक, पहले कांग्रेस में रह चुके, बाद में बीजेपी में शामिल हुए।

मदन कौशिक — हरिद्वार से पांच बार विधायक, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी का बड़ा ब्राह्मण चेहरा। त्रिवेंद्र गुट का अहम हिस्सा माने जाते रहे हैं। त्रिवेंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं।

राम सिंह कैड़ा — भीमताल से विधायक, पहले निर्दलीय और कांग्रेस पृष्ठभूमि से जुड़े रहे लेकिन बाद में बीजेपी से करीबियां बढ़ीं। अब कैबिनेट में शामिल।

भरत चौधरी — रुद्रप्रयाग से विधायक, चार दशक का राजनीतिक अनुभव। लंबे समय से संगठन में सक्रिय।

संतुलन साधने की कोशिश

उत्तराखंड में धामी कैबिनेट विस्तार में सरकार और संगठन ने कई तरह से तालमेल बनाने की कोशिश की है। दो प्रमुख चुनौतियां थीं, क्षेत्रीय और जातीय समीकरण को साधना लेकिन पिछले कुछ दिनों में पार्टी में बदले माहौल में पार्टी के अलग – अलग गुटों में तालमेल साधना भी सरकार और संगठन के लिए अहम हो गया था।

मुख्यमंत्री ने मदन कौशिश और प्रदीप बत्रा को शामिल करके साफ किया है कि पार्टी में सभी को बराबर मौका दिया जाएगा।

बड़ा सवाल, 2027 में क्या होगा ?

चुनाव के तकरीबन एक साल पहले कैबिनेट विस्तार करके धामी सरकार ने हैरानी में डाला है इसके साथ ही विधानसभा चुनावों के लिए भी साफ इशारा किया है। दरअसल धामी कैबिनेट का विस्तार काफी समय से टल रहा था। अब जब चुनावों में सिर्फ एक साल का वक्त बचा है तो धामी सरकार ने कैबिनेट विस्तार करके 2027 के चुनावों में वापसी का सपना भी देखेगी। धामी कैबिनेट विस्तार से बने चुनावी समीकरण अब 2027 के चुनावी समीकरण को भी प्रभावित करेंगे।

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