देहरादून, 9 अक्टूबर। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से आयोजित दो दिवसीय ‘सेब महोत्सव 3.0’ संपन्न हो गया। 8 और 9 अक्टूबर को देहरादून स्थित नाबार्ड परिसर में आयोजित इस महोत्सव में लगभग 2,400 किलोग्राम सेब और 700 किलोग्राम कीवी की बिक्री हुई। इसके अलावा हथकरघा, डेयरी और भौगोलिक संकेतक (GI) टैग वाले उत्पादों को भी बाजार मिला।
महोत्सव का उद्घाटन 8 अक्टूबर को उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने किया था। इसका उद्देश्य किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और जनजातीय विकास निधि परियोजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए मंच उपलब्ध कराना और बाजार से उनका जुड़ाव मजबूत करना था।
किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को मिला विपणन मंच
महोत्सव में किसानों और ग्रामीण उत्पादकों ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए और सीधे ग्राहकों तक पहुंच बनाई। नाबार्ड की इस पहल का उद्देश्य स्थानीय कृषि उपज और ग्रामीण उत्पादों के प्रति उपभोक्ताओं की रुचि बढ़ाने के साथ उत्पादकों को बेहतर विपणन अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम राज्य के विविध उत्पादों और कृषि उपज के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं। साथ ही, किसानों को अपने उत्पादों के विपणन के लिए एक प्रभावी मंच मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के आयोजनों के माध्यम से किसानों को विभिन्न सरकारी विभागों की योजनाओं और सहायता तंत्रों की जानकारी मिलती है, जिससे उनके सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिल सकती है।
नाबार्ड और उत्तराखंड सरकार के बीच MoU पर विचार
महोत्सव के उद्घाटन के बाद मुख्य सचिव, विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और नाबार्ड के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। इसमें विकासात्मक परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए नाबार्ड और उत्तराखंड सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) की संभावनाओं पर विचार करने का सुझाव दिया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि ऐसी साझेदारी से सरकारी विभागों और संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वय मजबूत करने, संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
इस दौरान नाबार्ड के उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य महाप्रबंधक पंकज यादव ने कृषि एवं ग्रामीण विकास, आजीविका संवर्धन, जनजातीय विकास, जलवायु-सहिष्णु कृषि, किसान उत्पादक संगठनों और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नाबार्ड के सहयोग की जानकारी दी।
बैंकिंग और सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
उद्घाटन समारोह में उत्तराखंड सरकार के कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के सचिव एस.एन. पाण्डेय और भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक हर्ष कुमार गौतम विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC), भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, यूको बैंक, केनरा बैंक, जिला सहकारी बैंकों और विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
ग्रामीण उत्पादों की बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर जोर
नाबार्ड के ‘सेब महोत्सव’ के तीसरे संस्करण में आमजन, किसानों और अन्य हितधारकों की भागीदारी देखने को मिली। सेब और कीवी के अलावा हथकरघा, डेयरी तथा GI टैग वाले उत्पादों की बिक्री ने स्थानीय उत्पादकों को अपने सामान की पहचान बढ़ाने का अवसर दिया।
इस आयोजन के जरिए नाबार्ड ने ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, उत्पादकों को बाजार से जोड़ने और कृषि एवं ग्रामीण उत्पादों के विपणन के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया।

