देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में एक नए राजनीतिक विकल्प के रूप में राज्य स्वराज पार्टी की इंट्री हो गई है। गुरुवार 29 अक्टूबर को उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता ‘नए विकल्प का संकल्प’ में पार्टी की शुरुआत के साथ उसके चुनाव चिह्न ‘हीरा’ को भी लॉन्च किया गया। इस दौरान उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के सभी सदस्यों और पदाधिकारियों ने राज्य स्वराज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
प्रेस वार्ता में प्रदेश के विकास, जनहित और जनभागीदारी से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही गई। आयोजकों ने राज्य की राजनीति में नए विकल्प को आगे बढ़ाने और उत्तराखंड के स्वाभिमान से जुड़े मुद्दों पर काम करने का संकल्प व्यक्त किया।
उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के सदस्यों ने ली सदस्यता
कार्यक्रम में राज्य स्वराज पार्टी के संस्थापक सदस्य देवेश्वर भट्ट, वर्तमान अध्यक्ष भरत रावत, महासचिव राजेंद्र भट्ट, कोषाध्यक्ष चित्रपाल सजवान और प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी समीर सजवान मौजूद रहे।
उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के सभी सदस्यों और पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से राज्य स्वराज पार्टी की सदस्यता ली। इसे नए राजनीतिक संगठन के विस्तार और आगामी राजनीतिक गतिविधियों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
29 लोगों के पार्टी से जुड़ने का दावा
प्रेस विज्ञप्ति में पार्टी से जुड़ने वाले अन्य लोगों में अमित अग्रवाल, मनीष राणा, पवन हॉन्डा, संजू चमोला, विपिन पपोला, निधि पपोला, कमल, अमित क्षेत्री, पूर्व सैनिक सतेंद्र कुमार, पूर्व सैनिक घनश्याम, आशीष, गौरव, दिव्यांश असवाल, संदीप, अहसान, शुभम गौड़, दिव्यांश बिष्ट, जगत, संजय शर्मा, नैतिक, तेजस, अमित श्रीवास्तव, ललित श्रीवास्तव, पिंकू, राजेश, देवेंद्र बिष्ट, सुमित अग्रवाल, बलदेव भंडारी और हरदेव पंवार के नाम शामिल हैं।
‘नया संकल्प, नया विकल्प’ का दिया संदेश
राज्य स्वराज पार्टी के शुभारंभ और हीरा चुनाव चिह्न की लॉन्चिंग को कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बताया गया। आयोजकों ने कहा कि पार्टी उत्तराखंड के स्वाभिमान, जनहित और बेहतर भविष्य के उद्देश्य के साथ आगे बढ़ेगी। प्रेस वार्ता में ‘नया संकल्प, नया विकल्प’ के संदेश के साथ प्रदेश की राजनीति में अपनी भूमिका बनाने और जनभागीदारी को प्राथमिकता देने का संकल्प व्यक्त किया गया।

