उत्तराखंड से संस्कृत को मिलेगी नई पहचान, सचिव दीपक कुमार नई पहल में जुटे

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उत्तराखण्ड संस्कृत को नई पहचान देने में लगा हुआ है। शासन के सचिव संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन, उत्तराखंड शासन दीपक कुमार के नेतृत्व में 1 से 3 जून 2026 के मध्य नई दिल्ली में भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में संस्कृत शिक्षा के संवर्धन, भारतीय ज्ञान परम्परा के वैश्विक प्रसार तथा नवीन शैक्षिक परियोजनाओं के साथ-साथ कार्यक्रम क्रियान्वयन पर भी व्यापक चर्चा हुई।

शुरू होंगे संस्कृत के सर्टिफिकेट कोर्स

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) की महानिदेशक के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार द्वारा भारतीय संस्कृति, कर्मकाण्ड, ज्योतिष, जन्मपत्रिका निर्माण तथा भारतीय ज्ञान परम्परा जैसे विषयों पर षाण्मासिक के साथ-साथ त्रैमासिक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम भी तैयार किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों को ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जाएगा तथा इनके वैश्विक प्रचार-प्रसार एवं नामांकन में ICCR सहयोग प्रदान करेगा। इससे संस्कृत में देश-विदेश में रोज़गार की संभावना को बल मिलेगा. साथ ही विदेश मंत्रालय के ICCR डीवीजन के सहयोग से 20-21 दिसम्बर 2026 को हरिद्वार संस्कृत विश्वविद्यालय में विश्व ध्यान दिवस के आयोजन का भी निर्णय लिया गया।

विदेशों में रोजगार के अवसर तलाशेंगे

विदेश मंत्रालय के साथ हुई बैठक में संस्कृत के विद्वानों एवं शिक्षकों को विदेशों में रोज़गार अवसर उपलब्ध कराने तथा संस्कृत में रचित वैश्विक महत्व की पुस्तकों के विभिन्न भाषाओं में अनुवाद हेतु सहयोग प्रदान करने पर विचार-विमर्श किया गया।

AI का भी करेंगे प्रयोग

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित परियोजनाओं को भारत AI मिशन के अंतर्गत प्रस्तुत करने तथा संस्कृत शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

संस्कृति मंत्रालय में विश्वविद्यालय की ओर से राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर आधारित एक महत्वपूर्ण शोध-परियोजना आर्थिक सहायता हेतु प्रस्तुत की गई। साथ ही उत्तराखंड के संस्कृत के मूर्धन्य आचार्य पंडित दिनेश जोशी जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से हरिद्वार में एक विश्वव्यापी गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा.

शिक्षा मंत्रालय के साथ बैठक में उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा परिषद, देहरादून को डिजिटाइज करने के विषय पर सकारात्मक चर्चा हुई।

संस्कृत शिक्षण केन्द्र स्थापित करने की टटोली संभावनाएं

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी के साथ हुई बैठक में उत्तराखण्ड में संस्कृत शिक्षा के विस्तार, पुस्तकालय विकास योजनाओं तथा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संस्कृत शिक्षण केन्द्र स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार करने के साथ-साथ संस्कृत ग्राम सुदृढीकरण एवं पायलट आधारित किसी एक जनपद को संस्कृत आच्छादित करने का सुझाव दिया गया। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को उपलब्ध छात्रवृत्तियों एवं शोधवृत्तियों के संबंध में भी आवश्यक जानकारी साझा की गई।

दिल्ली विस उपाध्यक्ष से मुलाकात

इसके अतिरिक्त दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री मोहन सिंह बिष्ट के साथ शिष्टाचार भेंट के दौरान उत्तराखण्ड एवं दिल्ली के मध्य संस्कृत शिक्षा के प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान सचिव दीपक कुमार के साथ उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ प्रकाश चंद्र पंत व डॉ सुमन प्रसाद भट्ट एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ सुनील जोशी भी उपस्थित थे। दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष महोदय ने उत्तराखण्ड में संस्कृत शिक्षा के विकास हेतु हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

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Alka Tiwari
Alka Tiwarihttps://khabardevbhoomi.com
अलका तिवारी पिछले तकरीबन बीस वर्षों से पत्रकारिता से जुड़ी हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ ही अलका तिवारी प्रिंट मीडिया में भी लंबा अनुभव रखती हैं। बदलते दौर में अलका अब डिजिटल मीडिया के साथ हैं और खबरदेवभूमि.कॉम में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

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