देहरादून। उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा विभाग में 18 उप शिक्षा निदेशकों को संयुक्त शिक्षा निदेशक के रिक्त पदों पर पदोन्नति दी गई है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अनुमोदन के बाद पदोन्नत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस संबंध में सचिव शिक्षा ज्योति यादव की ओर से पदोन्नति और पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं।
पदोन्नति के बाद कई जिलों में नए मुख्य शिक्षा अधिकारियों की तैनाती की गई है। विभाग के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाना और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
विजयपाल सिंह को सीमेट में विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी
पदोन्नति के बाद विजयपाल सिंह को सीमेट में विभागाध्यक्ष बनाया गया है। चंदन सिंह बिष्ट और गोविंद राम जायसवाल को महानिदेशालय विद्यालयी शिक्षा में संयुक्त निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है। गोविंद राम जायसवाल को प्रभारी अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
आकाश सारस्वत को प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), रुड़की बनाया गया है।
इन अधिकारियों को बनाया गया मुख्य शिक्षा अधिकारी
पदोन्नति और नई तैनाती के तहत विभिन्न जिलों में मुख्य शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी निम्न अधिकारियों को सौंपी गई है:
- जगदीश प्रसाद काला — देहरादून
- सुरेश चन्द्र आर्य — नैनीताल
- विनय आर्य — बागेश्वर
- प्रेमलाल भारती — उत्तरकाशी
- पुष्कर लाल टम्टा — ऊधमसिंह नगर
- चण्डी प्रसाद रतूड़ी — चम्पावत
- अमित कोटियाल — चमोली
- संजीव जोशी — हरिद्वार
अन्य अधिकारियों को भी मिली नई जिम्मेदारी
मंजू भारती को प्राचार्य, डायट देहरादून बनाया गया है। श्रीकांत पुरोहित को संयुक्त निदेशक, मध्याह्न भोजन की जिम्मेदारी दी गई है। पंकज शर्मा को निदेशालय माध्यमिक शिक्षा में संयुक्त निदेशक और शैलेन्द्र अमोली को संयुक्त निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा बनाया गया है।
तरुण कुमार पंत को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड में अपर सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, रणजीत सिंह नेगी को बाध्य प्रतीक्षा में रखा गया है। विभागीय प्रेस नोट के अनुसार, पौड़ी के मुख्य शिक्षा अधिकारी के सेवानिवृत्त होने के बाद रणजीत सिंह नेगी पौड़ी जिले की जिम्मेदारी संभालेंगे।
पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि विभागीय समीक्षा बैठकों में अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति के लंबित मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि पदोन्नत अधिकारियों के अनुभव और दक्षता से विभागीय कामकाज में तेजी आएगी और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

