चंपावत/देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को पहली बार देहरादून से बाहर चंपावत जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक हुई। धामी कैबिनेट की मेगा बैठक में कुल 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। पिछले कुछ महीनों में एक साथ इतने फैसले लेने वाली ये पहली कैबिनेट बैठक है।
धामी कैबिनेट के इन फैसलों में युवाओं के लिए कौशल विकास, भूमिधरी अधिकार, पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का विस्तार, सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति से जुड़े नियम, राजकोषीय अनुशासन, वन प्रशासन, स्वास्थ्य सेवाओं और निजी विश्वविद्यालयों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।
यह फैसला-श्रृंखला ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों पर लगातार जोर दे रही है। इससे पहले भी धामी कैबिनेट के कई बड़े फैसले चर्चा में रहे हैं।
1. 1.19 लाख विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना
धामी कैबिनेट ने मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, 2026 को मंजूरी दी है।
इस योजना का लाभ उत्तराखंड के राजकीय और निजी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग 1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा।
योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता और उद्यमिता को बढ़ाना है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
यह फैसला उत्तराखंड के युवाओं के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उच्च शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर सरकार का फोकस दिखाई दे रहा है।
राज्य में युवाओं के लिए पहले से चल रही मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के संदर्भ में भी यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
2. पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तार को मंजूरी
उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में हवाई कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है।
पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए हस्तांतरित परिसंपत्तियों के संबंध में उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को 66.2916 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि जारी करने को मंजूरी दी गई है।
यह राशि कॉरपोरेशन की कार्ययोजना के अनुसार नवनिर्माण और अन्य निर्धारित कार्यों पर खर्च की जाएगी।
पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तार कुमाऊं क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार, निवेश और बेहतर हवाई कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
3. वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि से जुड़े लोगों को राहत
कैबिनेट ने वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों एवं कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार प्रदान करने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इसके अलावा नैनीताल जिले की नगर पंचायत लालकुआं में संबंधित पट्टेदारों एवं कब्जाधारकों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार देने तथा देहरादून जिले के जौनसार-बावर में वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।
संबंधित भूमि का विनियमितीकरण वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर एक वर्ष के लिए बढ़ाया जाएगा। इसके बाद प्रचलित सर्किल रेट के अनुसार व्यवस्था लागू होगी।
भूमि से जुड़े मामलों में लोगों की जानकारी के लिए Khabar Devbhoomi पर उत्तराखंड में जमीन का दाखिल-खारिज कैसे चेक करें की पूरी प्रक्रिया भी पढ़ी जा सकती है।
4. संपत्ति की रजिस्ट्री में PAN Verification होगा
स्टाम्प एवं निबंधन विभाग के तहत संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लेन-देन में अब PAN Verification की व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी गई है।
क्रेता, विक्रेता और अन्य संबंधित पक्षों की ओर से उपलब्ध कराए गए PAN का सत्यापन किया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य गलत या फर्जी PAN के इस्तेमाल को कम करना तथा आयकर विभाग को की जाने वाली रिपोर्टिंग में डेटा की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
5. राजकोषीय घाटे की सीमा GSDP के 3 प्रतिशत तक
राज्य की वित्तीय व्यवस्था को लेकर भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी गई है।
संशोधित व्यवस्था के तहत 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा GSDP के 3 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा GSDP के 30 प्रतिशत रखी गई है।
हालांकि आपदा और सुरक्षा से जुड़ी विशेष परिस्थितियों में निर्धारित सीमा से अधिक घाटे के लिए नियमानुसार छूट का प्रावधान रहेगा।
6. वन विभाग में विभागाध्यक्ष की व्यवस्था बदलेगी
कैबिनेट ने वन विभाग में विभागाध्यक्ष से संबंधित व्यवस्था में संशोधन को मंजूरी दी है।
इसके तहत निदेशक, नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व को विभागाध्यक्ष की सूची से हटाकर मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं, उत्तराखंड, नैनीताल और मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल, उत्तराखंड, पौड़ी को विभागाध्यक्ष घोषित किया जाएगा।
सरकार के अनुसार इससे वनाग्नि, दैवीय आपदा, बाढ़ नियंत्रण और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी तात्कालिक परिस्थितियों में कार्रवाई तेज करने में मदद मिलेगी।
7. राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी
छठवें राज्य वित्त आयोग, उत्तराखंड द्वारा पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के संबंध में प्रस्तुत प्रतिवेदन को आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाने को मंजूरी दी गई है।
आयोग ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए राज्य के शुद्ध कर राजस्व से स्थानीय निकायों को किए जाने वाले अंतरण और वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़ी संस्तुतियां दी हैं।
8. समूह ‘ग’ की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव
राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के पदों पर साक्षात्कार प्रक्रिया से संबंधित संशोधन नियमावली को भी मंजूरी दी गई।
इसके तहत जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को संबंधित परिशिष्ट से हटाया जाएगा।
वहीं उप कारापाल के पद पर शारीरिक दक्षता परीक्षा और लिखित परीक्षा की व्यवस्था होने के कारण साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त की जाएगी।
9. सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति से जुड़े नियम होंगे अपडेट
उत्तराखंड राज्य कर्मचारियों की आचरण संशोधन नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई है।
इसमें कर्मचारियों की चल-अचल एवं बहुमूल्य संपत्ति से संबंधित प्रावधानों को वर्तमान परिस्थितियों और अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमावली के अनुरूप स्पष्ट एवं अद्यतन किया जाएगा।
नियम 15 में मौजूद हिंदी अनुवाद संबंधी त्रुटि का भी समाधान किया जाएगा।
10. सतर्कता अधिष्ठान का ढांचा होगा मजबूत
मंत्रिमंडल ने सतर्कता अधिष्ठान, उत्तराखंड के ढांचे के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी।
इसके तहत कुछ पदों को समर्पित करते हुए मुख्य आरक्षी और अपर उपनिरीक्षक स्तर के नए पदों का सृजन किया जाएगा।
इसका उद्देश्य सतर्कता अधिष्ठान की कार्यक्षमता और प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करना है।
11. सार्वजनिक परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण की आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित एजेंसी को
नियोजन विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास एवं विनियम अधिनियम की अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई है।
संशोधन के तहत सार्वजनिक अभिकरणों की परिसंपत्तियों के विनिवेश या मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
12. 1873 के पुराने नहर कानून की जगह नया विधेयक
उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप सिंचाई और जल निकासी व्यवस्था के लिए नया कानूनी ढांचा तैयार करने की दिशा में कैबिनेट ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
सरकार ने उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम, 1873 को निरस्त करते हुए उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026 को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी दी है।
13. कुक्कुट आहार सब्सिडी अब DBT से
कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी भुगतान की व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
अब सब्सिडी का भुगतान वर्तमान CBDC/e-RUPI व्यवस्था के स्थान पर आधार सीडेड या लिंक्ड बैंक खाते के माध्यम से DBT द्वारा किया जाएगा।
इससे लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते तक पहुंचाने और भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
14. पशुपालन, डेयरी और मत्स्य विभागों के लिए नया महानिदेशक पद
पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभागों में बेहतर समन्वय और प्रभावी प्रशासन के लिए महानिदेशक का नया पद सृजित करने को मंजूरी दी गई है।
इससे केंद्र और राज्य की योजनाओं के बेहतर अभिसरण तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अनुश्रवण में मदद मिलेगी।
15. निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानक बदले
उत्तराखंड में निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने की नीति और मानकों में संशोधन को कैबिनेट ने मंजूरी दी।
संशोधित व्यवस्था के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर और मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र की व्यवस्था होगी।
इसके साथ ही निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के प्रस्तावों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अलग मूल्यांकन मानक निर्धारित किए जाएंगे।
16. नरेंद्रनगर में खुलेगा उप निबंधक कार्यालय
मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में टिहरी गढ़वाल जिले की तहसील नरेंद्रनगर में उप निबंधक कार्यालय स्थापित करने को मंजूरी दी गई है।
इसके क्षेत्राधिकार में तहसील नरेंद्रनगर के 98 और उप तहसील पावकी देवी के 35, यानी कुल 133 राजस्व ग्राम शामिल होंगे।
इससे स्थानीय लोगों को पंजीकरण से संबंधित सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।
17. मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन/मानदेय का पुनर्निर्धारण
उत्तराखंड के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोंस्ट्रेटर की कमी को देखते हुए संबंधित पदों पर तैनात कार्मिकों के देय वेतन और मानदेय के पुनर्निर्धारण को मंजूरी दी गई है।
इस फैसले से मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सकीय मानव संसाधन को बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
18. वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा की नई नियमावली
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा में नियुक्त कार्मिकों की भर्ती और सेवा शर्तों को विनियमित करने के लिए उत्तराखंड वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई है।
धामी कैबिनेट के फैसलों से क्या संकेत मिलता है?
बनबसा में हुई इस कैबिनेट बैठक के फैसलों को व्यापक रूप से देखें तो सरकार का फोकस युवा रोजगार, कौशल विकास, भूमि अधिकार, एयर कनेक्टिविटी, वित्तीय अनुशासन, स्वास्थ्य सेवाओं, स्थानीय प्रशासन और कृषि-पशुपालन जैसे क्षेत्रों पर दिखाई देता है।
इनमें सबसे ज्यादा सीधे असर वाले फैसलों में करीब 1.19 लाख छात्रों के लिए कौशल संवर्धन योजना, पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार के लिए ₹66.2916 करोड़, भूमि अधिकार और विनियमितीकरण से जुड़े निर्णय तथा मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन/मानदेय से जुड़ा फैसला शामिल है।
बनबसा में कैबिनेट बैठक आयोजित किया जाना भी महत्वपूर्ण है। इससे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में कैबिनेट बैठकों के जरिए स्थानीय मुद्दों और क्षेत्रीय विकास की प्राथमिकताओं को शासन के स्तर पर सामने लाने की दिशा में सरकार का प्रयास दिखाई देता है।
धामी कैबिनेट के फैसले: एक नजर में
- मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, 2026 को मंजूरी
- करीब 1.19 लाख विद्यार्थियों को लाभ
- पांच वर्षों में करीब ₹200 करोड़ का खर्च
- पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विस्तार के लिए ₹66.2916 करोड़
- वर्ग-3 और वर्ग-4 भूमि से जुड़े मामलों में भूमिधरी अधिकार
- लालकुआं में संक्रमणीय भूमिधर अधिकार
- जौनसार-बावर में वर्ग-4 भूमि का विनियमितीकरण
- संपत्ति लेन-देन में PAN Verification
- राजकोषीय घाटे की सीमा GSDP का 3 प्रतिशत
- संचयी ऋण की अधिकतम सीमा GSDP का 30 प्रतिशत
- वन विभाग में विभागाध्यक्ष व्यवस्था में बदलाव
- छठवें राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश होगी
- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता से संबंधित अधिसूचना
- राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली में संशोधन
- सतर्कता अधिष्ठान के ढांचे का पुनर्गठन
- सार्वजनिक परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण की आय का 92 प्रतिशत संबंधित एजेंसी को
- उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026
- कुक्कुट आहार सब्सिडी का DBT भुगतान
- पशुपालन, डेयरी और मत्स्य विभागों के लिए महानिदेशक का नया पद
- निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानकों में संशोधन
- नरेंद्रनगर में उप निबंधक कार्यालय
- सौन्दर्याकरण उपशाखा को निक्षेपित करने का निर्णय
- उत्तराखंड जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली में संशोधन
- वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली, 2026
- राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर/जूनियर रेजिडेंट एवं डेमोंस्ट्रेटर के वेतन/मानदेय का पुनर्निर्धारण
FAQ: उत्तराखंड कैबिनेट के फैसले 2026
4 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक कहां हुई?
उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक 4 अक्टूबर 2026 को चंपावत जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई।
धामी कैबिनेट ने 4 अक्टूबर 2026 को कितने फैसले लिए?
कैबिनेट के आधिकारिक फैसलों के अनुसार राज्यहित से जुड़े 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना से कितने विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा?
इस योजना से राज्य के राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत लगभग 1.19 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना पर कितना खर्च होगा?
योजना पर पांच वर्षों में लगभग ₹200 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
पंतनगर एयरपोर्ट के लिए कितनी राशि मंजूर हुई?
पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तार से जुड़े कार्यों के लिए उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को ₹66.2916 करोड़ की अवशेष धनराशि जारी करने को मंजूरी दी गई।
क्या उत्तराखंड में संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान PAN Verification होगा?
हां। संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लेन-देन में क्रेता, विक्रेता और अन्य संबंधित पक्षों द्वारा दिए गए PAN के सत्यापन की व्यवस्था लागू की जाएगी।
उत्तराखंड में राजकोषीय घाटे की सीमा कितनी तय की गई है?
संशोधित प्रावधानों के तहत वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा GSDP के 3 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
क्या निजी विश्वविद्यालयों के नियम बदले हैं?
हां। निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में निर्मित क्षेत्र से जुड़े नए मानक तय किए गए हैं। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पृथक मूल्यांकन मानक भी निर्धारित किए जाएंगे।
